Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Pawan Jury BhilwaraRj:
हे मोदी अंधभक्तों,
.
१) महात्मा अरविंद गांधी ने हिन्दुओं से क्यों कहा कि 'दिवाली पर आतिशबाजी न करें' ?
.
२) बीजेपी के केंद्रीय मंत्री ने हिन्दुओ से 'दीपावली पर फटाके नही चलाने की अपील क्यों की' ? (ये और बात है कि, इन्ही हर्षवर्धन ने चुनाव जीतने पर अपने समर्थको को आतिशबाजी करने के लिए उकसाया था )
.
३) ऐसा क्यों है कि मोदी साहेब ने दिवाली पर आतिशबाजी करने, यहां तक कि फुलझड़ी चलाने से भी परहेज किया ?
.
प्रश्न (१) का उत्तर सीधा है। महात्मा अरविन्द गांधी सऊदी अरब और मिशनरीज़ के एजेंट है। इसलिए वे हिन्दू परम्पराओ को नष्ट करने को प्रोत्साहन करते है।
.
लेकिन प्रश्न (२) और (३) का स्पष्टीकरण आप रख सके तो बेहतर होगा।
.
*कृपया प्रदुषण जैसे बेतुके तर्क प्रस्तुत न करें।
.
=========
.
बीजेपी-कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता हिन्दुओ को दिवाली (ख़ास तौर से दिवाली पर ही) फटाके नहीं चलाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे है।
.
महात्मा अरविन्द ने इस सम्बन्ध में अपील का वीडियो जारी किया है --
https://www.facebook.com/AamAadmiParty/videos/591479870951777
.
हर्षवर्धन इस विषय पर पहले ही अपील जारी कर चुके है --
http://indianexpress.com/article/cities/delhi/enforce-sc-ban-ensure-silent-diwali-in-delhi-harsh-vardhan-to-lt-governor/
.
मोदी साहेब और भागवत भी महात्मा अरविन्द से इत्तेफाक रखते है, कि हिन्दुओ को दिवाली पर आतिशबाजी नही करनी चाहिए। इसलिए मोदी साहेब और भागवत ने ऐसी कोई अपील जारी नहीं कि है कि, 'हिन्दूओ के प्रमुख पर्व दिवाली पर आतिशबाजी करने की परम्परा रही है, अत: सुरक्षा मानको का पालन करते हुए आतिशबाजी करें'।
.
सिर्फ राईट टू रिकॉल ग्रुप ही है जो लोगों से सुरक्षा मानको के अनुरूप आतिशबाजी करने की अपील कर रहा है (हवाई, मिर्ची बम और रॉकेट जैसी आपद आतिशबाजी का बहिष्कार किया जाना चाहिए)
.
लेकिन मोदी साहेब ने फुलझड़ी चलाने से भी इंकार कर दिया है !!!
.
आप अनुमान लगा सकते है कि 'कौन हिन्दू और हिंदुत्व का विरोधी है, और कौन समर्थक'
.
========
.
हमेशा की तरह इस दिवाली पर भी मैंने आतिशबाजी की। चूंकि दिवाली आतिशबाजी का त्यौहार है अत: सभी को हवाई, मिर्ची बम रॉकेट आदि से परहेज करते हुए निरापद श्रेणी के फटाके अवश्य चलाने चाहिए।
.
महात्मा अरविंद गांधी और बीजेपी के केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन जैसे हिन्दू-विरोधी नेता हिन्दुओ को यह समझाने में लगे है कि "किसी को भी दिवाली पर फटाके नहीं चलाने चाहिए'। हालांकि चुनाव जीतने पर इन दोनों ही नेताओ ने अपने समर्थको से खूब आतिशबाजी करने के लिए उकसाया था !!!
.
फटाको की लागत ज्यादा नहीं आती। लेकिन मध्यस्थों के द्वारा ऊँचा मुनाफ़ा जोड़ देने से ग्राहकों को इनके ज्यादा दाम चुकाने पड़ते है। इसके लिए हमें ऐसे कानूनो की जरूरत है जिससे छोटे कारोबारी अपने खुद के ब्रांडनेम और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करके कम लागत पर फटाको को उत्पादन कर सके। इसके अलावा हमे ऐसे ऑफ़लाइन/ऑनलाइन सिस्टम की रचना की जरुरत है जिससे बिचौलियों की भूमिका घटे।
.
हिंदु-विरोधी तत्व हिन्दुओ को यह समझाने की कोशिश करते है कि उन्हें 'दिवाली पर आतिशबाजी करने की जगह गरीबो की मदद करनी चाहिए'। और यही लोग खनन रॉयल्टी को नागरिको के खाते में भेजे जाने के क़ानून 'DDMRCM' का विरोध करते है। वे जानते है कि खनन रॉयल्टी नागरिको के खाते में भेजने से गरीबी सिर्फ 3 महीने के भीतर घट जायेगी, लेकिन वे इस क़ानून का विरोध करते है। मतलब ये कपटी लोग जहां एक और हिन्दुओ के विरोधी है इसलिए गरीबी का बहाना लेकर ये हिन्दुओ को दिवाली पर फटाके चलाने से रोकने की कोशिस करते है।
.
इसके अलावा, कृपया अन्य धर्मो जैसे कि इस्लाम तथा ईसाई की उन धार्मिक परम्पराओ का विरोध भी न करें जो कि लागू कानूनो का उल्लंघन नहीं करती। मिशनरीज़ और सऊदी अरब के सिर्फ कुछ दलालों द्वारा हिन्दू धर्म की परम्पराओं को त्याग देने के उकसावे में आकर हमें प्रतिक्रियास्वरूप अन्य धर्मो की रीतियों के विरोध का आश्रय नही लेना चाहिए।
.
दीपावली और नव वर्ष की शुभकामनाएं।
.