> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-09-15

Pawan Jury BhilwaraRj

सच्ची कॉन्सपरेसी (जूरी / हथियार) Vs फर्जी कॉन्सपरेसी थ्योरी
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फर्जी कॉन्सपरेसी थ्योरी की जरूरत इसीलिए होती है, ताकि सूचित कार्यकर्ताओ को सच्ची कॉन्सपरेसी तक पहुँचने से रोका जा सके !!
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अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक हथियारों के कारण सफल रहे हैं, और उन्होंने पेड इतिहासकारों को भुगतान किया ताकि वे हथियारों / जूरी की भूमिका को छिपाए तथा कार्यकर्ताओ को फर्जी कोंस्पेरेसी थ्योरी में उलझाकर रखने के लिए डेविड आइक / ग्रेट गेम इण्डिया / मोहन गांधी / विश्वरूप रॉय चौधरी जैसे टाइम वेस्टर्स को बढ़ावा दे !!!
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अध्यायों की सूची :
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(1) 300 साल पुराना और आज भी निरंतर रूप से जारी सही षड्यंत्र है --- उन्नत हथियारो पर नियंत्रण रखने वाला वर्ग शासन करेगा !! कोई नियम नहीं, कोई अपवाद नहीं !! नैतिकता मायने रखती है, लेकिन सिर्फ तब जब अगर नैतिकता में मानने वाले लोग हथियारों की इंजीनियरिंग के निर्णायक प्रभाव को स्वीकार करते है, और बेहतर हथियारों के निर्माण के लिए आवश्यक इंजीनियरिंग जुटाने के लिए काम करते है।
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(2) पेड इतिहासकारों को भुगतान किया गया कि वे इतिहास की पुस्तकों में "हथियारों की निर्णायक भूमिका का उल्लेख न करें !!!
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(3) डेविड आइक और ग्रेटगेमइंडिया जैसे बदमाशों को उभारा गया ताकि वे यू ट्यूब / फेसबुक आदि का इस्तेमाल करके कार्यकर्ताओ का ध्यान "हथियारों द्वारा नियंत्रण" वास्तविकता से हटाएं और फर्जी कोंस्पिरेसी थ्योरी में उन्हें उलझा दें !!
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(4) कार्यकर्ताओं का समय बर्बाद करने के लिए फर्जी समाधान लाये गए - जैसे नमक सत्याग्रह, विश्वरूप चौधरी द्वारा मास्क जलाओ अभियान, कंगना रनौत की नौटंकी, इत्यादि।
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विवरण :
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(1) 300 साल पुराना और आज भी निरंतर रूप से जारी सही षड्यंत्र है ---
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(1.01) अमेरिका और ब्रिटेन के हथियार निर्माताओ ( रॉकेफेलर रोथाचिल्ड इत्यादि ) के पास ज्यादा उन्नत एवं खतरनाक हथियार थे, और इस वजह से उन्होंने नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका, अफ्रीका, एशिया इत्यादि क्षेत्रो के राजाओं को पराजित किया। और वे उन्नत हथियार इसीलिए बना पाए क्योंकि जूरी मंडल जज+पुलिस+नेता माफिया से अमेरिका-ब्रिटेन के कारखाना मालिको की रक्षा कर रहा था !!
