Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Order you MP\MLA via SMS does work.
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Since sep-2013 , we have been asking voters to send orders to MPs / MLAs via SMS (before that it was postcards). We have said that "orders to MPs via SMS" is far far more effective that slogan shouting, vote collecting , mask wearing, cap wearing, broom wielding etc etc And since sep-2013, SoMoKe , SoMoKe-andbhagats and CoBhApSwaRa-workers have opposed "order your MP via SMS" and insisted that this method is useless.
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Well, one RRG activist, Harshad Kumar worked with some villagers where State Govt is planning to acquire village and offer very low compensation. Some 1000 villagers sent order to MLA \ MP via SMS that " श्री एम.पी. , में आपको आदेश करता हु की आप यह नर्मदा नदी पर जो गरुडेश्वर वियर डेम बनाने का प्रोजेक्ट केन्सल करो नहीं तो हम आपको या आपकी पार्टी को वोट नहीं देंगे | नाम- _________________ वोटर आई.डी.- _____________________ " .
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And within 2 days, both MLAs and MPs sent SMS to some 100 villages that "land will not be acquired without consultation with villagers" !!!
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IOW, "order you MP via SMS" does work. However , please note that this was s,mall campaign and so it worked without URL. For large campaigns, URLs is must.
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So please dont waste time in slogan shouting, mask wearing, brooming, cap wearing. etc. Please focus on order YOUR MP via SMS with URL campaign started by us as Right to Recall Group.
Harshadkumar Solanki Rrg:
एस.एम्.एस. केम्पेन सफल होने का आर्टीकल ( सितम्बर २७, २०१३ )
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यह आर्टीकल में अपने स्वय के अनुभव के ऊपर लिख रहा हु | जीवनतीर्थ संस्था हम युवान वर्ग के साथ कार्य करती है | में पहेले भी कोलेज के समयमें गुजरात विध्यापीठ द्वारा आयोजित आदिवासी विस्तारमें शिबिर कर चूका हु | इस बार यह संस्था द्वारा युवा को आदिवासी विस्तारकी मुलाकात और उनकी जीवनशैली के बारे में जानकारी के विषयमें सितम्बर २७, २०१३ - दो दिन के प्रवास का आयोजन जीवनतीर्थ संस्था द्वारा किया गया था | प्रवास सरदार सरोवर डेम-नर्मदा, आदी औषदी संस्था-डेडीयापाडा विस्तार में था | जब सुबह हम नर्मदा के इन्द्रवर्ना गॉव पहोंचे वहा के लोगों लोगों ने हमें महेमान से भी ज्यादा मान-सन्मान दिया | बहोत सारी हमारी सेवा चाय-नास्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई | यह देखकर में बहोत खुश हो गया और उनके प्रति मान और बढ गया | मुझे ऐसा लगा के में कही स्वर्ग में आ गया हु | लोग सिर्फ बोलते है महेमान भगवान होते है पर नर्मदावासीने साबित करके बता दिया |
जब हम चाय-नास्ता करके गॉव की मुलाकात ले रहे थे तब मुझे यह जानने मिला की यहा पर सरकार ‘काडा’ प्रोजेक्ट चल रहा है | काडा- केवडिया एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी | और ‘गरुडेश्वर वियर डेम’ बना रहे थे | जिनके प्रति गॉववालो का पुर्णतः विरोध था पर सरकार सिर्फ और सिर्फ उधोगपति के लिए बनी हुई है | आम आदमी तो उनके लिए कुछ है ही नहीं | जो काडा प्रोजेक्टमें ७० गॉव ख़तम करके वहा पर शहर बना रहे थे | सरकार का कहेना था की इससे विकास होगा और यहाँ पर होटल, पर्यटक स्थल बनेंगे इसलिए आपको यह जमीन सरकार को देकर सरकार आपको दूसरी जगह स्थालांतर करेगी और सरकार जमीन कहा और कब देगी वह सरकार को भी मालूम नहीं है |
