Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

(translation form a friend of mine)

ऐसा लगता है हिन्दुत्त्व की मौत हो चुकी है। यह बात आज तक के संवाददाता द्वारा वाराणसी में राजनीती एवं आगामी चुनावों से सम्बंधित मुद्दों पर मोदी बनाम केजरीवाल की भूमिका पर पूछे गए प्रश्नो और उनके जवाबों से पूरी तरह स्पष्ट है। कृपया इसके लिए १७ मिनट का विडियो देखें ( )

छात्रों ने इसपर जो विचार दिए उनमें कुछ प्रचलित शब्दों जैसे विकास, हिंदुत्त्व इत्यादि की चर्चा थी। परन्तु किसी भी छात्र ने काशी विश्वनाथ देवालय की चर्चा की हिम्मत नही की, जिसे कि औरंगजेब ने ध्वंस करके उसके मलवे पर मस्जिद बनवा दिया था।

यह भी हो सकता है कि किसी छात्र ने इसपर कुछ बोला भी हो और आज तक ने उसे एडिट करके हटा दिया हो।

कहना मुश्किल है। किन्तु फेसबुक पर भी भाजपा का एक भी चाहनेवाला काशी विश्वनाथ देवालय पर कोई चर्चा नही कर रहा। यहाँ तक कि मोदी के कट्टर समर्थक भी इस मुद्दे पर मौन हैं।
मेरे ख्याल से तथाकथित हिंदुत्त्व की यह सदमाजनक पराजय है। तथा इसे पुनर्जीवित करने हेतु कठोर प्रयास की आवश्यकता होगी। कृपया १७ मिनट का ये वीडियो देखें। इसके लिए लिंक प्रथम कमेंट में दिया गया है।

youtube . com/watch?v=V22ev7w2PtQ