Pawan Jury BhilwaraRj

अति पिछड़े वर्ग तथा संपन्न वर्ग के लिए आरक्षण हेतु राईट टू रिकाल ग्रुप द्वारा प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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नागरिक बन्धुओ,

राईट टू रिकाल ग्रुप ने आरक्षण की वर्तमान विसंगतियों को दूर करने तथा दलितों की सहमती से आरक्षण को कम करने के लिए विभिन्न कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है । दलितों की सहमती से आरक्षण कम करने के मुख्य प्रस्ताव को आप निम्नांकित लिंक पर देख सकते है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao
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यह स्तम्भ अति पिछड़े व संपन्न वर्ग के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट के बारे में है । आरक्षण के वर्तमान प्रावधानों से दलित वर्ग के अति पिछड़े वर्ग को प्रयाप्त लाभ नही मिल पा रहा है, जबकि संपन्न वर्ग (क्रीमीलेयर) आरक्षण के लाभों का ज्यादा उपयोग कर रहा है ।
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उदाहरण के लिए ST वर्ग में 10 उप जातियां जैसे भील तथा मीणा शामिल है । यदि ST वर्ग में भीलो की आबादी 50% तथा मीणा की आबादी 30% है तो भीलो को भी इसी अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए । किन्तु यदि ST वर्ग में आरक्षण का लाभ लेकर मीणा जाति ने 60% प्रतिनिधित्व प्राप्त कर लिया है तो इसका दुष्प्रभाव यह होगा कि ST वर्ग की अन्य जातियां पिछड़ी हुयी ही रहेगी, जबकि पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त कर चुकी जातियों का प्रतिनिधित्व बढ़ता जाएगा ।
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इसी तरह SC/ST/OBC वर्ग में जो व्यक्ति संपन्न हो चुके है, उनके लाभों को घटाकर उसी वर्ग के शेष पिछड़े हुए व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए ।
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इन व्यवस्था को लागू करने के लिए हमें सबसे पहले एक जातिय जनगणना की आवश्यकता है, ताकि प्राप्त आंकड़ो के आधार पर न्यायोचित व्यवस्था बनायी जा सके । इस ड्राफ्ट में जातिगत आधार पर जनगणना के लिए भी निर्देश शामिल किये गए है ।
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यदि आपको इस प्रस्तुत ड्राफ्ट के स्पष्टीकरण से सम्बंधित किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है, तो कृपया अपने शहर में स्थित किसी भी रिकालिस्ट या राईट टू रिकाल ग्रुप के कार्यकर्ता से संपर्क करें । वे आपको इस ड्राफ्ट को समझने में सहयोग करेंगे । आप संपर्क करने के लिए उन्हें राईट टू रिकाल ग्रुप के फेसबुक समुदाय पर खोज सकते है । आप उन्हें फोन कर सकते है, उनसे मिल सकते है या फेसबुक समुदाय पर उनसे संवाद कर सकते है । यदि आप इस प्रस्तावित ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश करें कि इस कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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======सांसद को भेजे जाने वाले SMS आदेश का ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in http://tinyurl.com/AarakshanGhatao2
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=====SMS ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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सांसद के लिए सूचना
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सांसद महोदय, यदि आपको SMS द्वारा इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए सन्देश प्राप्त होता है तो, इसे सन्देश भेजने वाले मतदाता का आदेश माना जाए न कि इस स्तम्भ के लेखक का ।
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=======कानूनी ड्राफ्ट का प्रारम्भ=======
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सेक्शन -1
(1) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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देश के सभी हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन धर्मावलंबियो के बारे में निम्नलिखित ब्यौरा एकत्र करने के लिए प्रधानमन्त्री जातिय जनगणना करवाएंगे -- व्यक्ति का नाम, पहचान संख्या, जाति, उपजाति, सम्बंधित SC/ST/OBC वर्ग, उसके स्वामित्व की अकृषि भूमि का ब्यौरा एवं इस भूमि का सर्कल मूल्य, पिछले तीन वर्षो में प्रस्तुत आयकर प्रतिवेदन के आधार पर या सरकारी अभिलेखों में उसके द्वारा घोषित की गयी उसकी औसत आय ।
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(2) [सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ ले चुका है तो उसे अपनी सही/सच्ची जाति की घोषणा करनी होगी । यदि वह ऐसा नही करता है तो ज्यूरी मंडल उसे 6 माह के कारावास की सजा सुना सकेगा ।
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(3) [प्रधानमन्त्री एवं सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ लेना चाहता है तो उसे अपनी सही/सच्ची जाति की घोषणा करनी होगी । यदि वह ऐसा नही करता है तो उसे भविष्य में कभी आरक्षण का लाभ नही मिलेगा ।
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(4) [प्रधानमन्त्री एवं सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति अपनी जाति की घोषणा नही करता है तो उसे सामान्य वर्ग में माना जाएगा ।
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(5) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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इसी अधिनियम के सेक्शन-2 में दी गयी तालिका-1 के अनुसार प्रधानमन्त्री व्यक्तियों को अंक आवंटित करेंगे ।
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(6) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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प्रधानमन्त्री प्रत्येक जाति एवं उपजाति के लिए औसत अंको की गणना करेंगे ।
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(7) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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प्रधानमन्त्री SC, ST एवं OBC वर्ग की सभी जातियों को आवंटित अंको के आधार पर घटते हुए क्रम में सूचीबद्ध करेंगे । वे SC, ST तथा OBC वर्ग की सूचियों को निम्नांकित विधि से 4 भागो में विभाजित करेंगे -- समूह-1 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिन्दु के बराबर या अधिक का औसत। समूह-2 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिंदु और मध्य बिंदु के 0.75 के गुणन के बीच का औसत । समूह-3 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिंदु के 0.25 तथा 0.5 के गुणन के बीच का औसत । समूह-4 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिन्दु के 0.25 के गुणन से कम का औसत ।
