Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

मोदी भक्त कहते है कि "कृपया मोदी को और समय दीजिये" | लेकिन प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी कर्ज़ के मामले में और समय नहीं दिया जा सकता क्यूंकि FDI कानून के अनुसार भारत सरकार विदेशी कम्पनियों को भविष्य में डॉलर देने के लिए प्रतिबद्ध है |
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हम उन योजनाओं का स्वागत करते हैं जिसमे भारत सरकार का विदेशी कम्पनियों के प्रति कोई दायित्व नहीं बनता
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और अगर मोदी FDI लाना चाहते है तो सिर्फ इसी शर्त पर लाना चाहिए के विदेशी कम्पनियाँ अपने मुनाफे को सिर्फ उन्ही के द्वारा बनाए गए माल का निर्यात करके ले जा पाएंगे ! ऐसा करने से भारत सरकार विदेशी कंपनियों को डॉलर देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं होगी |