Pawan Jury BhilwaraRj

आखिर मोदी भक्त राम तथा कृष्ण मंदिर निर्माण का विरोध क्यों कर रहे है ?

क्योंकि जब विष्णु के साक्षात अवतार कल्कि अवतरित हो चुके है, तो राम या कृष्ण मंदिर के निर्माण की मांग करना अपना तथा देश का समय बरबाद करना है । इससे बेहतर तो यह है कि देश के करोड़ो नागरिको को भी कल्कि भगवान् की स्तुति करने, उनकी आरती तथा भजन गाने ( पढ़े नारे ) तथा कल्कि भक्ति करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ।
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बीजेपी, आरएसएस तथा विहिप 2040 में मंदिर निर्माण के लिए कटिबद्ध है, इसलिए इनका साझा रूख है कि हमें कोर्ट का फैसला स्वीकार होगा । राम मंदिर विवाद पर एफ़ आई आर 1949 में दर्ज हुयी थी, तथा फैसला 2040 के आसपास आने की उम्मीद है । तब तक सभी को कल्कि अवतार से ही काम चलाना चाहिए ।
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90 के दशक से ही आरएसएस तथा बीजेपी कह रहे है कि तुम हमें वोट दो, तो हम मंदिर वहीँ बनायेंगे । लेकिन बहुमत लेकर अब कह रहे है कि मंदिर या मस्जिद जो भी बनना है, वह अदालत बनाएगी ।
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आरएसएस तथा बीजेपी तहेदिल से चाहते है कि सुप्रीम कोर्ट विवादित भूमि पर चर्च बनाने का आदेश दे दे, ताकि फिर से चुनाव में आरएसएस बीजेपी 'हम मंदिर वहीँ बनायेंगे' के नारे के साथ वोट खींच सके ।
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बहरहाल, 28 मार्च को रामनवमी है तथा हमें तब तक यह उत्सव नही मनाना चाहिए जब तक कि विवादित भूमि पर राम मंदिर का निर्माण न हो जाए ।
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समाधान : मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने तथा राम-कृष्ण-काशी विश्वनाथ देवालय के निर्माण तथा हिन्दू धर्म के प्रशासन को SGPC जैसा सुदृढ़ बनाने के लिए हम निम्नलिखित क़ानून का प्रस्ताव कर रहे है :

tinyurl .com/hindusashakt
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कृपया क़ानून का लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें ।

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right to recall group.