Pawan Jury BhilwaraRj

टीसीपी : पारदर्शी शिकायत प्रणाली का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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प्रिय सांसद/विधायक,

अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा यू.आर.एल. मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है)

एस.एम.एस. भेजने वाला आपको निम्नलिखित कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है -

===== प्रस्तावित प्रक्रिया-ड्राफ्ट जो राजपत्र में छपवाना है, उसका आरम्भ =======

धारा संख्या #

[अधिकारी जिसके लिए निर्देश]

प्रक्रिया

1.

[कलेक्टर (और उसके क्लर्क) के लिए निर्देश ]

कोई भी नागरिक मतदाता, यदि खुद हाजिर होकर, एफिडेविट पर अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी / भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद / कोई प्रस्ताव या कोई अन्य एफिडेविट कलेक्टर को देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो कलेक्टर (या उसका क्लर्क) उस एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर, सीरियल नंबर देकर, एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा, नागरिक के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ, ताकि सभी बिना लॉग-इन के वे एफिडेविट देख सकें ।

2.

[पटवारी (तलाटी, लेखपाल)]

(2.1) कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क (फीस) लेकर, तो पटवारी नागरिक का मतदाता कार्ड संख्या, नाम, उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करके रसीद दे देगा ।
नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी । गरीबी रेखा के नीचे के नागरिकों के लिए फीस 1 रूपये होगी ।

(2.2) नागरिक पटवारी के दफ्तर जाकर किसी भी दिन अपनी हाँ या ना, बिना किसी शुल्क (फीस) के रद्द कर सकता है और तीन रुपये देकर बदल सकता है ।

(2.3) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम भी बना सकता है, जिससे मतदाता का फोटो, अंगुली के छाप को रसीद पर डाला जा सके | और मतदाता के लिए फीडबैक (पुष्टि) एस.एम.एस. सिस्टम बना सकता है |

(2.4) प्रधानमंत्री एक ऐसा सिस्टम बना सकता है, जिससे मतदाता अपनी हाँ या ना, 10 पैसे देकर एस.एम.एस. द्वारा दर्ज कर सके |

3.

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ये कोई रेफेरेनडम (जनमत-संग्रह) नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, जज, सांसद, विधायक, अदि पर अनिवार्य (जरूरी) नहीं होगी । लेकिन यदि भारत के 40 करोड़ नागरिक मतदाता, कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करें, तो प्रधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे भी सकते हैं या ऐसा करना उनके लिए जरूरी नहीं है, या प्रधानमंत्री इस्तीफा दे सकते हैं । उनका निर्णय अंतिम होगा ।

====== प्रस्तावित प्रक्रिया ड्राफ्ट जो राजपत्र में छापना है उसकी समाप्ति ==========

मांग किये गये इस टी.सी.पी - पारदर्शी शिकायत / प्रस्ताव सिस्टम सरकारी आदेश का सार है :-

1. यदि नागरिक चाहे, तो अपनी फरियाद / शिकायत / प्रस्‍ताव 20 रूपये प्रति पेज देकर कलेक्टर की कचहरी जाकर अपने वोटर आई.डी. नंबर के साथ प्रधानमंत्री वेबसाइट पर स्कैन करवा सकेगा । इस शिकायत को बिना लॉग-इन किये सभी आम नागरिक देख सकेगें |

2. यदि नागरिक चाहे तो 3 रुपये का शुल्क देकर धारा 1 में दी गई फरियाद / शिकायत / प्रस्‍ताव पर अपनी हाँ/ना प्रधानमंत्री वेबसाइट पर दर्ज करवा सकेगा । और उस नागरिक की हाँ / ना पधानमंत्री की वेबसाइट पर नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ दिखाई देगी | यह हाँ-ना दर्ज कराने की कीमत 3 रूपये से घटकर 10 पैसे हो जायेगी, जब यह प्रकिया एस.एम.एस. पर आ जायेगी | नागरिक अपना मत किसी भी दिन रद्द कर सकता है या बदल सकता है इस कारण ये प्रक्रिया ना तो पैसों द्वारा खरीदी जा सकती है, ना ही गुंडों या मीडिया द्वारा प्रभावित की जा सकती है |

3. हाँ / ना पधानमंत्री पर अनिवार्य नहीं है |