> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2023-05-10

Pawan Jury BhilwaraRj

#Vvp02 #रिक्त_भूमि_कर (Short Version)
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GST हटाकर रिक्त भूमि कर लाने का प्रस्ताव
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इस क़ानून के गेजेट में छपने के बाद जीएसटी रद्द हो जाएगा। निचे इस क़ानून के मुख्य बिंदु दिए गए है। प्रस्तावित रिक्त भूमि कर क़ानून में कुल 16 धाराएं है। रिक्त भूमि कर क़ानून का पूरे ड्राफ्ट का लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें।
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इस क़ानून के गेजेट में प्रकाशित होने के साथ ही जीएसटी क़ानून रद्द होगा, तथा नागरिको द्वारा धारण की गयी अतिरिक्त भूमि 1% सालाना की दर से कर योग्य होगी। यह क़ानून भूमि पर कर नहीं लगाता, बल्कि अनुपयोगी एवं अकार्यशील भूमि को कर के दायरे में लेता है।
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रिक्त भूमि धारण करने वाला भू-स्वामी साल में 1 बार रिक्त भूमि कर का रिटर्न भरेगा। यदि वह आयकर दाता भी है तो चुकाए गये आयकर को देय रिक्त भूमि कर में से घटा दिया जाएगा। रिक्त भूमि कर से सरकार के पास उतना पैसा इकट्ठा हो जायेगा जितना Gst से हो रहा है।
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इस क़ानून के गेजेट में आने से निम्नलिखित बदलाव आयेंगे
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(1) उपभोक्ता के लिए : Gst वस्तुओं एवं सेवाओं के उपभोग पर कर है। आप जो भी वस्तु खरीदते है, उस पर Gst चुकाते है। जब आप बिल नहीं लेते तब भी आप यह कर चुकाते है, क्योंकि यह लागत में जुड़ा होता है। विभिन्न वस्तुओं पर Gst कि दरें 5% से लेकर 28% तक है। अत: आप जीवन यापन के लिए जितना भी खर्च करते है, उसका औसतन 15% सरकार के पास कर के रूप में चला जाता है।
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यदि कोई परिवार घर चलाने के लिए (राशन, बिजली-पानी-फोन के बिल, यात्रा, दवाइयां आदि) पर 20,000 रू मासिक खर्च करता है तो इसमें से 3,000 रू वह Gst के रूप में चुका देता है। रिक्त भूमि कर आने के बाद Gst हट जायेगा अत: वस्तुओं एवं सेवाओं के उपभोग पर उपभोक्ता को कोई कर नहीं चुकाना होगा।
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(2) कारोबारियों के लिए : इस क़ानून के आने के बाद माल बनाने, माल खरीदने, बेचने, स्टॉक रखने, ट्रांसपोर्ट करने आदि पर न तो कोई टेक्स चुकाना होगा, और न ही कारोबारी को इसका हिसाब सरकार को देना होगा। यदि व्यक्ति ऐसी वस्तु का कारोबार कर रहा है जो प्रतिबंधित एवं लाइसेंस शुदा वस्तुओं (जैसे मादक पदार्थ, विस्फोटक आदि) की श्रेणी में नहीं आती तो सरकार का उसके कारोबार में कोई दखल नहीं होगा।
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(3) भारत में धनिक वर्ग एवं नेता-अधिकारी आदि बड़े पैमाने पर जमीनों में निवेश करते है। मतलब वे जमीन खरीद कर छोड़ देते है, और दाम बढ़ने पर इसे बेच कर नयी जमीन ले लेते है। इस तरह कीमती जमीनों कि होर्डिंग (Hoarding) की जाती है। इस क़ानून की केन्द्रीय सरंचना यह है कि इस्तेमाल में न आने वाली भूमि पर कर लिया जाए, ताकि बाजार में जमीन की आवक बढ़े और जमीनों के दाम कम हो।
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इस क़ानून के आने के बाद जमीन के दाम औसतन 60% से 70% तक गिर जायेंगे। जमीन सस्ती होने से कम आय वर्ग वाले व्यक्तियों के लिए घर, कारखाना, कार्यालय आदि बनाने के लिए जमीन खरीदना आसान हो जायेगा।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो Pm को एक खुला निर्देश पत्र (पोस्टकार्ड) भेजे। पत्र में यह लिखे -
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प्रधानमंत्री जी, GST हटाकर रिक्त भूमि कर क़ानून गेजेट में छापें - #CancelGst #EmptyLandTax
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#VoteVapsiPassbook
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[Proposed by : Vote Vapsi Khamba Movement]
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