Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Translation of my post, with some additions
Pawan Jury BhilwaraRj:
"यह लेख उन 'जागे हुए' करोडो हिंदूओ से पुन: जागने की विनम्र अपील है जिन्हें बीजेपी, आरएसएस, विहिप, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट तथा बजरंग दल आदि संघठन हर 5 वर्ष के अंतराल में गाय, मंदिर, हिन्दुत्व, राम- कृष्ण, सभ्यता- संस्कृति आदि के नाम पर वोट करने के लिए 'जगाते' रहे है ।
वोट करने के सिर्फ 2 महीने के भीतर ही पुन: जगा कर इन केसरी भक्तो का रूटीन तोड़ने के लिए हमें खेद है " ।
: क्या हमे नयी जनगणना की आवश्यकता है ???????
- हाँ ।
क्या सेन्सस के आंकड़ो के साथ छेड़छाड़ की जा रही है , ताकि बांग्ला भाषियों और हिन्दुओ के % को मेनेज किया जा सके ????
- हां ।
- सेन्सस 2011 की प्रक्रिया दिसंबर 2011 में पूर्ण हुयी ।
- धर्म और भाषा के आंकडो को छोड़ कर अन्य सभी आंकड़े 2012 में प्रकाशित किये गए ।
- सूर्पनखा गांधी, AK- 47, मौलाना मुलायम, ममता बेगम, माया आपा , नितीश खान आदि ने इन आंकड़ो को दबाने में सहयोग किया ।
- बीजेपी ने विगत तीन वर्षो में कभी भी ये मांग नही की कि इन आंकड़ो को सार्वजनिक किया जाए ।
- ज्ञातव्य है कि 2001 के सेन्सस में मुस्लिम जनसँख्या 13%, इसाई 1.5% थी ।
- शेष 84% जनसख्या हिन्दू थी ।
- तो जेम्स माइकल मोदी अब भी क्यों धर्म एवं भाषा के आंकड़े जारी नही कर रहे है ?
- सेन्सस विश्लेशको द्वारा प्राप्त अपुष्ट खबरों के अनुसार हिंदू 76 से 80% तक सिमट चुके है । जबकि गुजरात में इसाई जन्सख्याँ 1.5% से बढ़ कर 6% हो चुकी है ।
देरी का कारण का तकनिकी पक्ष :
- सभी कार्मिको ने कागज़ पर सर्वे किया तथा मूल कागजात तहसील कार्यालय में जमा किये ।
- सभी मूल दस्तावेज दिल्ली कार्यालय भेजे गए ।
- सभी दस्तावेजो को कम्पूटर पर स्केन किया गया ।
- कम्पूटर में डाटा लेकर मूल दस्तावेजो को नष्ट कर दिया गया है ।
- ै- ज्ञातव्य है मूल दस्तावेज नष्ट होने के बाद सत्यापन की संभावना ख़त्म हो चुकी है ।
- स्केन किये गए कागजो में सन्शोधन तथा हेराफेरी की जा सकती है ।
- यदि मूल आंकड़े प्रकाशित होते है और व्यक्त किये गए संदेह की पुष्टि होती है तो जेम्स माइकल मोदी पर निम्नलिखित फैसलों को करने का भारी जन दबाव आ सकता है -
1. बांग्लादेशी घुसपेठियो को तत्काल खदेड़ने का क़ानून पास करना ।
2. रेप और अपहरण के मामले में 16 वर्ष की आयु को व्यस्क मानना ।
3. समान नागरिक संहिता लागू करना ।
4. जनसँख्या नियंत्रण क़ानून ( two chaild policy ) पास करना ।
5. FDI के सर्कस को बंद करना ।
6. राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद का निपटारा करने के लिए संसद से क़ानून पास करवाना ।
7. राष्ट्रीय पहचान प्रणाली ( national ID system ) लागू करना ।
अब मोदी साहब इतने भी ताकतवर नही हो गये है कि इतने भयंकर बवालो को मेनेज कर सके ।
समाधान : सभी जागृत नागरिको से निवेदन है कि अपने क्षेत्र के सांसद को sms द्वारा ऑर्डर भेजे कि सेन्सस 2011 को फिर से करवाया जाए ।
प्रजा अधीन राजा @