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(1.02) इन हथियारों के बल पर अमेरिकी–ब्रिटिश धनिकों ने पूरी दुनिया की खनिज संपदाएँ एवं धन लूटा।
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(1.03) लुटे गए इस धन के बल पर उन्होंने अमेरिका ब्रिटेन और यूरोप की मीडिया पर नियंत्रण प्राप्त किया और मीडिया के द्वारा उन्होंने राजनेताओ एवं राजनीती को कब्ज़े में लिया।
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(1.04) जब ये धन लूट कर वे अपने देश में ले गए, तो इस धन से उनके देशो में समृद्धि आई। इस तरह अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने अमेरिका-ब्रिटेन के लोगो को नहीं लूटा। वास्तव में, उन्होंने अपने देश के लोगों को अमीर बनाया। लूट केवल लैटिन अमेरिका + एशिया + अफ्रीकी आदि देशो में की गई थी।
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(1.05) बैंक, मीडिया, न्याय व्यवस्था और अनुत्पादक शिक्षा प्रणाली, विभिन्न व्यापार समझौते एवं संधियाँ आदि लूट के साधन थे, और लॉकडाउन भी लूटने का इसी तरह का एक साधन है !! लेकिन इसमें से किसी भी साधन द्वारा किसी को तब तक लूटा नहीं जा सकता, जब तक आपके पास बेहतर हथियार न हो !! उन्हें लूटने की यह ताकत सिर्फ हथियारों से ही मिलती है।
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उदाहरण के लिए, भारत में लॉकडाउन प्रधानमन्त्री और 30 मुख्यमंत्रियो द्वारा लागू किया गया था, देवताओं द्वारा नहीं !! और भारत के नेताओं ने अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार निर्माताओ के आदेशों का पालन इसीलिए किया अनुसार क्योंकि उनके पास उन्नत हथियार है। और उन्होंने किल स्विच वाले हथियार (राफेल, जगुआर, मिराज आदि) भारत की सेना में इंस्टाल किये है।
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यहाँ कोई मायाजाल नहीं है !! असली वजह सिर्फ उन्नत हथियार है !!
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(2) और फिर हथियारों द्वारा नियंत्रण की इस वास्तविकता को छिपाने के लिए इतिहासकारों को भुगतान किया गया !!
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और पेड इतिहासकारों द्वारा यह जानकारी भी छिपाई गयी कि जूरी सिस्टम / वोट वापसी / जनमत संग्रह प्रक्रियाओ की वजह से अमेरिकी-ब्रिटिश कम्पनियां ताकतवर हथियार बना पा रही थी !!!
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उदाहरण के लिए 1730 में, रोथ्स्चाइल्ड ने जो कारखाना शुरू किया था उसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तोपें बनाईं जा रही थी। और उन तोपों का इस्तेमाल करके रॉबर्ट क्लाइव ने 1757 में प्लासी का युद्ध जीता।
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और 1830 में, बर्मिंघम में रोथ्सचाइल्ड ने जो कारखाने शुरू किये उन कारखानों में दुनिया की सबसे उन्नत राइफलें बनाईं गयी। और इन्ही राइफलो का इस्तेमाल करते हुए ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भारत में 1857 की क्रांति को असफल किया !!
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इसी तरह, सिकंदर इसीलिए जीतता गया क्योंकि उसके पास बेहतर हथियार थे। और चक्रवर्ती सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य ने कई दौर की लड़ाइयाँ जीती क्योंकि उन्हें पुर्तगालियों से बेहतर तोपें मिली थी। और छत्रपति महाराज शिवाजी को भी पुर्तगाली तोपों से काफी लाभ मिला, क्योंकि इन तोपों ने सुल्तान की तथाकथित 'धावा तकनीक" (बड़ी सेना के इस्तेमाल करके हमला करना) को बेकार कर दिया था !!!
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और जब मैंने ईस्ट इण्डिया कम्पनी एवं ब्रिटिश राज पर 1600 ईस्वी से 1947 ई. तक लिखी गयी हजारों पुस्तकों को खंगाला तो मुझे हथियारों एवं इनकी भूमिका के बारे में एक लफ्ज भी लिखा हुआ नहीं मिला !!
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साफ़ है, कि पेड इतिहास कारो को ये विवरण छिपाए रखने के लिए काफी कठोर निर्देश दिए गए थे।
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(3) और फिर भावुक कार्यकर्ताओ को बुत्ता देने के लिए अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने उन्हें कुछ फर्जी लेकिन रोमांटिक कॉन्सपरेसी थ्योरी की और धकेला, ताकि कार्यकर्ताओ का ध्यान असली तथ्यों से हटाया जा सके।
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और इस काम को डेविड आइक, ग्रेट गेम इंडिया आदि द्वारा सफलतापूर्वक किया गया !! इन लोगो ने फर्जी / हवाई / रोमांटिक साजिश सिद्धांत बनाए और कार्यकर्ताओ को इस बकवास की जुगाली करने के धंधे में लगा दिया !! कुछ इसी तरह के गढ़े गए फर्जी षड्यंत्र निचे दिए गए है :
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(3.01) डीपापुलेशन --- बिल गेट्स और डेविड आइक ने यह सुनिश्चित किया कि भारत के कार्यकर्ता डीपापुलेशन के फर्जी षड्यंत्र पर शोध करके अपना और अन्य नागरिको का समय एवं ऊर्जा जाया करते रहें, ताकि लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने का आन्दोलन आगे न बढ़ सके !! और वे भारत के ज्यादातर सयाने कार्यकर्ताओ को अपने ट्रेप में फंसाने में सफल रहे !!
