Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

गैस की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर 1 अप्रैल 2014 को आनेवाले तूफ़ान की बात मैंने पहले भी कही थी और फिर से दुहराना चाहूंगा। यदि गैस की कीमतें दोगुनी हो जाती हैं जैसी कि चर्चा है, तो AK- 420 धरने पर बैठ जायेंगे। उनके इस धरने को बिकाऊ मीडिया का भारी समर्थन मिलेगा। साथ ही आम जनता का भी समर्थन मिलेगा। तब कांग्रेस चुनाव आयोग से कीमत वृद्धि पर स्थगन की मांग करेगी। चुनाव आयोग भी इसपर सहमत होगा तथा इसका श्रेय AK को जायेगा।

मैं निम्नलिखित समाधान प्रस्तावित करता हूँ:

1. पेट्रोलियम मंत्री पर राइट टू रिकॉल

2. ओएनजीसी चेयरमैन पर राइट टू रिकॉल

3. ओएनजीसी स्टाफ पर ज्यूरी ट्रायल

4. निजी स्तर पर सांठ- गाँठ को हतोत्साहित करने वाले कानून- ड्राफ्ट लाना और इस प्रकार जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश के जरूरत है उनमें प्रतियोगिता को प्रोत्साहित करना।

(1) तथा (2) के लिए ड्राफ्ट के लिए आप देख सकते हैं rahulmehta . com / 301.htm , rahulmehta . com / 301.h.htm . सेक्शन 6.6 में दिया गया राइट टू रिकॉल प्र. मं. का ड्राफ्ट पेट्रोलियम मंत्री तथा ओएनजीसी चेयरमैन के लिए भी लागू हो सकता है। (4) के लिए ड्राफ्ट अभी तैयार होने की प्रक्रिया में है।

मुझे यह नहीं पता कि भाजपा के पास क्या विकल्प है। वस्तुतः मुझे कोई विकल्प नहीं दिखता, चूंकि भाजपा नेता गैस की कीमतें दुगनी करने की बात पर सहमत हैं और वह भी जनता के सामने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए।