Pawan Jury BhilwaraRj
सद ज़ल्वा रूबरू जो मिजगां उठाइये,
ताकत कहाँ कि दीद का अहसां उठाइये,
या मेरे ज़ख्मे रश्क को रुस्वा न कीजिये,
या पर्दा ए तबस्सुम ए पिनहाँ उठाइये ।
सद ज़ल्वा रूबरू जो मिजगां उठाइये,
ताकत कहाँ कि दीद का अहसां उठाइये,
या मेरे ज़ख्मे रश्क को रुस्वा न कीजिये,
या पर्दा ए तबस्सुम ए पिनहाँ उठाइये ।