Pawan Jury BhilwaraRj
#12Vvp #जूरी_पंचायत (Short Version)
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पंचायतो का प्रशासन सुधारने के लिए प्रस्तावित क़ानून
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यह कानून पंचायत एवं स्थानीय स्तर के प्रशासन को सुधारने के लिए लिखा गया है। इस क़ानून को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री इसे विधानसभा से पास करके राज्य में लागू कर सकते है। इस क़ानून के पूरे ड्राफ्ट का लिंक कमेंट बॉक्स में देखें :
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प्रस्तावित जूरी पंचायत कानून के मुख्य बिंदु निचे दिए है :
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(1) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर राज्य के प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। निम्नलिखित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि इस वोट वापसी पासबुक के दायरे में आयेंगे :
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1. सरपंच
2. तहसील पंचायत समिती प्रधान
3. जिला पंचायत प्रमुख
4. नगर परिषद / नगर निगम पार्षद
5. नगर परिषद सभापति / मेयर
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तब यदि आप ऊपर दिए गए किसी जनप्रतिनिधि के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को लाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में जाकर स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है।
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आप अपनी हाँ SMS से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दे सकते है, या अपनी स्वीकृति रद्द कर सकते है। यह स्वीकृति आपका वोट नही है। बल्कि यह एक सुझाव है।
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(2) यदि आपका नाम वोटर लिस्ट में है तो इस कानून के पारित होने के बाद आपको जूरी ड्यूटी के लिए बुलाया जा सकता है। निम्नलिखित 6 अधिकारियों, धारा (1) में दिए जनप्रतिनिधियों एवं उनके स्टाफ से सम्बंधित नागरिक शिकायतें जूरी ड्यूटी के दायरे में रहेगी।
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जूरी का चयन लॉटरी से किया जाएगा, तथा मामले की हैसियत के अनुसार जूरी में 15 से 1500 नागरिक तक हो सकेंगे। यदि लॉटरी में आपका नाम निकल आता है तो आपको अमुक अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज नागरिक शिकायतों की सुनवाई करके फैसला देना होगा। शिकायत की गंभीरता के अनुसार आप निम्न अधिकारियों पर जुर्माना आदि लगा सकते है।
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1. पटवारी
2. ग्राम विकास अधिकारी
3. तहसीलदार
4. गिरदावर
5. नगर परिषद सचिव
6. जिला परिषद सचिव
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(3) इस क़ानून के पारित होने के बाद से सरपंच का सेवा भत्ता न्यूनतम 40,000 रू एवं अधिकतम 50,000 मासिक होगा। सरपंच अधिकतम 8 पंचायत से चुनाव लड़ सकेगा और वह उतनी पंचायतो का सेवा भत्ता प्राप्त करेगा, जितनी पंचायत में वह सरपंच चुना गया है। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति 6 पंचायत से चुनाव लड़ता है, और 5 पंचायत से जीत जाता है तो वह 2,00,000 रू मासिक प्राप्त करेगा।
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(4) इस क़ानून के पारित होने के बाद सभापति का सेवा भत्ता न्यूनतम 60,000 रू एवं अधिकतम 80,000 रू होगा। नगर पालिका / नगर परिषद / नगर निगम पार्षद का न्यूनतम सेवा भत्ता 15,000 से 25,000 रू मासिक होगा। पार्षद किन्ही 5 वार्ड से चुनाव लड़ सकेगा, और वह उतने वार्ड का सेवा भत्ता प्राप्त करेगा जितने वार्ड से वह चुना गया है।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो Cm को एक खुला निर्देश पत्र (पोस्टकार्ड) भेजे। पत्र में यह लिखे -
मुख्यमंत्री जी, जूरी पंचायत क़ानून गेजेट में छापें #JuryPanchayat
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#VoteVapsiPassbook
[Proposed by : Vote Vapsi Khamba Movement]
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