Pawan Jury BhilwaraRj
किसी छह फुट गहरे गड्डे को खोदने में यदि 60 मिनिट लगते है तो इसे मिट्टी से फिर से भरने में कितना वक्त लगेगा ?
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शायद 5 मिनिट से ज्यादा नहीं लगेंगे। लेकिन यदि यह गड्डा 'राजनैतिक' हो तो इसे भरने में 1 मिनिट से भी कम समय लगेगा।
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कैसे ?
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पीवी नरसिम्हा राव और श्री मनमोहन सिंह जी ने 1991 में 'मॉरीशस रुट' नाम का एक गड्डा खोदा था। इस संधि के अनुसार यदि कोई विदेशी या अमेरिकी कंपनी मॉरीशस के माध्यम से भारत में निवेश करती है तो उसे भारत में कमाए गए मुनाफे पर किसी प्रकार का कोई आयकर एवं पूंजीगत लाभ कर नहीं चुकाने होगे। जबकि कोई भारतीय कम्पनी भारत से या अन्य किसी भी देश के माध्यम से अमेरिका में निवेश करती है तो उसे अमेरिका में लागू सभी कर चुकाने होंगे। 1991 से ही अमेरिकी कम्पनियां इस रुट का इस्तेमाल निवेश में करने में करती है, भारत में मुनाफा कमाती है और कर मुक्त मुनाफे के डॉलर भारत सरकार से ले जाती है।
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1991 से ही विदेशी कम्पनियां लाखों करोड़ कर मुक्त डॉलर इस रुट के माध्यम से देश से बाहर ले जा रही है। भारत में काम कर रही भारतीय कम्पनियां टैक्स चुकाती है जबकि मॉरीशस रुट से निवेश करने वाली विदेशी कम्पनियो को कोई टैक्स नहीं चुकाने होते। जब राव ने इस गड्डे को भरने से इंकार कर दिया तो राजीव भाई ने इस रुट को कैंसिल करवाने के लिए हाईकोर्ट में लम्बी लड़ाई लड़ी और हाईकोर्ट ने इस रुट को रद्द करने के आदेश जारी किये। लेकिन तब वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एक मेमो निकालकर आदेश को निष्प्रभावी कर दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट में बैठे विद्वान न्यायाधीशों ने मॉरीशस रुट को जारी रखने का आदेश दे दिया।
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आगे पढ़ने से पहले आपको पहले अपने कॉमन सेन्स से यह तय कर लेना चाहिए कि क्या आप ऐसे किसी क़ानून का समर्थन करते है --- जो विदेशी कम्पनियों को भारत में कर मुक्त व्यापार करने की अनुमति देता हो ?
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यदि आप यह तय नहीं कर पा रहे है तो, मैं इसे और भी स्पष्ट करता हूँ।
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मान लीजिए कि एक विदेशी कम्पनी 'X' ज्वेलरी का कारोबार करती है, और भारत में मॉरीशस रुट के जरिये भारत में 1 हजार करोड़ का निवेश करके 300 करोड़ का मुनाफा कमाती है। अब मान लीजिए कि ज्वेलरी कारोबार में ही एक भारतीय कम्पनी 'Y' है जो भारत में 1 हजार करोड़ लगा कर 300 करोड़ का मुनाफा कमाती है। तो विदेशी कम्पनी 'X' को भारत में आयकर नहीं चुकाने होंगे तथा भारत सरकार को इन 300 करोड़ के बदले डॉलर चुकाने होंगे, जबकि भारतीय कम्पनी 'Y' को 300 करोड़ पर 30% यानि 90 करोड़ के टैक्स का भुगतान करना होगा।
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इसके अलावा यह रुट काले धन की जननी भी है। काले धन और सफ़ेद धन में अंतर् क्या है ? यदि किसी आय पर टैक्स नहीं चुकाया जाता तो वह काला धन की श्रेणी में चला जाता है। क्योंकि यदि आप अपनी आय दिखा देंगे तो आपको आय पर टैक्स चुकाना होगा। आप टैक्स बचाना चाहते है, अत: अपनी आय छुपा लेते है। मतलब यदि कोई कम्पनी 'मॉरीशस रुट' के जरिये निवेश करती है तो उसे कानूनी रूप से ही कोई टैक्स नहीं चुकाने होते। यानि कि मॉरीशस रुट क़ानून रूप से काले धन को सफ़ेद बना देता है। आप मॉरीशस रुट के जरिये निवेश करते है और कोई टैक्स नहीं चुकाते। बाकी लोग टैक्स चुकाते है। कोई भी विदेशी कम्पनी भारत में मॉरीशस रुट के माध्यम से असीमित काले धन का निवेश कर सकती है। और करती भी है।
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अब आप पहले यह तय कीजिये कि -- क्या ऐसी स्थिति में भारतीय कम्पनी 'Y' विदेशी कम्पनी 'X' के मुकाबले कारोबार में टिक पाएगी ? यदि आपका मत है कि ऐसी स्थिति में भारतीय कम्पनिया बाजार से बाहर हो जायेगी तो आपको यह फैसला करना चाहिए कि क्या आप 'मॉरीशस रूट' का समर्थन करते है ?
