Pawan Jury BhilwaraRj
स्वामी विवेकानंद जी ने गौ मांस भक्षण के पक्ष में दलीलें तब देनी शुरू की थी, जब पूरे देश में गाय बचाओ आन्दोलन चल रहा था। सत्तावन की क्रांति के बाद 1870 ई. में शुरू हुआ यह देश व्यापी आन्दोलन 1895 ई. तक चला !! इस दौरान देश भर में हुए दंगो में हजारो जानें गयी थी।
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(1) 1888 में ब्रिटिश हाई कोर्ट ने IPC की धारा 295 के तहत सुनाए गए फैसले में पहली बार यह कहा था कि – गाय धार्मिक रूप से पवित्र पशु नहीं है !! (धारा 295 धार्मिक भावनाएं आहत करने के बारे में है)
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मुझे नहीं पता कि स्वामी विवेकानंद ने गौ मांस भक्षण के समर्थन में दलील देना पहले ही शुरू कर दिया था, और इसके बाद ब्रिटिश राज ने यह फैसला दिया कि गाय हिन्दू धर्म में पवित्र पशु नहीं है, या फिर विवेकानंद जी को यह ज्ञान ब्रिटिश जज द्वारा दिए गए फैसले के बाद हुआ !!
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पिछले 10,000 साल में भारत की धरती पर ऐसा कोई भी संत नहीं हुआ है, जिसे इतना ऊँचा ज्ञान था !! इस श्रेणी में विवेकानंद जी एक मात्र संत है !!
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(2) अपने अमेरिका प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद जी से रोकेफेलर फैमिली का फाउंडर जॉन डेविस रोकेफेलर 2 बार मिला था !! मुझे नहीं पता कि, स्वामी जी को “गौ मांस भक्षण वैदिक संस्कृति का अंग रहा है” का यह ज्ञान पहले ही हो गया था और इसीलिए रोकेफेलर उनसे मिला, या यह ज्ञान स्वामी जी को रोकेफेलर से मिलने के बाद प्राप्त हुआ !!
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विवेकानंद साहित्य में बताया गया है - स्वामी जी का रोकेफेलर पर काफी प्रभाव पड़ा और रोकेफेलर ने स्वामी जी से मिलने के बाद धार्मिक संस्थाओ को दान देना शुरू कर दिया था !!
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दरअसल, रोकेफेलर 15 वर्ष की आयु से ही चर्च को दान दे रहा था. रोकेफेलर की लेजर की एंट्रियाँ बताती है कि वह जो भी कमाता था उसमें से 6% हिस्सा चर्च को दे देता था. 20 वर्ष की आयु तक आते आते उसने दान का हिस्सा 10% कर दिया था. और फिर आगे जैसे जैसे उसकी कमाई बढती गयी, वह चर्च को दिए जाने वाले हिस्से में इजाफा करता गया !!
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(3) स्वामी विवेकानंद जी के बारे में कुछ और तथ्य जिनसे ज्यादातर नागरिक सूचित नहीं है :
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(3.1) स्वामी जी अपने प्रवास के दौरान 2 पुस्तकें साथ रखते थे – गीता, और इमिटेशन ऑफ़ क्राइस्ट !! उनका मानना था कि व्यक्ति को ये दोनों किताबें पढ़नी चाहिए !! इस तरह वे वैदिक धर्म के साथ साथ बाइबिल का भी प्रचार करते थे !! उन्होंने इमिटेशन ऑफ़ क्राइस्ट का अनुवाद भी किया था और इसे महान खजाना बताया था !! उन्ही के शब्दों में :
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“The Imitation of Christ is a cherished treasure of the Christian world. This great book was written by a Roman Catholic monk. “Written”, perhaps, is not the proper word. It would be more appropriate to say that each letter of the book is marked deep with the heart’s blood of the great soul who had renounced all for his love of Christ.”
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<http://vivekavani.com/swami-vivekananda-quotes-jesus-christ/>
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(3.2) 2015 में जब मोदी साहेब रामकृष्ण मिशन के वेलुर मठ गए थे तो उन्हें बाइबिल भी भेंट की गयी थी !!
<https://timesofindia.indiatimes.com/india/Modi-visits-Dakshineswar-temple-Belur-Math/articleshow/47221252.cms>
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(3.3) 2016 में रामकृष्ण मिशन द्वारा क्रिसमस सेलिब्रेशन के यह फोटो देखिये - <https://media.belurmath.org/christmas-eve-2016-photos-926/>
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(4) स्वामी विवेकानंद जी को ब्रिटिश राज से आज तक पेड मीडिया द्वारा सबसे अधिक सकारात्मक कवरेज दिया जाता रहा है !! और गौ मांस भक्षण का समर्थन करना एक बड़ी वजह है कि, स्वामी विवेकानंद आरएसएस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ में काफी लोकप्रिय है !!