यहा के लोगों की बात सुनकर बहोत ही दुःख हुआ और यह लोग चार-पांच बार गांधीनगर एम.एल.ए. और एम.पी. और लागु होते सभी अधिकारी से वातचीत की पर उन्हें कोई जवाब नहीं क्योकि कभी साहब छुट्टी पर होते थे तो कभी साहब मीटिंगमें होते थे और यह गॉववालो को ३०० किलोमीटर धक्के खाने पड़ते थे | और परिणाम कुछ नहीं मिलता था | मैने यह सुना तो बहोत ही दुःख हुआ और उनसे वादा किया की आपकी समस्यामें परिणाम लानेमें मदद करना चाहता हु अगर आप मुझे इजाजत दे तो | फिर मैने राहुल चिमनभाई महेता ( राइट टू रिकोल एक्टिविस्ट ) द्वारा शुरू किए गए एस.एम्.एस. केम्पेन के बारे में बातचीत की तो उन्होंने मुझे इजाजत देदी | जिसमे मैने उनसे कहा की हमने हमारे एम.एल.ए. और एम.पी. को हमारी यानी नागरिकोके प्रतिनिधी बनाये है और हमें उन्हें यह बात आदेश के साथ देनी चाहिए क्योकि यह बात हमारे भारत के संविधानमें लिखी हुई है की हमें हमारे एम.एल.ए. और एम.पी. को जरुरी आदेश देने चाहिए | पर मेरे पास समय नहीं होने के कारण तब यह केम्पेन नहीं चला पाया और मैने यह कुछ दिनों का समय माँगा और उनके एक लीडर श्री लखनभाई है उनसे बातचीत हुई की में जल्द ही आऊंगा तो उन्होंने मुझे नर्मदा आने के आमंत्रण दिया की आप कभी भी आ शकते है |
में दिपावली के दिन नवम्बर ३, २०१३ रविवार के दिन शाम को ६ बजे पहुचा और कहा की कल सुबह से हम एस.एम्.एस. केम्पेन शुरू करेंगे उन्होंने मेरे भोजन और सोने की व्यवस्था बहोत ही अच्छे से की थी और नवम्बर ४, २०१३ नूतन वर्षाभीनंदन के सुबहमें लगभग ८ बजे के आसपास गॉव के चार-पांच युवानो को साथमें लेजाकर एस.एम्.एस. केम्पेन की शुरुआत की जिसमे पहला एक एस.एम्.एस. है की “ श्री एम्.पी. में आपको आदेश करता हु की आप यह काडा प्रोजेक्ट चला रहे है उसे तत्काल बंध करे और नर्मदा नदी पर जो गरुडेश्वर वियर डेम बनाने का प्रोजेक्ट केन्सल करो नहीं तो हम आपको वोट नहीं देंगे | नाम-हर्षद सोलंकी वोटर आई.डी.- ZHB1873637.
दूसरा एस.एम्.एस यह था की “ श्री एम.पी. में आपको आदेश करता हु की आप यह नर्मदा नदी पर जो गरुडेश्वर वियर डेम बनाने का प्रोजेक्ट केन्सल करो नहीं तो हम आपको या आपकी पार्टी को वोट नहीं देंगे | नाम-हर्षद सोलंकी वोटर आई.डी.- ZHB1873637.
यह एस.एम्.एस. हमने एक ही दिन में लगभग ५०० से १००० करवाए थे | यह संख्या बढ़ी कैसे यह में आपको बताता हु की एस.एम्.एस. फोरवर्ड करना कितना आसान है जिससे मैने एक एस.एम्.एस. एम्.पी. को किया और पांच एस.एम्.एस. गॉव के लडको को किया और यही बात मैने उनको शिखाई तो लगभग दोपहर के १ बजे के आसपास इन्द्रवर्ना गॉवमें सभी गॉववालोने एस.एम्.एस. भेज दिए थे और वह पांच लड़के आसपास के गॉवमें जाकर सभी गॉववालो से एस.एम्.एस. भिजवाए और करीब शाम को पांच बजे वहा के सांसद श्री रामसिंह राठवाजी का मुझे और सभी गॉववालो को एस.एम्.एस. से जवाब आया की नूतन वर्षाभिनंदन काडा नहीं लगेगा में आपको वचन देता हूँ आप चिंता बिलकुल करशो नहीं | - रामसिंह राठवा
और इस प्रकार से एस.एम्.एस. केम्पेन सफल हुआ पर जो नर्मदा नदी पर जो गरुडेश्वर वियर डेम बन रहा है वह अभी भी चालु है वह उनके हाथ में नहीं था ऐसा लग रहा है क्योकि मेरा एस.एम्.एस. जाने पर उनका फोन आया था और मुझसे पूछ रहे थे यह क्या है और मैने उनसे कहा था की यह हमारा आदेश है इस पर अमल करीए और फिर उन्होंने शाम को जवाब दिया था क्योकी सभी एस.एम्.एस. द्वारा नागरीको की संख्या साबित हो सकती है इसी कारण यह एस.एम्.एस. केम्पेन सफल हुआ |
हर्षद कुमार सोलंकी