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आगे श्री मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में भी यह मॉरीशस रुट जारी रहा और गड्डा गहरा होता गया। इतना ही काफी नहीं था, अत: हालात को और भी बदतर बनाने के लिए सोनिया घांडी ने 2013 में मनमोहन को सिंगापुर से भी ऐसी ही ट्रीटी बनाने का आदेश दिया, और श्री मनमोहन सिंह जी ने 'मॉरीशस रुट' की ही तर्ज पर 'सिंगापुर रुट' की भी शरुआत कर दी।
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इसी दौरान मोदी साहेब परिदृश्य में आते है और अपने चुनाव प्रचार में काले धन की रोकथाम लगाने का वादा करते है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे मॉरीशस की यात्रा करते है, और इस यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओ को पुचकारने के लिए 'मॉरीशस रुट समाप्त होना चाहिए' की घोषणा करते है। कार्यकर्ता उम्मीद करते है की अब मोदी साहेब लगातार गहरे होते जा रहे इन दोनों गड्ढों को जल्दी ही भरने का आदेश जारी करेंगे। लेकिन 2015 में मोदी साहेब मॉरीशस और सिंगापुर की ही तर्ज पर फिजी के साथ भी इसी प्रकार का समझौता कर लेते है। इस प्रकार इन दो गड्ढो को भरने की जगह मोदी साहेब देश को धंसाने के लिए एक नया गड्ढा और खोद देते है !!!
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कॉग्रेस ने पिछले 60 सालों में जो गड्ढ़े किये है उन्हें भरने में वक्त लगेगा --- ऐसा मोदी साहेब ने 2014 में अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कई रैलियों में कहा था। और इसी मन्त्र को मोदी साहेब के अंध भगत दो साल गुजरने के बाद भी लगातार दोहरा रहे है। उनका नारा है --- रूको, अभी देखो आगे क्या होता है , बी पॉजिटिव, जरूर होगा, जल्दबाजी मत करो, थोड़ी शान्ति रखो, कांग्रेस से बहुत सारे गड्ढ़े खोद के रखे है, उन्हें भरने में थोड़ा तो वक्त दो आदि आदि !!!
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तो मॉरीशस रुट के इस राजनैतिक गड्ढे को भरने में कितने समय की आवश्यकता है ?
सिर्फ एक दिन की !! हाँ सिर्फ एक दिन में ही इस क़ानून को कैंसिल किया जा सकता है।
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मोदी साहेब को इस सम्बन्ध में सिर्फ एक अधिसूचना जारी करनी है। और ऐसी अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही अगले दिन से यह रुट बंद हो जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस रुट को केंसल करने के लिए मोदी साहेब को न तो राज्य सभा में किसी बहुमत की आवश्यकता है न ही किसी प्रकार के संविधान संशोधन की। और यदि मोदी साहेब इसे बिल की तरह संसद से पास करना चाहते है तो संयुक्त अधिवेशन बुलाकर इसे पास किया जा सकता है। जानकारी रहे कि बीजेपी के पास संयुक्त अधिवेशन में क़ानून पास करने के लिए पर्याप्त संख्या है।
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आप 'मॉरीशस-सिंगापुर-फिजी रुट' को रद्द करवाने के लिए क्या कर सकते है ?
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१) इस लिंक को देखें ---- https://web.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/565918486919683
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इस लिंक में वह प्रारूप रखा गया है जिसे गैजेट में प्रकाशित करके इन समझौतों को रद्द किया जा सकता है।
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२) यदि आप इस प्रारूप को गैजेट में प्रकाशित करने का समर्थन करते है तो इस ड्राफ्ट को अपने नोट्स सेक्शन में रखें, तथा अपने सांसद को एसएमएस द्वारा आदेश भेजे कि इस ड्राफ्ट को गैजेट में प्रकाशित किया जाए।
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मॉरीशस रुट की तरह ही देश में ऐसे कई गड्ढ़े है जिन्हें कुछ ही दिनों के भीतर भरा जा सकता है। उदाहरण के लिए गरीबी मिटाने के लिए 'खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी नागरिकों के खाते में भेजने' के लिए, गौ हत्या रोकने के लिए, मंदिरों का प्रशासन सुधारने के लिए, सरकारी स्कूलों और चिकित्सालयों का स्तर बेहतर बनाने आदि के लिए आवश्यक कानूनों को सीधे गैजेट में प्रकाशित करके इन समस्याओं का निराकरण किया जा सकता है। इन सभी प्रक्रियाओं के कानूनी ड्राफ्ट्स हमने प्रस्तावित किये है जिन्हें इस फोटो के डिस्क्रिप्शन खण्ड में देखा जा सकता है --- https://web.facebook.com/photo.php?fbid=911238535661050&set=a.227009877417256.48763.100003247365514&type=3&theater
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