Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

रिकौलिस्ट कृपया ध्यान दें!
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निम्नलिखित कदम प्रत्येक रिकौलिस्ट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं-
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1. आप अपने सांसद को जितने आदेश यूआरएल के साथ एसएमएस द्वारा भेजें उनमे से प्रत्येक के लिए एक फेसबुक पोस्ट बनायें. कृपया ध्यान दें कि ईमेल द्वारा आदेश भेजना समय बेकार करना है. और बिना यूआरएल के एसएमएस भेजने से भी केवल समय व्यर्थ होगा. अतः आप जो भी आदेश भेज रहे हैं उसके पूरे टेक्स्ट को यूआरएल के साथ एक फेसबुक स्टेटस बना कर डालें.
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2. कृपया एक फेसबुक नोट बनायें जिसमे आपके द्वारा भेजा गया प्रत्येक आदेश तथा उसे अपने जिस स्टेटस पोस्ट में डाला है उसका लिंक दिया हो. आपने जितने आदेश भेजे हैं उन सबको उस नोट के कमेन्ट में डालें.
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3. अब उस नोट का लिंक अपने प्रोफाइल के डिस्क्रिप्शन में डालें.
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4. (1 में बताये अनुसार) जितने भी स्टेटस पोस्ट आपने डाले हैं उन सबको visible to PUBLIC करें न कि सिर्फ अपने फ्रेंड के लिए. यदि संभव हो सके तो एसएमएस का एक स्क्रीन शॉट लेकर भी डालें.
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5. (1 में बताये अनुसार) जितने भी स्टेटस पोस्ट आपने डाले हैं उन सबको अपने 5-10 ऐसे फ्रेंड के वाल पर भी शेयर करें जो इस अभियान से जुड़े हैं लेकिन राजनीतिक रूप से कम सक्रिय हैं और उन्होंने अभी तक वह एसएमएस नही भेजा हो. आपको कैसे पता चलेगा कि उन्होंने वह एसएमएस भेजा है या नही? कृपया उनका वह नोट देखें जिसमे उन्होंने अपने द्वारा अपने सांसद को भेजे गये सभी एसएमएस की सूची दी है.
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ऐसा क्यों?
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सबसे पहले तो आपने जो आदेश अपने सांसद को एसएमएस द्वारा भेजे उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को पता चलना चाहिए. यह खुले तौर पर सभ्य तरीके से किया गया सार्वजनिक कार्य है. अतः आप इसे एक फेसबुक स्टेटस के रूप में डालें.
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अब जितने भी ऐसे स्टेटस आपने शेयर किये उन सबकी सूची तथा लिंक एक फेसबुक नोट में क्यों डाले? क्योंकि फेसबुक पर कुछ भी ऐसे ढूंढना मुश्किल है. अतः यदि आप स्वयं, या आपका कोई पुराना फ्रेंड या नया फ्रेंड या कोई नया रिकौलिस्ट आपके द्वारा आपके सांसद को भेजे गये सभी आदेशों को देखना चाहे तो केवल एक फेसबुक नोट को देखकर उसे सभी आदेशों के लिंक मिल जाये.
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साथ ही उस नोट पर अपने किसी भी फ्रेंड को कमेन्ट करने की अनुमति न दें. कृपया उनसे कहें कि जो भी कमेन्ट उन्हें देने ही वे 2 person threads में दे.
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हर बार जब आप अपने सांसद को कोई नया आदेश भेजें, उसके पूरे टेक्स्ट को उस नोट के कमेन्ट में भी डालें.
--- Rahul Chimanbhai Mehta , Right to Recall Group