Pawan Jury BhilwaraRj
भूमाता ब्रिगेड ने अब त्रयम्ब्केशवर महादेव मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास किया है।
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भूमाता ब्रिगेड की 5-7 दर्जन महिलाएं आजकल देश के उन विभिन्न मंदिरो में प्रवेश करने के लिए आंदोलन छेड़े हुए है। जाहिर है इन्हें मिशनरीज से अनुदान आ रहे है, वरना 2 लाख गौ-भक्तो के जमावड़े को कवरेज न देने वाला मिडिया इन वीरांगनाओ के साथ साथ कैमरे लेकर नही चलता था।
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http://www.huffingtonpost.in/2016/03/07/bhumata-trimbakeshwar_n_9397772.html
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अभी यह प्रारम्भिक चरण में है, लेकिन जल्दी ही तृप्ति देसाई कन्हैया और हार्दिक पटेल के स्तर पर उभर सकती है। मंदिरो की प्रतिष्ठा गिराने के अलावा इनकी भूमिका वोट कटुआ की भी है। और नुकसान मोदी साहेब को ही होगा।
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समाधान -- यह है कि मंदिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए और 'राष्ट्रिय देवालय ट्रस्ट अधिनियम' को गैजेट में प्रकाशित किया जाए। ताकी मंदिरो के ट्रस्टियों पर समुदाय का नियंत्रण रहे और वे बहुमत से यह तय करे कि किन मंदिरो में किस सीमा तक महिलाओ को प्रवेश दिया जाना चाहिए। मैं महिलाओ के मंदिर में प्रवेश करने का विरोधी नही हूँ , किन्तु जिन मंदिरो में शास्त्रोक्त आधार पर महिलाओ के गर्भ गृह आदि में प्रवेश करना निषेध है, उन्हें श्रधालुओ के बहुमत द्वारा तय किया जाना चाहिए।
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राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट' के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/834842886633949
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