Pawan Jury BhilwaraRj

नेशनल हेराल्ड भी मेगी की तरह फुस्स मामला है।
.
१
.
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया, राहुल, पित्रोदा आदि के ऊपर किसी भी प्रकार का कोई भी कानून तोड़ने का मामला नहीं बनता। उन्हें क्लीन चिट मिलनी ही है।
.
नेशनल हेराल्ड एक ट्रस्ट है जिसकी ट्रस्टी कांग्रेस पार्टी थी, तथा इस ट्रस्ट के पास कई सौ करोड़ की संपत्ति और देनदारी है। देनदारी तो 90 करोड़ ही है, किन्तु सम्पत्ति लगभग 2000-5000 करोड़ की है।
.
सोनिया, राहुल, पित्रोदा, ऑस्कर और वोरा ने एक नया ट्रस्ट 'X' खोलकर इसे टेकओवर कर लिया। इस अधिग्रहण से हेराल्ड की सारी लेनदेन और संपत्तियां नए ट्रस्ट 'X' की हो गयी। सोनिया और राहुल 'X' में 76% के हिस्सेदार है।
.
तो जो ट्रस्ट पूरी कांग्रेस पार्टी के नियंत्रण में था, उसे सोनिया, राहुल आदि ने अन्य 5 लोगो के साथ मिलकर खुद के नियंत्रण में ले ले लिया।
.
यहां नुकसान कांग्रेस पार्टी और उनके सदस्यों को हुआ है, लेकिन वे खामोश है। स्वामी ने मुकदमा दायर किया है, लेकिन वे इन दोनों ट्रस्टो से सम्बद्ध नही होने के कारण नुक्सान का दावा नहीं कर सकते।
.
यदि अब सोनिया और राहुल इस ट्रस्ट की संपत्तियां बेच देते है तो सारी संपत्तियां सरकार को चली जायेगी, ऐसा क़ानून है। मतलब वे इस ट्रस्ट से कोई भी मूर्त लाभ कमाने की स्थिति में नहीं है।
.
तो सोनिया, राहुल ने क्या घोटाला किया !!
.
यदि कोई छोटी मोटी अनियमितता भी पायी गयी तो स्वामी कोर्ट से फटकार लगवाकर मुकदमा खत्म कर लेंगे। स्वामी इसी की खाते है।

=============

२
.
चूंकि सोनिया, राहुल आदि आदतन घोटालेबाज है, अत: एन वक़्त पर इस मामले में भी कोई घोटाला निकल आये तो आश्चर्य का विषय नहीं है। लेकिन दिक्कत यह है कि दोषी होने के बावजूद ये लोग जज को खरीद लेंगे और बरी हो जायेंगे।
.
तो मेरा कहना है कि देश की मतदाता सूचि में से रेंडमली 1500 नागरिको की ज्यूरी बुलाई जाए और यही ज्यूरी इस मुक़दमे की सुनवाई करे। जरुरत हो तो सोनिया और राहुल का नार्को टेस्ट भी ले, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस तरीके से यह तय है कि माँ-बेटे को अपनी कलाकारी दिखाने का अवसर नहीं मिलेगा और यदि ये दोषी है तो जेल के हवाले हो जाएंगे।
.
लेकिन समस्या यह है कि सुब्रह्मनियम स्वामी और उनके अंधभगत मोदी-भगतो के साथ मिलकर ज्यूरी द्वारा सुनवाई का विरोध कर रहे है। ये चाहते है कि इस मामले की सुनवाई भ्रष्ट जज ही करें, ताकि अव्वल तो मुकदम 20-30 साल तक चलता रहे , और जब फैसला आये तो ये लोग कह सकें कि सोनिया और राहुल जज को पैसे खिलाकर छूट गए।
.
असल में बीजेपी और स्वामी यह बात समझते है कि गांधी परिवार द्वारा पिछले 10 साल में किये गए उन मामलो में कोई जांच नहीं करवानी है, जिनमे वो वाकई में फंस जायेंगे। इसलिए वे नेशनल हेराल्ड जैसे पोचे मामलो को उछालकर अंशकालिक श्रेय लूट रहे है।
.
कांग्रेस मुक्त अभियानी अभी खुश है, और ज्यादा खुश तब होंगे जब यह मामला कोर्ट में फुस्स हो जाएगा।
.
______________________