Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

एक भेड़िया एक मेमने का पीछा कर रहा था। एक "बुद्धिमान" व्यक्ति ने मेमने से कहा--- "अगर भेड़िये से बचना है तो कसाई के पास चले जाओ !!" ऐसे ही कुछ बुद्धिमान व्यक्ति हमसे कहते हैं कि हमें चीन के हमले से बचाव के लिए नाटो/ जापानी कंपनियों को हथियार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए!! मेरे विचार से इससे नाटो द्वारा भारत पर कब्ज़ा करने का काम और आसान हो जायेगा!! बुद्धिमत्ता की भी हद है !!
.
उनकी बुद्धिमत्ता और अधिक प्रखरता के साथ दिखती है जब वे भारत में स्थानीय हथियार निर्माण को बढ़ावा देने वाले कानून ड्राफ्टों को टालने पर जोर देते हैं। उदाहरण के लिए--
.
1. राइट टू रिकॉल ग्रुप का सुझाव---भारतीय निजी कंपनियों को बन्दूक तथा अन्य हथियार बनाने की अनुमति देने के लिए कानून ड्राफ्ट प्रकाशित करना, इनमे परमाणु एवं रासायनिक हथियार शामिल नही होंगे।
.
नमो- वादियों का जवाब--- माफ़ कीजिये, हमारे पास इसके लिए समय नही है।
.
2. राइट टू रिकॉल ग्रुप का सुझाव--- प्रत्येक भारतीय को अपना नाम पंजीकृत कराकर बन्दूक रखने की अनुमति देना, ताकि बन्दूक की मांग बढे तथा इसका उत्पादन भी बढे।
.
नमो- वादियों का जवाब--- माफ़ कीजिये, हमारे पास इसके लिए समय नही है।
.
3. राइट टू रिकॉल ग्रुप का सुझाव--- प्रत्येक भारतीय को बन्दूक रखने की अनुमति देना, ताकि जब चीन आक्रमण करे तो हमारे पास प्रतिरक्षा के लिए पर्याप्त बंदूकें हों।
.
नमो- वादियों का जवाब--- माफ़ कीजिये, हमारे पास इसके लिए समय नही है।
.
4. राइट टू रिकॉल ग्रुप का सुझाव--- ज्यूरी प्रणाली, संपत्ति कर आदि के लिए ड्राफ्ट प्रकाशित करना, ताकि भारतीय फैक्टरियों के मालिकों की क्षमता बढे।
.
नमो- वादियों का जवाब--- माफ़ कीजिये, हमारे पास इसके लिए समय नही है।
.
इस प्रकार स्थानीय हथियार निर्माण को बढ़ावा देने सम्बन्धी कोई भी सुझाव सुनने के लिए तथा उसपर विचार करने के लिए नमो- भक्तों के पास समय नही है। आपातकाल के लिए सोचने की उन्हें आवश्यकता और समय नही है। किन्तु रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की वकालत करने के लिए उनके पास बहुत समय है।
.
मेरे विचार से, अब समय आ गया है कि स्वदेशी तथा राष्ट्रवादी लोग यह समझें कि नमो= सोनिया= एके= भागवत= भाजपा= कांग्रेस= आआपा= आरएसएस। स्वदेशी तथा राष्ट्रवादी व्यक्तियों को चाहिए कि वे स्थानीय हथियार निर्माण को बढ़ावा देने में सहायक कानून ड्राफ्टों को लाने का प्रयास करें, जैसे- ज्यूरी प्रणाली, राइट टू रिकॉल, संपत्ति कर, हथियार निर्माण में लाइसेन्स का प्रावधान पूर्णतः खत्म करना, आदि। और मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया देशहित में सदा के लिए नमो- भक्ति एवं एफडीआई- भक्ति को छोड़ दें।
----- राहुल चिमनभाई मेहता, राइट टू रिकॉल ग्रुप
.
(कृपया कॉपी- पेस्ट करें तथा शेयर/ लाइक न करें, नोटिफिकेशन से मुझे असुविधा होती है.. यदि आपके फोन में कॉपी- पेस्ट की सुविधा नही है कृपया केवल तभी शेयर करें)।