Pawan Jury BhilwaraRj

Shailendra Rathore Rtr:

कैसे चीन ने नमो को धमका कर SEZ ( spacial economic zone ) के तहत भारत में औद्योगिक पार्क स्वीकृत करवाए है ?

- चीन ने अरुणाचल को चीन का हिस्सा दिखाने वाला नक्शा जारी किया और नमो से औद्योगिक पार्क भारत में स्वीकृत करवा लिए ।
- इनका आकार 100 एकड़ से 1000 एकड़ होगा ।
- इन चाइनीज़ पार्को में यातायात, परिवहन, बिजली, पानी आदि के लिए चाइनीज़ नियम लागू होंगे।
- लेबर लॉ, PF लॉ, एक्साइज़ ड्यूटी, LBT , कस्टम, WAT आदि कर इन पर लागू नही होंगे ।
- इन कम्पनियों को 30% आयकर नही देना होगा ।
- हमारी देशी कम्पनियो को ये सब कर चुकाने होंगे और वो लागत बढ़ने से मार्केट से बाहर हो जायेगी ।
- चाइनीज़ हमारे यहाँ का कच्चा माल और सस्ता लेबर उपयोग कर के भारत के बाज़ार में अकल्पनीय माल डंप कर देंगे और उन्हें भारी मुनाफा होगा ।
- इस मुनाफे का हमे डॉलर में भुगतान करना होगा ।

यदि नमो चीनियों को ये पार्को की अनुमति नही देता है तो चीन पाक और श्रीलंका को बड़े पैमाने पर हथियार देकर Two front war में भारत को घसिटेगा और खुद अरुणाचल में घुसपेठ करेगा , और बांग्लादेशी घुस्पेठियो और नक्सल समूहों को हथियार देगा आंतरिक स्तर पर हमले करने के लिए ।

भारत के पास इस Four front war से निपटने के लिए सेना तो है पर सेना के पास हथियार नही है ।

इस दबाव के चलते नमो को चाइनीज़ कम्पनियों को अनुमति देनी पड़ी ।

: ऐसा पूर्व में भी हो चुका है -

- वाजपेयी ने बीमा में FDI की अनुमति नही दी थी ।
- पोखरण -2 किया था
- CTBT पर टालमटोल की थी

फलस्वरूप CIA ने पेड पाकिस्तान की फौजों को कारगिल भेजा ।
- CIA ने भारत को लेसर गाइडेड बम नही दिए और भारत के बोफोर्स के गोलों की सप्लाई रुकवा दी ।
- भारत को CIA के सामने घुटने टेकने पड़े और शर्ते माननी पड़ी ।शर्तो के अनुसार:

- वाजपेयी बीमा में , इलेक्ट्रोनिक मिडिया में FDI की अनुमति देगा।

- CTBT को संसद मे पास करेगा ।

- CIA वाजपेयी की छवी चमकाने के लिए फोर लेन बनाने के लिए लोन देगा ।

- वाजपेयी को उसका कार्यकाल पूरा करने दिया जाएगा ।

( ज्ञातव्य है कि पोखरण -2 करने पर CIA एजेंट सुब्र्ह्मनियम स्वामी ने जयललिता पर भ्रष्टाचार के केस फ़ाइल किये और CIA ने हाईकोर्ट को दबाव में लेकर अम्मा को जेल में डलवा दिया।
फिर जया को सरकार गिराने के लिए धमकाया गया ।
अम्मा ने वाजपेयी की सरकार गिराई )

इन शर्तो पर समझोता होने पर CIA ने हमे 15 के करीब लेसर गाइडेड बम दिए और हमने कारगिल जीता ।

यही किस्सा फिर से दोहराया जा रहा है क्योंकि हमारी सेना के पास हथियार नही है । और इस के लिए सोमोके ( सोनिया + मोदी + केजरीवाल ) बराबर दोषी है , इनहोंने कभी सेना मज़बूत करने के लिए क़ानून नही बनाए न ही तकनीक उन्नत करने के कानूनों पर संसद में कभी एक शब्द बोले ।
यहाँ हम सपा बसपा लेफ्ट ममता अम्मा एनसीपी आदि को दोष नही देंगे क्योकि इन क्षेत्रीय पार्टियों के लिए रक्षा और तकनीक जैसे मुद्दों पर टाइम वेस्ट करना है । ये सब केन्द्रीय सरकारों और पार्टियों के मुद्दे है । 10 साल से देश की सारी पार्टिया साम्प्रदायिकता, महंगाई, भ्रष्टाचार, प्याज, आलू , सड़क आदि मुद्दों पर जनता का टाइम वेस्ट कर रही है जबकि दुश्मन अपनी सेना मज़बूत कर रहा है ।े

