Pawan Jury BhilwaraRj

साध्वी निरंजना के बयान 'रामजादे बनाम हरामजादे' के आलोक में साध्वी से पूछा जाना चाहिए कि मोदी साहब रामजादे है या हरामजादे ?
.
ज्ञातव्य है कि मोदी साहब ने :

1. 2011 सेन्सस के धर्म के आंकड़ो को अब तक प्रकाशित नही किया ।
.

2. राम मंदिर बनाने के लिए कोई बिल संसद में पेश नही किया ।
.

3. मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के वादे को एजेंडे से हटाया ।
.

4. तिरुपति मंदिर से 1.8 टन सोना लूटा, और बाकी मंदिरों को लूटने के लिए घात लगाए बैठे है ।
.

5. कृष्ण जन्म भूमि और काशी विश्वनाथ देवालय के मुद्दे को फाड़ कर फेंक दिया ।
.

6. कत्लखानो को दी जा रही सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया ।
.

7. कत्लखानो में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों पर आयात शुल्क 10% से घटाकर 6% किया ।
.

8. शिवराज सिंह को आदेश दिया कि MP विधानसभा में प्रस्तुत गौ हत्या निषेध बिल गिरा दें ।
.

9. मंदिरों के समुचित प्रबंधन के लिए हिन्दू देवालय ट्रस्ट अधिनियम को लागू करने से इनकार किया ।
.

10. गौ हत्या के विरोध में संत गोपाल दास और उनके समर्थको पर लाठी चार्ज का आदेश दिया, और उन्हें जेल में डलवाया ।
.

11. जनसँख्या नियंत्रण के लिए 'two childe policy' को ठन्डे बस्ते में पहुंचा दिया ।
.

12. समान नागरिक सहिंता को भुला दिया ।
.

13. किराए की कोख के व्यवसाय के औद्योगिकी करण का विरोध नही किया ।
.

14. देवालयो की तुलना संडास से की ।
.

15. परेश रावल को हिन्दू मंदिर गंदे है, कहने को कहा ।
.

16. बैलो की कटवाई को कानूनी किये जाने की मांग कर रहे, मनोहर पर्रीकर को रक्षा मंत्री बनाया ।
.

17. आनंदी बेन को आदेश दिया कि, वे हिन्दू मंदिरों को दान न देने की अपील जारी करे ।
.

18. बांग्लादेशी घुसपेठियो को खदेड़ने का क़ानून बनाने से इनकार किया ।
.

19. त्वरित और निष्पक्ष फैसले के लिए आसाराम बापू के मुकदमे की ज्यूरी द्वारा सुनवाई का विरोध किया ।
.

20. आदिवासी इलाको में धर्मान्तरण रोकने के लिए आवश्यक DDMRCM क़ानून का विरोध किया ।

======

ये बात साध्वी निरंजना भी जानती है कि, हरामजादे तो है सो है, पर कथित रामजादे, कहीं ज्यादा हरामजादे है । लेकिन दिल्ली चुनाव सर पर है, अत: ध्रुवीकरण के लिए ऐसे भड़काऊ बयान आवश्यक है ।
.
दिल्ली चुनावों में पेड मिडिया, MNCs, और मिशनरीज़ के सहयोग से केजरीवाल कड़ी टक्कर देंगे, अत: त्रिकोणीय मुकाबले में ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है । यदि दिल्ली में बीजेपी सरकार नही बना पाती तो, मोदी साहब की इज्ज़त में पलीता लग जाएगा ।
निदान, छोटे और मझोले नेताओं से विवादित और धर्मांध बयान दिलवाएं जाए, और ऊपर से मोदी FDI जनित विकास का शंख बजाते रहे ।
.

प्रजा अधीन राजा समूह का यह मानना है कि, नागरिको को नेताओं के बयान, वादे, ऐलान, अपीलें, भासण आदि सुनने ही नही चाहिए, सिर्फ यह देखना चाहिए कि नेताजी गेजेट में क़ानून क्या छाप रहे है । मतदाताओं को पारित किये गए कानूनों से ही यह तय करना चाहिए कि अमुक नेता या सरकार कैसा काम कर रही है, और इसी आधार पर उन्हें वोट करना चाहिए ।
.

*हरामजादे शब्द का प्रयोग शरद यादव एवं अन्य नेताओं ने बहस के दौरान संसद में किया, लेकिन किसी भी सांसद ने इसे सदन की कार्यवाही से निकालने की मांग नही की । अत: प्रयुक्त शब्द अब अधिकृत रूप से संसदीय शब्दावली के अंतर्गत आता है । फिर भी यदि किसी की भावनाएं आहत हुयी हो, तो संसदीय कार्यमंत्री से संपर्क करें ।

________________

प्रजा अधीन राजा @ pk