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आरएसएस के पदाधिकारी एवं चिंतक स्वामी विवेकानंद के बारे में ये महत्त्वपूर्ण बात कभी नहीं बताते थे !! वे स्वामी जी के जीवन के सभी महान प्रसंगो के बारे में जिक्र करते है, किन्तु इस प्रसंग को हमेशा छिपा लेते है। इस तरह की चयनात्मक सूचनाएं देना ठीक नीति नहीं है। महान लोगो के बारे में सभी महान बातें बताई जानी चाहिए।
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(5) स्वामी विवेकानंद जी के गौ मांस के बारे में ये वक्तव्य आपको उनकी अधिकृत बायोग्राफी में मिल जायेंगे
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There was a time in this very India when, without eating beef, no Brahmin could remain a Brahmin; you read in the Vedas how, when a Sannyasin, a king, or a great man came into a house, the best bullock was killed; how in time it was found that as we were an agricultural race, killing the best bulls meant annihilation of the race. Therefore the practice was stopped, and a voice was raised against the killing of cows."
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Source : The Complete Works of Swami Vivekananda/Volume 3/Lectures from Colombo
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<http://aryamantavya.in/swami-vivekanand-meat-eating/?fbclid=IwAR00mDVCeMFQfAs22LykpUT1S8OEaitaIuH1Mo4libSmAajxTPNj4pvvGrg>
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स्पष्टीकरण : यहाँ स्वामी विवेकानंद जी के संतत्व की आलोचना करना मेरा हेतु नहीं है। किन्तु चूंकि पेड मीडिया एवं आरएसएस के कार्यकर्ताओ द्वारा इस जानकारी को निरंतर छिपाया गया है, इसीलिए यह सूचना दी गयी है। और यह सूचना इसीलिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले समय में पेड मीडिया के प्रायोजक (मिशनरीज) भारत के युवाओं को गौ मांस खाने की प्रेरणा देने के लिए उन चरित्रों का उभारने वाले है, जिन्होंने गौ मांस भक्षण के समर्थन में दलीलें दी है !!
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स्वामी विवेकानन्द पर एक पुराना पोस्ट यहाँ देखें - <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/1387224581395774>
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- https://l.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fvivekavani.com%2Fswami-vivekananda-quotes-jesus-christ%2F&h=AUAbIl0JLva4bHpJofPGUZQRbIqfKFRWx8l6JYbtGg5fwGARmn2VXuElSAs1jaaubwRlShO87YylIMGnr9curkF6yIl4cRV6jMzrh3UU8CAaBZR6L3MjA7TUCmzvDej5gZ2Lvw_QFRY946sJ70YTInidl7rFAzy2hqLGQhXp5C4FgSd6&s=1
- https://l.facebook.com/l.php?u=https%3A%2F%2Ftimesofindia.indiatimes.com%2Findia%2FModi-visits-Dakshineswar-temple-Belur-Math%2Farticleshow%2F47221252.cms&h=AUAhADobfN-O26j5AX_WIE_SjpWwaxSRrfkR57TgIEMvbHvwKcManpFcZXZnsbQ_ksLB9GOCgsZIN6Wsuni6VyP7ReSm_AP5lVDmJ_At2yK1KG7sC042FK8NVvVvbvV7NV__e3p0OHYngrIDYtUX2D2FI_02ByMmHgFmiwCC7EZu6o8v&s=1
- https://l.facebook.com/l.php?u=https%3A%2F%2Fmedia.belurmath.org%2Fchristmas-eve-2016-photos-926%2F&h=AUDnb7u_QrojIaZJ4MOrxRUuhez6hRziRrTwNpzVOOKv_afDjqMp3lRRH53zIx8myhyYZDDgiUI-Ru__Q3Cte61OCyJr9NkR14-Lp1zlC3Wvjo_bnU9OT9iihJVI7hwi5X1-UiLiNyzRMWIDX3NgDsFtIqPQFI6PA0fZxaN5OOj4I2ek&s=1
- https://l.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Faryamantavya.in%2Fswami-vivekanand-meat-eating%2F%3Ffbclid%3DIwAR00mDVCeMFQfAs22LykpUT1S8OEaitaIuH1Mo4libSmAajxTPNj4pvvGrg&h=AUBgxANRo70GN2foaz9PRMxIc0n-pVpcwhs-2WD8HqOk-R2_576f3SvleDC3Flc6XTOXY-pV_JqdJi1kmsOedWimo8qw2CwsgKmyJIBYqr0drSYshpDKIFQ6OLo73IovUHoqG7yXP0LaLXvLIKJaPHbcIFFC-412u_S2C3s7QhBXWpab&s=1
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