- भयावह तथ्य यह है कि हमारी सीमाए टूट जाती है तो नागरिको के पास अपनी रक्षा करने क लिए सब्जी काटने के चाकू और नेल क़टर के सिवा कुछ भी नही है ।

- भारत के नागरिको के पास लगभग 4 करोड़ पिस्तोल है पर उनमे से अधिक तर देशी कटटे है और AK - 47 नगण्य है ।

- जबकि पाकिस्तान के 4 करोड़ नागरिको के पास पिस्तौल है जिसमे से लभग 1 करोड़ AK - 47 है , कलाश्निकोव और कार्बाइन आदि है ।

- ऐसे में भारत की बोर्डर टूटने से पाक फ़ौज, और आतंक वादी समूह और बलवाई नागरिक बड़े पैमाने देश में घुस कर नर संहार, बलात्कार, तोड़फोड़ और हमारे संसाधनों पर नियंत्रण कर सकते है ।

- अरुणाचल और पूर्वोत्तर राज्य चीन ले लेगा । बंगाल का विलय बांग्लादेश में हो जाएगा , तमिलनाडू में लंका बड़े पैमाने पर रक्तपात करेगा , पंजाब और कश्मीर पर पाक कब्ज़ा कर लेगा या कश्मीर को चीन और पाक बाँट लेंगे ।

- ये सब होने के बाद CIA भारत की मदद को आएगा और शेष भारत पर उसकी फ़ौज नियंत्रण कर लेगी । ताकि यहाँ पर शान्ति स्थापित की जा सके ।

समाधान : देश को इस प्रकार तबाह होने और इराकीकरण से बचाने के लिए प्रजा अधीन राजा समूह ने कुछ क़ानून प्रस्ताव किये है जिनसे हम नागरिक 90% भारत को बचा सकते है ।

जिन लोगो को विश्वास है कि ऐसा कुछ भी नही होगा और मोदी सबको बचा लेंगे, हमारी सेना के पास खूब हथियार है , आदि आदि । तो आप विश्वास करना चाहे तो किसी पर भी कर सकते है । कोई किसी को खुशफहमी पालने से रोक नही सकता ।
लेकिन यदि आप यह मानते है कि जो अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया, ईराक, वियेतनाम आदि में हुआ वो भारत में भी हो सकता है तो इन कानूनों को समर्थन देवे -

ेत्वरित उपाय ( short term solutions ) :

1. परमाण्विक, जैविक, रासायनिक हथियारों को छोड़कर अन्य सभी हथियारों के निर्माण को लाइसेंस मुक्त किया जाए। ताकि Ak- 47, Ak - 56, क्लास्निकोव, कार्बाइन, मशीन गन, पिस्तौल, रायफल, हेंड ग्रेनेड, आदि आसान हथियारों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो सके ।( खरीददार को लाइसेंस की आवश्यकता होगी )

2. प्रत्येक नागरिक जिसकी आय 3 लाख सालाना से अधिक है उसे बन्दुक और 100 गोलिया रखना अनिवार्य होगा , ऐसा क़ानून बनाया जाए । न रखने पर एक माह साधारण कारावास की सजा का प्रावधान हो । ( सजायाफ्ता मुजरिम, फरार, पेरोलधारी , जिन पर कभी कोई क्रिमिनलआरोप साबित हुआ हो, या जो मुकदमे का सामना कर रहे है , उन पर ये क़ानून लागू नही )

3. हथियार रखने का लाइसेंस की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से 15 दिन में निपटाने का क़ानून बने ।

4. सेना में जवानो की संख्या डबल की जाए तथा वेतन भी दुगुना किया जाए । भर्ती की प्रक्रिया 1 वर्ष में पूर्ण हो ।

5. रक्षा बजट के लिए संपत्ति कर तथा विरासत कर तुरंत लागू किया जाए ।

6. सभी स्कूल कोलेज में हथियार चलाने का प्रशिक्षण तथा मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य हो ।

7. हथियार रखने की उम्र सीमा 25 से 50 वर्ष रखी जा सकती है ( संशोधनीय )

8. अन्तराष्ट्रीय सीमा पर स्थित राज्यों में सभी नागरिको को हथियार रखना अनिवार्य हो ।

9. सरकार हथियारों के महत्त्व और राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन एवं प्रचार अभियान चलाये ।

