Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

मिडिया में एफडीआई का दिवाली से क्या सम्बन्ध है ?
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पिछले कई दशको से आप दिवाली के दिनों में न्यूज़ चेनल्स पर देखते आये थे कि, आतिशबाजी करने के लिए सूती और चुस्त कपड़ो का इस्तेमाल करना चाहिए, जल जाने पर अमुक कदम उठाने चाहिए, फटाके खुली जगह में और सुरक्षित दूरी से चलाने चाहिए आदि।
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लेकिन अब मीडया के सभी चेनल्स पिछले 48 घंटे से टीवी पर यह समझाने की कोशिश कर रहे है कि फटाके क्यों नहीं चलाने चाहिए और आतिशबाजी से किस तरह प्रदुषण और कचरा फैलता है !!!
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अचानक आतिशबाजी, खासकर दिवाली पर की जाने वाली आतिशबाजी पर्यावरण और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गयी है !!
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मुझे नहीं समझ आया क्यों ? लेकिन चूंकि दिवाली पर पूरा परिवार एकत्र रहता है, अत: शाम 6 से 8 बजे के बीच कंडोम के उत्तेजक विज्ञापनों का न्यूज चेनल्स पर कई बार प्रसारण किया गया।
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सकारात्मक कवरेज की मिडिया दलाली के सबसे बड़े लाभार्थी मोदी साहेब है।
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