Pawan Jury BhilwaraRj

'RSS की लाठी बनाम ISIS की AK- 47 '
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- पाकिस्तान के नागरिको में ISIS की लोकप्रियता बढ़ रही है, कई पाक युवाओं ने इस संघठन को ज्वाइन किया है और सऊदी के पाक नेटवर्क से इसे पाकिस्तान में वित्तीय सहायता दी जा रही है ।

- पाक में IM और लश्कर जैसे जिहादी संघठनो का विलय हो सकता है और ISIS पाक मिलिट्री और ISI की मदद से कश्मीर और चीन की मदद से पूर्वोत्तर राज्यों में जेहाद छेड़ सकता है ।

- यदि चीन ISIS को अपने अत्याधुनिक हथियारों की मदद करता है तो इस Two front war से भारत के सीमावर्ती इलाको में जो तबाही आ सकती है उसकी कल्पना भी नही की जा सकती ।
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ैभारत और पाकिस्तान में आज भी ब्रिटिश राज में पारित किया गया आर्म्स एक्ट लागू है । लेकिन नागरिको को हथियार रखने की छूट न देने वाले क़ानून का जानबूझकर कड़ाई से पालन नही किये जाने से पाकिस्तान में करीब 2 करोड़ नागरिको के पास AK- 47 है जबकि भारत के पास सिर्फ 25 लाख !!!

इनमे से 12 लाख सेना के पास, 10 लाख CRPF/BSF के पास और 3 लाख AK- 47 पुलिस बल के पास है ।
और भारत के नागरिको के पास कितनी AK- 47 है ?
- शून्य !!!!
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तो हमारी पेड पाठ्य पुस्तके और पेड राजनेतिक दल आज भी हमें इस दिशा में सोचने का अवसर मुहैया कराने से रोक रही है कि, आखिर कैसे 40 करोड़ के भारत को 1 लाख ब्रिटिश गुलाम बना कर रखने में कामयाब रहे ?
- क्योकि भारत के नागरिको के पास हथियार नही थे । ब्रिटिश राज ने अपने साम्राज्य को सुरक्षित करने के लिए आर्म्स एक्ट पारित कर के भारतीय नागरिको को हथियारों से वंचित कर दिया था ।
बची खुची कसर मोहन दास गांधी के 'अहिंसा' के लेक्चर्स ने पूरी कर दी । और हथियारों के महत्त्व को समझने वाले राष्ट्रपिता महात्मा सुभाष चन्द्र बोस को देश से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा
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विदेशी सत्ताओ के तले दबे हमारे भ्रष्ट, कमजोर और महत्त्वाकांक्षी नेता हथियार बंद नागरिक समाज की रचना का विरोध करते है ताकि निर्द्वन्द शासन किया जा सके, जो कि स्वाभाविक भी है ।
किन्तु 'राष्ट्रवाद' में रचा बसा RSS क्यों आर्म्स एक्ट में बदलाव का विरोध कर रहा है ?
यदि कल को ISIS द्वारा प्रायोजित 100-50 कसाब मुंबई या दिल्ली में घुस आते है और आम नागरिको को भूनना शुरू कर देते है , तो जब तक कि हमारे पुलिस बल 'थ्री नोट थ्री' लेकर बचाव में नही आते ,
तब तक क्या हमारे नागरिक तोगड़िया द्वारा दीक्षित उस पौने तीन इंच के त्रिशूल से अपना बचाव करने वाले है, या उन लाठियों से जिन्हें चलाने का प्रशिक्षण RSS शाखाओं में नियमित तौर पर दे रहा है ?

बहुत कम नागरिको को यह जानकारी है कि अमेरिका में 53% नागरिको के पास हथियार है, जबकि स्वित्ज़र्लेंड में 100% नागरिक हथियारबंद* है ।

*द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर को स्विस सोना लूटने के अपने फैसले से इसलिए पलटना पड़ा था । आज भी स्विस नागरिको को हथियार रखना अनिवार्य है, हथियार न रखने पर 3-6 माह के कारावास का प्रावधान है ।

