Pawan Jury BhilwaraRj
पोर्न - बेन या प्रचार !!!
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मैगी काण्ड से सबक यह है कि अब मोदी साहेब जाने/अनजाने पोर्न का प्रचार करवा रहे है। कोई घोंघा भी बता देगा कि पोर्न को बेन नही किया जा सकता। न किसी सरकार की इच्छा है, न ही केपेसिटी। जो किया जा रहा है वह यह कि, पोर्न शब्द के साथ एक पुछल्ला शब्द 'बेन' लगा कर इसका प्रचार किया जा रहा है। ताकि सार्वजनिक मंचो पर सभी लोग 'बेन' शब्द के झंडे तले पोर्न पर चर्चा करे।
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कोई भी मंच/संगठन/व्यक्ति/पेड मिडिया आदि इस विषय पर कोई बहस शुरू नही कर सकता। इसलिए छत्ता छेड़ने का काम सरकार ही कर सकती थी। बाकी काम मोदी-अंध भगत संभाल ही ले रहे है। इससे पहले इस शब्द को मुख्य धारा में चर्चा का विषय बनाने का श्रेय लियोनि को था, लेकिन तब भी एक सीमा बनी रही। मोदी साहेब ने कसर पूरी कर दी। तड़का मिडिया लगा ही दे रहा है।
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कहने की जरुरत नही कि ऐसे मामले को बेन इस तरह किया जाता है कि जो पोर्न सर्फ़ करते है, उन्हें यह महसूस हो कि पोर्न साइट्स एक्सेस नही हो। जबकि हो ठीक उल्टा रहा है। 56 लाख साइट्स में से 800 को बेन करके मोदी साहेब अपनी भद पिटवा रहे है। और लोग चुहल कर रहे है कि, 'अरे देख, चालू तो है, किसने कहा बेन हो गया' ।
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8 साल का बालक पूछ रहा है, बेन तो ठीक है मम्मी, पर यह पोर्न क्या है ?
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भई बेन करना है तो कर ही दो न। बेन से ज्यादा प्रचार क्यों करवा रहे हो ??
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ये मोदी साहेब की या तो सबसे घटिया हरकत है, या सबसे बड़ी लाचारी।
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