Pawan Jury BhilwaraRj

हरिहर शर्मा:

एक अत्यंत दुखद समाचार अब नहीं छपेगा कल्याण - क्या देश के बड़े लोग इसे बचा नहीं सकते ?
गोरखपुर (उत्तप्रदेश) : यहां के ऐतिहासिक गीता प्रेस ने प्रबंधन एवं कर्मचारियों के बीच वेतन मुद्दे पर वार्ता विफल रहने के बाद मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए प्रेस बंद करने की घोषणा की।

नब्बे साल पुराने इस प्रकाशन के कर्मचारी प्रबंधन से उच्च वेतन, चिकित्सा लाभ की मांग कर रहे थे। वे पिछले पंद्रह दिनों से अपनी मांगों पर दबाव डालने के लिए नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे।

उसके न्यासी देवी दयाल ने कहा, ‘पिछले एक महीने में स्थिति बेकाबू हो गयी थी और भारी मन से हम उसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रहे हैं।’ वर्ष 1923 से ही धार्मिक पुस्तकें और अन्य पत्रिकाओं एवं पुस्तकों का प्रकाशन करने वाले इस प्रेस के प्रबंधन की कर्मचारियों के साथ वेतन मुद्दे पर वार्ता सफल नहीं रही है। इसी वजह से प्रेस बंद हो गया।