Pawan Jury BhilwaraRj
बीजेपी सांसद हेमामालिनी को 40 करोड़ की जमीन सिर्फ 70 हजार रूपये में मिली है।
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पूरी संभावना है कि मोदी साहेब ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस को यह आदेश दिया होगा कि हेमामालिनी को 40 करोड़ का भूखंड सिर्फ 70 हजार में दे दो। देखना है कि भूखंड का आवंटन बीजेपी सरकार ने किया था या कोंग्रेस ने।
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हेमामालिनी को अँधेरी के ओशिवाडा में 2000 वर्ग मीटर का प्लाट सिर्फ 70 हजार में दिया गया ---
http://timesofindia.indiatimes.com/india/Hema-Malini-given-2000-square-metre-plot-in-Oshiwara-in-Andheri-for-just-Rs-70000/articleshow/50767914.cms?utm_source=facebook.com&utm_medium=referral&utm_campaign=TOI
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प्रत्येक संघ का स्वयंसेवक, बीजेपी समर्थक और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का कार्यकर्ता जमीनों की जारी इस लूट का समर्थन करता है, और सभी मोदी अंध भगत भी इस बात पर सहमत है कि जमीनों की इस तरह कि लूट मोदी सरकार के दौरान भी जारी रहनी चाहिए।
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सांसद हेमामालिनी का कहना है कि वे जमीन का उपयोग डांस एकेडमी खोलने में करेंगी। ठीक है, लेकिन वे इसके लिए मुफ्त की जमीन क्यों चाहती है ? क्योंकि वे भारत के शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देंगी और गरीब बच्चो को मुफ्त में थिरकना सिखाएंगी !!! हद है !
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कोंग्रेस के नेताओं को 'सेकुलरिज्म' के नाम पर और बीजेपी को 'भारतीय संस्कृति को बचाने और राष्ट्रवाद' के नाम पर जमीनों को लूटने में महारत हासिल है।
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जबकि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए जमीनों की लूट को जारी रखना चाहती है।
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समाधान ?
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1. समाधान के लिए मेरा प्रस्ताव है कि, भारत कि सभी जमीनों के स्वामित्व सम्बन्धी अभिलेख और उनके मालिको के नाम सार्वजनिक किये जाए, ताकि जनता को यह मालूम हो सके कि देश की कितने प्रतिशत जमीनों पर किन लोगो ने वैध या अवैध कब्ज़ा किया हुआ है। यह प्रक्रिया राईट टू रिकॉल भू-राजस्व अधिकारी के कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित करके लागू की जा सकती है। प्रस्तावित ड्राफ्ट यहाँ देखें ----
https://web.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152319551996922
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2. एम आर सी एम --- इस क़ानून के लागू होने से भारत सरकार के नियंत्रण में मौजूद सभी सरकारी भूखंडो से प्राप्त होने वाला किराया भारत के नागरिको के खाते में भेजा जा सकेगा। इस क़ानून के लागू होने के बाद सरकार किसी भी जमीन को 5 से 50 वर्ष के लिए सिर्फ किराए पर ही दे सकेगी, जमीनों को बेच नहीं सकेगी। और किराए से प्राप्त होने वाली राशि सीधे नागरिको के खाते में जमा कर दी जायेगी। ऐसा होने से यदि कोई सरकार औने पौने दामो में सरकारी जमीने लुटाती है तो नागरिक तुरंत सक्रीय हो जायेंगे और राईट टू रिकॉल प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का प्रयोग करते हुए या तो पीएम-सीएम पर दबाव बनायेंगे या उन्हें नौकरी से निकाल देंगे। खनिजो से प्राप्त रोयल्टी और सरकारी भूखंडो से प्राप्त होने वाला किराया सीधे नागरिको के खाते में भेजने के लिए प्रस्तावित एम आर सी एम क़ानून का प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट यहाँ देखें ---- www.facebook.com/pawan.jury/posts/811075642344007
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3. 1500 नागरिको कि ज्यूरी नियुक्त की जाए जो यह फैसला करेगी कि -- क्या आवंटित जमीन फिर से ले ली जानी चाहिए या नहीं। ज्यूरी सिस्टम के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट के लिए यह लिंक देखें ------- www.facebook.com/pawan.jury/posts/809746209143617
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तो इन समाधानों के लिए आप आज कि तारीख में क्या कदम उठा सकते है ?
कृपया अपने सांसद को इन तीनो कानूनों के लिंक एस एम एस द्वारा भेजे। तथा एक अन्य एस एम एस में अपनी मतदाता संख्या लिख कर भेजे।
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कोंग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भारत में चलाई जा रही जमीनों कि लूट का तो विरोध करते है, लेकिन सोनिया घांडी-मोदी साहेब और केजरीवाल के सरंक्षण में जारी इस लूट का वे पूरा समर्थन करते है।
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यह भी उल्लेखनीय है कि, प्रत्येक कोंग्रेस कार्यकर्ता, प्रत्येक बीजेपी कार्यकर्ता, प्रत्येक संघ का अंध सेवक, प्रत्येक आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता और प्रत्येक भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का कार्यकर्ता ज्यूरी सिस्टम, राईट टू रिकॉल कानूनों का खुले आम विरोध करता घूम रहा है। इसीलिए देश की व्यवस्था सुधारने के प्रति गंभीर कार्यकर्ताओं को अपना समय और उर्जा इन संगठनो के अनुत्पादक कार्यों पर खर्च करने से बचना चाहिए।
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कृपया अपने सांसद को एस एम एस द्वारा यह आदेश भेजे कि उपरोक्त कानूनों को गेजेट में प्रकाशित किया जाए।
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