वो दिन फिलहाल गये जब हमारा पीएम जो चाहे वो देश में कर सकता है ।
अंतिम ताक़तवर नेता इंदिरा थी लेकिन गेट समझोते के बाद तस्वीर बदल चुकी है ।

आपको क्या लगता है कि मैं देश नही झुकने दूंगा के बयान देने वाले मोदी को क्या हो गया ?
क्यों उसने घुटने टेके एक महीने के भीतर ?
FDI से तकनीक आएगी ' इस बयान का जो मतलब है ,कि हम कह रहे है " भारत की औकात नही है तकनीक पैदा करने की"

इसी भारत को CIA ने गेहू देना बंद किया तो शास्त्री जी ने पूरे देश को रामलीला मैदान में आकर सप्ताह में एक दिन उपवास की सलाह दी ।
एक साल में हरित क्रान्ति और रक्षा बजट डबल कर के हमनेCIA की छाती पर पोकरण में बम फोड़ा ।

- राजिव को CIA ने सुपर कम्पूटर देने से मना किया पर भारत ने 1 साल ने परम 10000 बना के दिखाया ।

अमेरिका ने अपना युद्ध पोत भारत पर हमले के लिए रवाना किया लेकिन इंदीरा जी ने पाक के दो टुकड़े किये ।

भारत के पास जल जंगल जमीन धूप समंदर खनिज और करोडो युवानो की शक्ति है । हम क्यों उधारी विकास के लिए आज़ादी बेचे ? भारत में दम है अपनी तकनीक पैदा करने का । लेकिन जनता को अफीम पिला दी गयी है ।सिर्फ जन आन्दोलन ही देश को बचा सकता है । इन कानूनों का समर्थन करे ।

दूरगामी उपाय ( long term solution )

दूरगामी उपाय लागू करने के लिए हमें 5 -10 वर्ष लगने वाले है वो भी तब जब हम निम्न लिखित कानूनों को तुरंत पास करे :

1. गणित और विज्ञान में सात्य प्रणाली लागू हो ( सबसे महत्तवपूर्ण )

* हम आज तकनीक में इसीलिए कंगाल है क्युकी पिछले दस सालो में हमारी गणित और विज्ञान की शिक्षा के बेस को बेहद सुनियोजित तरीके से तोडा गया है :

- आठवी तक फेल नही करना

- 10 वी क्लास का बोर्ड ख़त्म करना

- 12 वी क्लास में प्रश्न पाठ्यपुस्तक के पीछे से पूछना

- IIT और JEE के प्रश्नों को सरल करना ( सिब्बल ने IIT को केंसिल ही कर दिया था, फैसला फिर से पलटा गया)

- स्कूलों को घूघरी केंद्र बनाना ।

इन कानूनों से छात्रों को अक्षर ज्ञान आ गया पर गणित विज्ञान का बेस टूट गया । क्योकि गणित विज्ञान बिना चांटे और छड़ी के मुश्किल समझ आती हैं ।
और तकनीक इन्ही दो विषयों की गुलाम है । न कि इतिहास, प्रबंधन, कला, कम्पूटर, वकालत, मेडिकल आदि की ।
घूघरी का पैसा CIA भेजता है और ये क़ानून पास करवाने के लिए संसद को खरीद लिया जाता है ।
इस प्रकार शिक्षा के विकास में हम गणित विज्ञान में कंगाल हो गये । मतलब तकनीक से हाथ धो बैठे ।

2. जज प्रणाली को समाप्त करना तथा नागरिको की ज्यूरी से फैसले का क़ानून पास हो । ( ताकि छोटे उद्योगों को संरक्षण मिले )

3. FDI को रक्षा रेल और शिक्षा में केंसिल किया जाए ।

4. DDMRCM क़ानून पास हो ( देश के मिनरल्स बचाने और सेना को मज़बूत करने के लिए )

4. रक्षा मंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस प्रमुख, शिक्षा मंत्री और पीएम सिएम को प्रजा अधीन किया जाए ।

यदि ये कानूनों को व्यापक जन समर्थन मिलता है तो पीएम को इन कानूनों को पास करने के लिए मजबूर किया जा सकता है और भारत का इराकिकरण होने से बचाया जा सकता है ।

इन कानूनों को पेड मिडिया, कोई भी राजनेतिक पार्टी, कोई भी एनजीओ आदि समर्थन नही देगा ।
इसलिए नागरिको से अपील है कि यदि आप इन कानूनों से सहमत है तो इन्हें समर्थन देवे ।

Right To Recall
जाने, समझे और मांगे..!