Pawan Jury BhilwaraRj
देश की हालत यह है कि कोई नेता अगर गंभीर और महत्त्वपूर्ण बात कहता है तो भी केसरिया और हरे चश्मो से देखने के आदि लोग उसे गंभीरता से नहीं लेते !!
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फारूक अब्दुल्ला ने सही कहा है की भारत की सेना की हैसियत आतंकवादियों से लड़ने की नहीं है, बशर्ते अमेरिका या रूस भारत को हथियारो की आपूर्ति रोक दे। भारत के सैनिक साहसी है लेकिन उनके पास हथियार नहीं रहने से वे टिक नहीं सकेंगे। और हथियार हम बनाते नहीं। इसी बीच यदि अमेरिका या चीन आतंकी समूहों को हथियारों की मदद दे देता है तो भारत की हालत भी ईराक जैसी हो जायेगी।
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भारत और पाकिस्तान दोनों की सेनाएं आधुनिक हथियारों के मामले में परजीवी है अत: जीतेगा वही जिसे नेटो या रूस या चीन हथियार देंगे।
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और यदि भारत और पाकिस्तान खुद के दम पर लड़े तो कौन जीतेगा ?
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पाकिस्तान के पास लगभग 3 करोड़ AK-47 है जबकि भारत के पास 25 लाख ! (*यह तथ्य है)
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इसको इस तरह से समझे
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यदि आमने सामने की लड़ाई होती है तो भारत अपने 25 लाख सैनिको को मोर्चे पर भेज सकता है, जबकि पाकिस्तान अपने 3 करोड़ नागरिको को जंग के मैदान में उतार सकता है।
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25 लाख के मुकाबले 3 करोड़ !! कौन जीतेगा आप खुद अंदाजा लगा सकते है।
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यदि आप कहते है कि पाकिस्तान जीत जाएगा तो आपसे देश छोड़कर पाकिस्तान जाने के लिए कहा जा सकता है।
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