Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

NaMo's video on S first D later. remove spaces youtube . com /watch?v=XBnbARxdMFg

See text below. I find it SICKENING and utterly uncivilized remark, cleverly worded to look like a pearl of wisdom . I am now OFFICIALLY warning all Hinduwadies --- put your efforts , money(*), energy, time and focus in convincing voters to send necessary orders to MPs via SMS, Right to Recall law-drafts , JurySys law-draft, wealth tax law draft, Hindu Mandir Prabandhak Committee law-draft etc etc etc. Dont waste your time in NaMo-worshipping hoping that he will be bring RJB, KJB, KV or combat Missionaries.

मित्रो समस्या के समाधान खोजना , ईसके लिए हमारे यहाँ प्रयास नहीं होता है. और इसीका नतीजा है की हम संकटोंमें इलाझे रहते है. यहाँ सेनिटेशनको लेकर बहुत चिंता जताई. जो बहुत स्वाभाविक है मित्रो. इक्कीसवीं सदीमें हम जी रहे है. और आजभी हमारी माताओ और बहनोंको खुलेमें शौचक्रियाके लिए जाना पड़े, क्या इससे बड़ी कोई शर्ममिंदगीकी बात कोई हो सकती है क्या? किसी को भी पीड़ा होती है मित्रो. लिकिन जिस देशमें गांधीजी जीवनभर स्व्च्छता सफाई , ईसके लिए जीते रहे , जीवनभर इनकी प्राथमिकता थी उस देशमें हम इस स्थितिमें है. मित्रो मेरी पहेचन तो है एक हिन्दूत्ववादी की, (दर्शकोकी तालिया) लेकिन मेरी रियल सोच क्या है में आपको बताता हूँ. मैंने मेरे राज्यमें हिम्मतके साथ एक बात कही हें , और लगातार कहेता हु ; जो मेरी छवि है वह यह हिम्मत नहीं करा सकता है ; लेकिन मैं करता हूँ ; मैं कहता हूँ – पहेले शौचालय फिर देवालय (दर्शकोकी तालिया) ; हर गांवमें , हर गांवमें, लाखो रुपयेके देवालय तो है ; लेकिन सौचालय नहीं हें (दर्शकोकी तालिया, लेकिन पहेलेसे कम ) ; मित्रो समाजमें ईस हिम्मत के साथ , और लीडरसकी यहीतो क्वालिटी होती है , (दर्शकोकी तालिया) उसमे हिम्मत चाहिए; समाजकी कठिनाइयो के समय नेतृत्व करनेका सामर्थ्य दिखानेका नए राह पर जानेका हिम्मत चाहिए