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(3.02) इलुमिनाटी --- यह हवाई थ्योरी इसलिए बनाई गई ताकि कार्यकर्ता यह सोचें कि अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों के पास कोई परग्रही रहस्यमयी शक्ति है, और इस वजह से ही वे इतने ताकतवर है, न कि हथियारों की वजह से !!
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(3.03) वैक्सीन --- कोरोना वायरस वैक्सीन के कारण अब तक कितने लोग मरे ? जीरो , शून्य !! अब तक की सारी वैक्सिनो से कितने लोग मरे हैं ? कुछ हजार !! लॉकडाउन से कितने लोग मरे हैं ? 10 से 100 गुना अधिक !! और कितने लोग हमेशा के लिए अपना रोजगार खो चुके है ? लॉकडाउन ने कितने कारखानों को तबाह कर दिया है ? कोई अंदाजा है आपको ?
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दरअसल, लॉकडाउन ने लोगों के स्वास्थ्य पर जितना दुष्प्रभाव डाला है वह कथित संभावित वैक्सीन से 1000 गुना ज्यादा है !! वैक्सीन की नौटंकी इसीलिए गढ़ी गयी ताकि कार्यकर्ताओ को इस हवाई थ्यारी में एंगेज किया जा सके।
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यदि कार्यकर्ताओ को यह चिंगम नहीं पकड़ाई जाती तो वे यह जान जाते कि लॉकडाउन देश को तबाह कर रहा है, और तब वे पीएम / सीएम पर लॉकडाउन ख़त्म करने का दबाव बनाते !! और विश्वरूप चौधरी जैसे लोगो ने उनका यह काम आसान किया !! इस आदमी ने लाखो लोगो को कोरोना असली / कोरोना फर्जी की बहस में खींच लिया ताकि कार्यकर्ता लॉकडाउन विरोधी आन्दोलन खड़ा करने पर ध्यान न दे सके !!
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(3.04) माइंड कंट्रोल -- सबसे बड़ी बकवास : एलन मस्क ने जो चिप बनाई है वह मात्र नाड़ियों के विद्युत करंट को मापती है। अभी विज्ञान को ऐसी चिप बनाने में 100 से 200 साल लगने वाले है जिसे मनुष्य के दिमाग में रखा जा सके और उससे मनुष्य का दिमाग भी कंट्रोल किया जा सके !! दरअसल, यह फर्जी कॉन्सपरेसी थ्योरी कम और किसी ऐसी विज्ञान फंतासी फिल्म की स्क्रिप्ट ज्यादा है, जिसे कोई प्रोड्यूसर नहीं मिल रहा है।
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(3.05) 5g : क्या आप बता सकते है कि, 5g से अब तक कितने लोग मर चुके है ? जीरो !! अपने घर के बाहर निकलकर 2-4 आदमियों से पूछिए कि उन्हें 5g ने मारा है या लॉकडाउन ने ?
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(3.06) बैंको का मायाजाल, संधियों, समझौतों का मायाजाल, न्यायिक मायाजाल, सैद्धांतिक मायाजाल --- आपने बहुत से लोगों को कहते सुना होगा कि अंग्रेजों ने राजाओं के साथ संधियों का उपयोग करते हुए भारत पर अधिकार कर लिया था।
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या इसी तरह के दर्जन भर सिद्धांतों (जैसे उत्तराधिकार की चूक का सिद्धांत आदि) का इस्तेमाल करके या अनुबंधों का उपयोग करके या न्यायालयों का उपयोग करके अंग्रेजो ने साम्राज्यों को हड़प लिया था !!
