Pawan Jury BhilwaraRj

कुछ लोगो की शिकायत है कि सवेरे उठ कर 'कोलगेट' से दांत मांज कर, 'नेस्केफे' की कोफ़ी पी, 'मेगी' का नाश्ता करके, 'सैमसंग' के मोबाइल से 'फेसबुक' पर रोज स्वदेशी बचाओ के स्टेटस अपडेट करने के बावजूद विदेशी कम्पनियो का दबदबा क्यों बढ़ता जा रहा है ?
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क्योंकि ये लोग राजीव भाई की तरह देश की स्वदेशी इकाइयों के तकनिकी विकास के लिए आवश्यक राईट टू रिकाल कानूनो की मांग नहीं कर रहे है। बल्कि अपनी सारी शक्ति विदेशी कम्पनियो को कोसने में और स्वदेशी अपनाओ के नारे लगाने में ही गवां दे रहे है।
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कुछ रंगे हुए सियार है जो कि स्वदेशी के नाम पर धंधा कर रहे है, और कुछ अल्पज्ञ। बचे हुए महानुभाव सोनिया-मोदी और केजरीवाल जैसे उन नेताओ के अंधभगत है, जो भारत में विदेशी कम्पनियो को बढ़ावा दे रहे है।
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