Pawan Jury BhilwaraRj
ज्यूरी ट्रायल क्या है ?
इस व्यवस्था में किसी भी मुक़दमे की सुनवाई के लिए मतदाता सूची में से रेंडमली 12 से 15 नागरिको को समन भेजे जाते है, इन नागरिको के समूह को ज्यूरी कहते है , मुकदमे की सुनवाई इन आम नागरिको द्वारा की जाती है और ये नागरिक ही मुक़दमे में फैसला देते है । हर मुक़दमे के लिए अलग अलग नागरिको की ज्यूरी होती है । ज्यूरी बहुमत से अपना फैसला जज को देती है और जज फैसले की व्याख्या करके जजमेंट दे देता है । हाईकोर्ट ज्यूरी में 50 - 60 जबकि केस विशेष में 1500 नागरिको तक की ज्यूरी सुनवाई कर सकती है ।जिनका चयन राज्य की मतदाता सूची से किया जाता है । मुलजिम को जानकारी नही होती कि लाखो नागरिको में से कौन उसके मुकदमे का फैसला करने वाला है । इस प्रकार भ्रष्टाचार शून्य हो जाता है तथा लाखो न्यायधीश होने से फैसलों का निपटारा त्वरित गति से होता है ।
.
प्रजा अधीन न्यायतंत्र क्या है ?
न्यायधिशो को नौकरी से निकालने का अधिकार होना प्रजा अधीन न्यायतंत्र की रचना करता है । अमेरिका में न्यायधिशो को नोकरी से निकालने का अधिकार नागरिको के पास है जिस से किसी भी भ्रष्ट न्यायधीश को जनता वोट करके बखास्त कर सकती है । इस से न्यायधिशो में जनता के प्रति जवाबदेही बनी रहती है ।
.
जज प्रणाली - सुस्त,भ्रष्ट और निरंकुश व्यवस्था । ( भारत )
ज्यूरी व्यवस्था - चुस्त, त्वरित, ईमानदार और जवाबदेह व्यवस्था। ( अमेरिका )
यदि आप ज्यूरी सिस्टम का समर्थन करते है तो अपने सांसद को SMS द्वारा यह आर्डर भेजे :
I order you to print mentioned law draft in gazette :
tinyurl . com/jurysys
voter ID : XXXXXXXX
प्रजा अधीन राजा @ pk