> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2023-05-10

Pawan Jury BhilwaraRj

#Vvp05 #जिला_जूरी_कोर्ट (Short Version)
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मुकदमों की सुनवाई के लिए विवेकशील नागरिको की जूरी का प्रस्ताव
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दुनिया में अदालतें चलाने की दो प्रणालियाँ मौजूद है – जज सिस्टम एवं जूरी सिस्टम। जज सिस्टम में मुकदमा सुनने और दंड देने की शक्ति सरकार के आदमी (जज आदि) के पास होती है, जबकि जूरी सिस्टम में यह काम नागरिको का समूह (जूरी मंडल) करता है।
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कई देशो जैसे फ़्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, रूस, आदि में अदालतें चलाने के लिए जूरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। जिन देशो में जूरी सिस्टम है वहां सरकारी भ्रष्टाचार एवं उत्पीड़न जज सिस्टम वाले देशो की तुलना में बेहद कम है।
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हमने सरल प्रकृति के आपराधिक मामलों में जूरी सिस्टम लागू करने के लिए जूरी कोर्ट नामक क़ानून ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। इस काननू को लागू करने के लिए विधानसभा से अनुमति की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री इसे सीधे गेजेट में छाप सकते है। #JuryCourt
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इस कानून के गेजेट में आने के बाद मुकदमों की सुनवाई जूरी करेगी, तथा प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। जिला पुलिस प्रमुख (SP) इस पासबुक के दायरे में आएगा। तब यदि आपके जिले की पुलिस ठीक से काम नहीं कर रही है, तो आप वोट वापसी पासबुक का इस्तेमाल करके एसपी को बदलने के लिए अपनी स्वीकृति दे सकेंगे। जूरी एवं वोट वापसी पासबुक की विस्तृत प्रक्रिया देखने के लिए पूरे ड्राफ्ट का लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें।
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यदि आपका नाम जिले की वोटर लिस्ट में है और यदि ग्रैंड जूरी आपमें किसी मुकदमें को सुनने और फैसला देने का विवेक पाती है, तो यह कानून पास होने के बाद आपको जूरी ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है। जूरी ड्यूटी में आपको आरोपी, पीड़ित, गवाहों व दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा प्रस्तुत सबूत देखकर बहस सुननी होगी और सजा / जुर्माना या रिहाई का फैसला देना होगा। जूरी के गठन से सम्बंधित मुख्य बिंदु निम्नवत होंगे :
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(1) जूरी सदस्यों का आयु वर्ग 25 से 55 वर्ष के बीच होगा व उनका चयन मतदाता सूची से लॉटरी द्वारा किया जायेगा। लॉटरी द्वारा आए इन नागरिको में से विवेकशील नागरिकों का चयन करके जूरी का गठन होगा।
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(2) जूरी में न्यूनतम 12 सदस्य होंगे और मामले की गंभीरता देखते हुए जूरी का आकार 1500 सदस्यों तक बढ़ाया जा सकेगा।
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(3) प्रत्येक मामले के लिए अलग से जूरी होगी, और फैसला देने के बाद जूरी भंग हो जायेगी। जो व्यक्ति जूरी ड्यूटी कर चुका है, उन्हें अगले 5 वर्ष तक जूरी ड्यूटी के लिए नहीं बुलाया जाएगा।
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(4) जूरी ड्यूटी करने वाले नागरिक को 600 रू प्रति उपस्थिति व यात्रा व्यय मिलेगा।
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(5) जूरी सदस्य जज या जूरी प्रशासक की उपस्थिति में मुकदमा सुनेंगे और अपना फैसला बंद लिफाफे में जज को दे देंगे। जूरी सदस्यों के बहुमत द्वारा मंजूर फैसला जूरी का फैसला माना जाएगा।
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(6) जूरी का फैसला परामर्श कारी, बाध्यकारी नहीं। जज चाहे तो जूरी के फैसले में संशोधन कर सकता है, या इसे पूरी तरह पलट सकता है, या इसे अक्षरश: लागू करने का आदेश दे सकता है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो Cm को एक खुला निर्देश पत्र (पोस्टकार्ड) भेजे। पत्र में यह लिखे -
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मुख्यमंत्री जी, जिला जूरी क़ानून गेजेट में छापें - #JilaJuryCourt
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#VoteVapsiPassbook
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[Proposed by : Vote Vapsi Khamba Movement]
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