Pawan Jury BhilwaraRj

भारत के साथ शांति प्रक्रिया बंद हो चुकी है। क्योंकि भारत पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाता है। पठानकोट हमला भी भारत द्वारा किया गया ड्रामा है -- बासित अली, पाकिस्तानी उच्चायुक्त।
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he said, -- 'peace process suspended'
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( अली ने ये नहीं कहा है कि 'बातचीत बंद है' या 'बातचीत की अमुक शर्ते है'। उनका कहना है कि 'शान्ति प्रक्रिया' के रास्ते बंद हो चुके है। इसका मतलब है अली कह रहे है कि 'हम युद्ध के लिए तैयार है'। )
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मोदी साहेब की असली 'कूटनीति' की परीक्षा अब है। यदि वे बातचीत तोड़ देंगे तो पाकिस्तान की 'कूटनीति' में फंस जाएंगे। और पाकिस्तान बातचीत के लिए साफ़ इंकार कर चुका है। या हो सकता है मोदी साहेब ने ही बासित अली को अपनी 'कूटनीति' के तहत ऐसा बयान देने के लिए उकसाया हो ? या पाकिस्तान मोदी साहेब की 'कूटनीति' के कारण खुद ही अपनी 'कूटनीति' में फंसता जा रहा है ? क्या ये पाकिस्तान को एक्सपोज करने की मोदी साहेब की कोई नयी 'कूटनीति' है ?
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मेरे हिसाब से मोदी साहेब की 'कूटनीति' यह होगी कि वे अब चुप्पी साध लेंगे। ताकि कोई उनकी 'कूटनीति' को भांप न सके। फिर 2-4 महीने बाद धीरे से बातचीत की पेशकश करके पाकिस्तान को अपनी शान्ति वार्ता की 'कूटनीति' में फंसा कर बातचीत के लिए राजी कर लेंगे। यदि पाकिस्तान बातचीत तोड़ने के लिए फिर से भारत पर आतंकवादी हमला करता है और भारत के 10-20 जवान फिर से शहीद हो जाते है तो मोदी साहेब अपनी 'अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति' के तहत पाकिस्तान पर फिर से दबाव बनाएंगे और अबके खुद आगे होकर बातचीत बंद कर देंगे। और 4-6 महीने बाद पाकिस्तान पर और ज्यादा 'कूटनीतिक' दबाव बनाने के लिए फिर से बातचीत शुरू कर देंगे।
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आपको कुछ समझ नहीं आ रहा है तो इसमें दोष आपका ही है। आप मोदी साहेब की 'कूटनीति' को इतनी आसानी से समझ लेंगे तो मोदी साहेब की कूटनीति के मायने ही क्या रहेंगे।
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इतना समझिए कि तब तक 2019 के चुनाव आ जाएंगे, और चुनाव प्रचार के दौरान मोदी साहेब पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजा देंगे। और गलती से भी अगर बीजेपी विपक्ष में आ गयी तो समझो पाकिस्तान ख़त्म है। यही असल "कूटनीति" है।
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