Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

मैं आपको एक ऐसा छलपूर्ण तरीका बताने जा रहा हूँ जिसका प्रयोग पार्टी X के नेताओं एवं समर्थकों द्वारा पार्टी Y को हराने के लिए किया जा सकता है। यदि आप पार्टी X के समर्थक हैं तथा आपको संदेह है कि कोई व्यक्ति पार्टी Y के पक्ष में मतदान करने वाला है, तो आप उसे 500 रूपये देकर उसकी पूर्ण सहमति से उसके दोनों हाथों की पहली उँगलियों पर स्याही का निशान मतदान की तिथि के ठीक 1- 2 दिन पहले लगा दें। इस प्रकार वह मतदान नहीं कर पायेगा। तथा पार्टी Y के पक्ष में एक मत कम पड़ेगा। इस तरह पार्टी X के जीतने की सम्भावना बढ़ जायेगी।

(translation from a friend of mine)

अब कृपया मुझसे यह नहीं पूछें कि इस प्रकार की स्याही कहाँ मिलेगी। मुझे पता नही है। लेकिन आपका कोई ऐसा मित्र बता सकता है जो कि रसायन विज्ञान का विद्यार्थी हो।
मैं आप सबसे अनुरोध करूंगा कि इस छल का उपयोग न करें। मैं इसके खिलाफ हूँ। मैं किसी भी मतदाता को कुछ भी देकर खरीदूंगा नही। फिर मैं इस तरीके के बारे में आपको क्यों बता रहा हूँ? दो दिन तक मैंने बहुत सोचा कि मुझे इस बारे में आप सब को बताना चाहिए या नहीं। अंत में मैंने आपको बताने का निर्णय लिया। क्यों? इसके दो कारण हैं:

1. यदि कोई एक राजनीतिक दल यह तरीका ईजाद कर लेता है और इसका उपयोग भी शुरू कर देता है तो ऐसे में यदि दूसरा भी इसके बारे में पहले से जानता होगा तो हानि कम से कम होगी।

2. कोई भी राजनीतिक दल सत्ता में आये, चाहे वह कांग्रेस हो, भाजपा हो, या आम आदमी पार्टी, गरीब मतदाता हमेशा हाशिये पर चले जाते हैं। अतः उनके लिए एक हीं विकल्प है कि वे अपने सांसद को एसएमएस भेजकर राइट टू रिकॉल जैसे कानून ड्राफ्ट लाने का आदेश दें। राइट टू रिकॉल के बिना मतदान से कोई परिवर्तन नहीं आने वाला।

अतः यदि आप भाजपा के समर्थक हैं तो 500 रूपये ऐसे मतदाता को दे सकते हैं जिनपर आपको संदेह है कि वे कांग्रेस को वोट देंगे। यदि आप कांग्रेस के समर्थक हैं तो 500 रूपये ऐसे मतदाता को दे सकते हैं जिनपर आपको संदेह है कि वे भाजपा को वोट देंगे।

मेरे अगले पोस्ट में मैं दूसरा ऐसा तरीका बताऊंगा जिसे किसी पार्टी के नेता या समर्थक अपने विरोधी के खिलाफ प्रयोग कर सकते हैं। यदि आप मेरे सभी स्टेटस पढ़ना चाहते हैं तो कृपया मुझे क्लोज फ्रेंड बनायें।

इसका समाधान है राइट टू रिकॉल कानून ड्राफ्ट को गजट में प्रकाशित करवाना (ड्राफ्ट के लिए कृपया देखें: rahulmehta . com/301.htm का सेक्शन 40.2 ) यदि यह ड्राफ्ट गजट में प्रकाशित हो जाता है तो चुनाव समाप्त होने के बाद भी मतदाता अपना मत किसी भी दिन बदलकर किसी और के पक्ष में दे सकता है। अतः यदि कोई व्यक्ति X के पक्ष में मतदान करने के लिए 10000 मतदाताओं को 500 रूपये देता है, तो मतदाता उस समय तो 500 रूपये लेकर X के पक्ष में मत डाल देगा, किन्तु अगले हीं दिन अपना मत बदल कर Y के पक्ष में मत दे देगा। अब हजारों या लाखों मतदाताओं के खिलाफ तो कोई लड़ नही सकता। दूसरी तरह से कहें तो, यदि सेक्शन 40.2 में दिया गया ड्राफ्ट गजट में प्रकाशित हो जाता है तो मतों की खरीद फरोख्त महज पैसे की बर्बादी बन जायेगी और इसका कोई लाभ नही होगा।