Pawan Jury BhilwaraRj

चोर चोर मौसेरे भाई ..!!!

पेप्सी और कोक के खिलाफ अभियान चलाने वालो को फंडिंग कौन कर रहा है ?

1. पेप्सी और कोक
2. RSS

- पेप्सी और कोक भारतीय बाज़ार के ओरेंज जूस बाज़ार पर कब्ज़ा करना चाहती है ।
- RSS बीमा, रेल और रक्षा में FDI की अनुमति को कवरिंग फायर देना चाहता है ।

इस प्रकार इस अभियान के पीछे फंडिंग कोक-पेप्सी की है , और नेटवर्क RSS का
...

- भारत में कार्बोनेटेड शीतल पेय के बाज़ार पर पेप्सी कोक का पूरा कब्ज़ा है। यदि पेप्सी कोक की बिक्री घटती है तो भी थम्स अप की बिक्री बढ़ने से पेप्सी-कोक को आय होती रहेगी । थम्स अप भी कोक का ही ब्रांड है ।

- कोक की लागत ज्यादा है और कीमत 10 रूपये है ।
वही ओरेंज जूस और माज़ा की उत्पादन लागत कोक से कहीं कम है जबकि कीमत 30 रूपये है ।

- इस प्रकार यदि ओरेंज जूस जो की उपभोक्ताओं द्वारा ज्यादा पसंद किया जाता है, की खपत से कोक को दोहरा फायदा होगा । इसकी उत्पादन लागत भी कम है और कीमत भी तीन गुना वसूली जा सकेगी ।
ओरेंज जूस में एक मात्र ब्रांड 'मिनिट मैड' है, जबकि मेंगो जूस में माज़ा ज्यादा पसंद किया जाता है । दोनों ही ब्रांड कोक के पास है ।
...

- RSS और इसके आनुषांगिक संघठन इस अभियान को सोशल मिडिया पर फैलाने के लिए राष्ट्रवाद को 'समर्पित' कार्यकर्ताओं का नेटवर्क मुहैया करा रहा है ।
ज्ञातव्य है कि RSS तेल साबुन स्वदेशी है , और अपनी छवी को बचाए रखने के लिए इन चिल्लर वस्तुओ का विरोध कर के अपनी स्वदेशी की 'छवी' को बनाए रखना चाहता है ।

उल्लेखनीय है कि RSS के सहयोग से सत्तासीन हुए नमो ने महज जुम्मा चुम्मा ढाई महीने के कार्यकाल में ही विदेशी निवेश की मीलों की दूरी नाप ली है ।

नमो रक्षा, रेल और बीमा जैसे आधारभूत और बड़े क्षेत्रो में FDI की अनुमति दे चुके है । इस से RSS कार्यकर्ता कहीं यह न समझ बैठे कि RSS विदेशी समर्थक है, इसलिए उन्हें पेप्सी कोक के विरोध का बाजा शोशल मिडिया में बजाने पर व्यस्त कर दिया गया है ।
...

समाधान :

सभी RSS के कार्यकर्ताओं से अपील है कि समय निकाल कर थोड़ी सी खुद की अक्ल भी लगाए , सुबह शाम पेड चेनल्स के सामने बैठकर अफीम गटकने की जगह इस बात पर विचार करे कि

- यदि मोहन भागवत का मानना है कि भारत में रहने वाले सभी नागरिक हिन्दू है तो वो ये बात जनता को 'समझाने' की जगह नमो को क्यों नही समझाते ताकि संविधान की प्रस्तावना में लिखे पंथ निरपेक्ष शब्द की जगह हिन्दू राष्ट्र लिखने का प्रस्ताव संसद में पेश करे ।

- जब नमो बीमा, रक्षा और रेल में विदेशी निवेश को अनुमति दे रहे थे तब भागवत RSS कार्यालय में बैठ कर रम्मी खेल रहे थे क्या ? इस समय FDI का विषय उठाने की जगह 'हिंदुत्व' का शंख बजाने की क्या तुक है ? सिवाय इसके की आप जनता का ध्यान FDI से हटाना चाहते है ।

- 1978 में जोर्ज ने कोक के देश से निकाल बाहर किया था , तो नमो को कौनसी शक्ति ऐसा करने से रोक रही है ? जबकि जोर्ज ने कभी 56" इंच का सीना होने का दावा नही किया ।
...

कार्यकर्ताओं और नागरिको को समझना चाहिए कि समस्या का समाधान क़ानून होते है बयान और नारे नही ।
इसलिए हमें उन कानूनों का प्रचार करना चाहिए जिस से देश में विदेशी ताकतों को प्रवेश करने से कानूनी तौर पर रोका जा सके ।

प्रजा अधीन राजा @ pk