- कल्पना कीजिये कि आप कसाब के ट्रेनर है और कसाब को 'कन्विंस' करने की कोशिश कर रहे है कि उसे मुंबई जैसे शहर के नागरिको पर हमला करना है, बदले में कसाब जानना चाहता है कि कितने नागरिको के पास हथियार होने की संभावना है ?
यदि आप जवाब देते है कि लगभग सभी नागरिको के पास हथियार होने की संभावना है ।
क्या आपको वाकई लगता है कि कसाब इस COMPLETE SUCIDE MISSION के लिए तैयार हो जाएगा ।
हो सकता है कि कसाब से आपको यह सुनने को मिले कि 'मियाँ में जेहादी हूँ आत्मघाती जेहादी नही, मुझे आप किसी दूसरी 'टेरेटरी' में भेज दीजियेऔर इस 'टेरेटरी' को आप खुद ही 'ट्राई' करिए ।
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हमें इस प्रकार के हमले के स्वरूप को समझना चाहिए । यदि कोई देश हमला करता है तो उसके उपाय अन्तराष्ट्रीय दबाव वगेरह या फौजी कार्वाइया हो सकती है । किन्तु ISIS जैसे संघठन छुट्टे सांड की तरह है, इन्हें किस बातचीत या दबाव से आप रोक पायेंगे ।
- भारत की सीमा हज़ारो किलोमीटर में पसरी हुयी है, कितनी निगरानी की क्षमता हम में है ?
- हमारे शहरो में नागरिको के भेष में रह रहे बांग्लादेशी घुसपेठियो को यदि हथियार मिल जाते है तो हमारे नागरिको के पास गले कटवाने के सिवा क्या विकल्प है ?
- हम हर जगह भारत की सेना के उपस्थित होने की खुशफहमी क्यों पाले बैठे है ?
- ये हमले छापा मार तरीके से छोटी छोटी टुकडियो द्वारा किये जा सकते है , और सीमावर्ती इलाको में घुसपेठ के बाद नागरिको का बड़े पैमाने पर कत्ले आम हो सकता है।
- सीमावर्ती इलाको में भगदड़ मचने से नागरिक पलायन कर सकते है ।
- यदि चीन ISIS को अपने आधुनिक हथियार जैसे क्रूज़ मिसाइल्स एवं सेटेलाईट हेल्प देता है तो हमारी फ़ौज 15 दिन में जमा हो जायेगी और ISIS भारत के आंतरिक शहरो को कसाई खाने में बदलकर हालात ईराक से भी बदतरीन बना सकता है ।
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ेसमाधान :

RSS तथा नमो द्वारा सुझाए जा रहे भ्रामक समाधान
बनाम
प्रजा अधीन राजा द्वारा प्रस्तावित वास्तविक समाधान :

1. RSS + नमो - सेना को मज़बूत करने और हथियारों का उत्पादन करने के लिए विदेशी कम्पनियों को भारत में बुलाया जाए ।
नतीजा - सभी विदेशी कम्पनिया हथियारों में 'हार्ड वेयर ट्रोज़न' इंस्टाल करती है जिन्हें युद्ध के समय एक्टिवेट करने से हथियार काम करना बंद कर देता है ।

प्रजा अधीन राजा - स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों के उत्पादन के लिए जूरी सिस्टम, गणित विज्ञान में सात्य प्रणाली , वेल्थ टेक्स और राईट टू रिकाल कानूनों को गेजेट में छापा जाए ।

2. करोडो कार्यकर्ताओं को शाखा में बुलाकर लाठी चलाने और 'एक' हो जाने का प्रशिक्षण दिया जाए ।

नतीजा - लाखो राष्ट्रवादियो का टाइम नारे लगाने , गीत गाने और पथ संचलन में उसी प्रकार वेस्ट किया जा रहा है, जैसा कि आज़ादी की लड़ाई के नाम पर मोहन गांधी द्वारा बकरी के दूध पर भाषण सुनाने और चरखे चलवाने में 'वेस्ट' किया जा रहा था ।

प्रजा अधीन राजा - हथियार बंद नागरिक समाज की रचना की जाए तथा हर नागरिक को हथियार रखने की अनिवार्यता का क़ानून बने ।

प्रजा अधीन राजा द्वारा प्रस्तावित इन कानूनों के ड्राफ्ट यहाँ से मुफ्त डाउनलोड करे :
rahulmehta . com / 301 . htm

प्रजा अधीन राजा @ pk