Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

मंत्रियों के बारे में: नमो को कुछ दिनों का समय दिया जाना चाहिए। वर्ना "पूरी बीजेपी बेकार, अब की बार मोदी सरकार" नमो- भक्तों द्वारा दिया गया औपचारिक नारा था। तो अन्य मंत्रियो से आप क्या उम्मीद करते है? मैंने शपथ ग्रहण का भव्य आयोजन देखा नही, और सभी मंत्रियों पर यह टिप्पणी और विवेचना करने का कोई आधार नही बनता है कि वे अपने काम के लिए और सभी तरह से उपयुक्त हैं अथवा नही।
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जैसा कि हम जानते हैं कि मंत्री राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित कराते हैं। अतः हम इस आधार पर उनका मूल्यांकन कर सकते हैं कि उन्होंने क्या किया और क्या नहीं किया।
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किन्तु दो ऐसे मंत्री हैं जो अपवाद की श्रेणी में आते हैं।
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इनमें से एक ईरानी हैं। हालांकि मैंने समारोह तो नही देखा, किन्तु फेसबुक पर मैंने पढ़ा कि श्रीमती ईरानी को शिक्षा मंत्रालय मिला। अब तो लगता है कि सीबीएसई तथा सभी राज्यों के बोर्ड के सिलेबस में सास- बहू के धारावाहिक होंगे। वस्तुतः श्रीमती ईरानी विद्यार्थियों के लिए बहुत बड़ी आदर्श हो सकती हैं। छात्र यह देख सकते हैं कि शिक्षा मंत्री जैसे पद पर पहुंचने के लिए भी कड़ी मेहनत करके पढाई करने की कोई जरूरत नही। शैक्षणिक योग्यता तथा अनुभव द्वारा मिलने वाली अन्य नौकरियों के बारे में भूलकर धारावाहिकों में काम करो, तथा आपको वर्षो की मेहनत और विद्वतापूर्ण तजुर्बा की जरूरत रखने वाली नौकरियां भी आसानी से मिल सकती हैं। यह तथ्य धारावाहिकों में मेहनत करके अपना काम करने के लिए एक बड़ा प्रेरक होगा!! यदि श्रीमती ईरानी किसी गरीब परिवार से होती और इस कारण से पढाई पूरी नहीं कर पाती तो शैक्षणिक योग्यता में कमी का कारण मै समझ पाता। किन्तु यदि कोई व्यक्ति समृद्ध परिवार से हो, तथा उसका शैक्षणिक रिकॉर्ड ख़राब रहे, और उस व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बना दिया जाये, तो यह शिक्षा का मजाक नहीं तो और क्या है?
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दूसरे ऐसे मंत्री एजे हैं। मैं एजे को सख्त नापसंद करता हूँ। इन्होने ही मॉडर्न फ़ूड को हिंदुस्तान लिवर के हाथों 150 करोड़ में बेच दिया, जबकि मॉडर्न फ़ूड के पास अकेले दिल्ली में ही 2000 करोड़ रूपये से अधिक कीमत के प्लाट का स्वामित्व था!! आप अनुमान लगा सकते हैं कि उन्हें कितनी अधिक रिश्वत मिली होगी। साथ ही, 2001 में एजे ने यह कानून बनाया कि यदि कोई 18 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति कितनी भी अधिक संख्या में गंभीर से गंभीर अपराध कर ले, चाहे वह हत्या हो, अपहरण हो या कोई अन्य अपराध-- उसे अधिकतम 3 वर्ष की सजा ही हो सकती है!! एजे द्वारा दिए गए इस कानून ड्राफ्ट के चलते महिलाओं के खिलाफ गंभीर हिंसक अपराध तिगुने तक बढ़ गए, तथा लव जिहाद तो कई गुना बढ़ गया!!
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जिन्होंने आआपा, कांग्रेस, भाजपा को बिकाऊ मीडिया द्वारा दिए गए कवरेज के लिए पैसे दिए, वही अब सरकार का संचालन करेंगे। अप्रैल- 2011 से अब तक हम एके, अन्ना, आआपा, नमो, भाजपा, राहुलगांधी, प्रियंका, कांग्रेस आदि को बिकाऊ मीडिया द्वारा दिए गए व्यापक कवरेज के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। हो सकता है कि इस सबसे हमारे जो मनोरंजन हुआ उसकी कीमत हमें अब चुकानी पड़े।
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जो भी हो, मंत्रियों को पहले राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित कराने दें, और उसे पढ़ने के बाद ही हम आगे कुछ कह सकते हैं।