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(8) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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आरक्षित कोटे से अर्हित (क्वालीफाई) उम्मीदवारों की 4 वरीयता सूचियाँ बनायी जायेगी तथा चौथे समूह से 4 उम्मीदवार, तीसरे समूह से 3 उम्मीदवार, दुसरे समूह से 2 उम्मीदवार तथा पहले समूह से एक उम्मीदवार का चयन किया जाएगा ।
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(9) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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अंक सूचियों को हर वर्ष अद्यतन एवं समायोजित किया जाएगा ।
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(10) [मुख्यमन्त्री के लिए निर्देश]
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मुख्यमंत्री SC, ST तथा OBC वर्ग की जातियों के लिए इसी प्रकार की समूह आधारित सूचियाँ तैयार करेंगे, तथा आरक्षण के लिए उम्मीदवारों को उपरोक्त वर्णित विधि के अनुसार वरीयता देंगे ।
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(11) [प्रधानमन्त्री एवं मुख्यमंत्री के लिए निर्देश]
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यदि किसी जाति के अंको का औसत देश के अंको के औसत से अधिक हो जाता है तो उस जाति को SC/ST/OBC की श्रेणी से हटा दिया जाएगा ।
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सेक्शन -2 : अंक निर्धारक सूचकांक तालिका-1
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(1) प्रधानमन्त्री, उच्चतम न्यायलय के न्यायधीश, उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश, केंद्र सरकार में नियामक, रिजर्व बेंक गवर्नर एवं डिप्टी गवर्नर, बेंक चेयरमेन - 50 लाख अंक
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(2) उच्च न्यायलय के न्यायधीश, मुख्य सत्र न्यायधीश, केंद्र सरकार के अधीन उप सचिव, राज्य सरकारों के नियामक तथा मुख्यमंत्री - 40 लाख अंक
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(3) सत्र न्यायधीश एवं केंद्र सरकार के मंत्री - 10 लाख अंक
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(4) अन्य निचली अदालतों के न्यायधीश एवं राज्य सरकारों के मंत्री - 5 लाख अंक
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(5) सांसद एवं अधिनस्थ सचिव पद से ऊपर पदक्रम के अधिकारी - 1 लाख अंक
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(6). विधायक एवं पंचायत सरपंच - 15 हजार अंक
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(7) सार्वजनिक उपक्रमो (PSU) को छोड़ते हुए केंद्र तथा राज्य के सभी विभागों के प्रथम श्रेणी के अधिकारी - 20 हजार अंक
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(8) केंद्र तथा राज्यों के अधीन सभी द्वितीय श्रेणी के अधिकारी - 10 हजार अंक
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(9) केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधीन सभी तृतीय श्रेणी के अधिकारी - 5 हजार अंक
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(10) उपरोक्त वर्णित सभी अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए केंद्र, राज्य एवं सार्वजनिक उपक्रमों के सभी श्रेणी के अधिकारी - वार्षिक आय÷100
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(12) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति* दर से 10 लाख गुना अधिक संपत्ति धारण करने वाले व्यक्ति - 1 करोड़ अंक
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(13) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 1 लाख गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 10 लाख अंक
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(14) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 10 हजार गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 1 लाख अंक
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(14) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 1 हजार गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 10 हजार अंक
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(15) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 100 गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 1 हजार अंक
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* सम्पत्ति में चेरिटेबल ट्रस्टो की सम्पत्ति शामिल है, जो अमुक ट्रस्ट के ट्रस्टियों में विभाजित होगी ।
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टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान :
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सेक्शन-3 : टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान
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(टी सी पी.1) [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में कोई संशोधन करना चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र प्रस्तुत कर सकेगा । कलेक्टर 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर स्कैन करके दर्ज करेगा और बदले में छपी हुयी रसीद देगा ।
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(टी सी पी.2) [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
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यदि कोई मतदाता इस अधिनियम के किसी सेक्शन, अनुच्छेद या धारा में संशोधन चाहता है या टी सी पी की धारा एक के तहत दर्ज किये गए किसी शपथपत्र पर अपनी हाँ या ना दर्ज कराता है, तो पटवारी 3 रू लेकर उसे दर्ज करेगा तथा मतदाता की हाँ/ना को उसकी मतदाता पहचान संख्या के साथ प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
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(टी सी पी.3) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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यदि किसी शपथपत्र पर कुल मतदाताओं के 51% मतदाता हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमन्त्री ऐसे शपथपत्र पर कार्यवाही कर सकते है, या इस्तीफा दे सकते या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नही है । प्रधानमन्त्री का फैसला अंतिम होगा ।

=======ड्राफ्ट की समाप्ति======