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अच्छा, अगर ऐसा है तो, सद्दाम हुसैन और गद्दाफी के पास अपने खुद के बैंक थे। और हिटलर के पास भी बैंक था। लेकिन वास्तविकता यह है कि बैंक चलाने की ताकत हथियारों से आती है। सद्दाम और गद्दाफी के पास हथियार नहीं थे, और इसीलिए अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने उनका चमड़ा उधेड़ दिया था !! सार यह है कि, ये सभी मायाजाल नकली है, और सिर्फ हथियारों से ध्यान हटाने के लिए बनाए गए है !!
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(3.07) न्यू वर्ल्ड ऑर्डर (NWO) --- जिसके पास बेहतर हथियार हैं वह कमतर हथियारों वाले व्यक्ति पर हावी हो जायेगा। मेरे विचार में, यह 20,000 साल से दुनिया को चलाने की एकमात्र व्यवस्था। यह सिद्धांत सड़को से लेकर जंगलो तक और सभी व्यवस्थाओ में लागू है, और निरंतर काम कर रहा है !!! इसमें कुछ भी नया नहीं है, यदि आपके हाथ में लाठी है, तो भैंस आप ही लेकर जायेंगे !!
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तो NWO की बकवास इसीलिए रची गयी ताकि कार्यकर्ताओं का ध्यान "हथियारो द्वारा नियंत्रण" और बेहतर हथियार बनाने के कारकों (जैसे जूरी कोर्ट, वोट वापसी, रिक्त भूमि कर, धनवापसी पासबुक आदि) से हटाया जा सके।
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(3.08) एजेंडा 2020 --- यह सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया कि कार्यकर्ता अपना समय यू ट्यूब पर इन बकवास वीडियो को देखने में बिताए और लॉकडाउन विरोधी जनआन्दोलन को आगे बढ़ाने पर ध्यान न दें !!
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(4) फर्जी समाधान को बढ़ावा देना
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(4.01) जब अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह का पूर्ण स्वराज्य अभियान गति पकड़ रहा था, और महात्मा भगत सिंह युवाओं को बंदूक और बम बनाना सीखने की जानकारी देने की कोशिश कर रहे थे, तब इस आन्दोलन को पटरी से उतारने के लिए, मोहन गाँधी ने कहा कि पहले "नमक कर का विरोध करना ज्यादा जरुरी है" !!!
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(4.02) उसी तरह, लॉकडाउन को समाप्त करने के लिए जब पीएम और 30 सीएम को मजबूर करने के लिए काम करने की जरूरत थी, तब बिश्वरूप रॉय चौधरी (छोटा गाँधी) आदि ने नागरिको से कहा कि -- अरे, जरा रुको !! पहले मास्क जलाना और वैक्सीन का विरोध जरुरी है !! (कौनसी वैक्सीन -- जो तब तक थी ही नहीं !!)
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लॉकडाउन की वजह से कितने लोगों की मौत हुई और कितने लोगो की मौत मास्क या कोरोना वैक्सीन के कारण हुयी है ? और लॉकडाउन के कारण कितने लोगो को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है और, मास्क- वैक्सीन के कारण अब तक देश के लोगो को कुल कितनी आर्थिक क्षति हुयी है ? अनुपात 1000: 1 है !! तो मास्क और वैक्सीन का विरोध करने में इतने संसाधन क्यों फूंके गए ? ताकि लॉकडाउन हटाओ के आन्दोलन को पटरी से उतारा जा सके !!!
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सार :
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(a) वास्तविक षड्यंत्र यह है कि 1760 से लेकर 1800 के बीच में अंग्रेजों ने हथियारों का इस्तेमाल करके भारत की फैक्ट्रियां बंद करवाई (अकेले बंगाल में हजारो कपड़ा कारखाने बंद कर दिए गए थे) और भारत के कारोबार पर कब्ज़ा कर लिया !!
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(b) और पेड इतिहासकारों. पेड मीडिया कर्मियों को "हथियारों द्वारा नियंत्रण" के इन तथ्यों को छिपाने के लिए भुगतान किया गया।
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(c) और अब उसी प्रकार अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने हथियारों का इस्तेमाल करके लॉकडाउन डाला ताकि भारत की फैक्ट्रियों को बंद किया जा सके !!
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(d) और कार्यकर्ताओ का ध्यान लॉकडाउन विरोधी आन्दोलन से हटाने के लिए उन्होंने यू ट्यूब / फेसबुक के माध्यम से विश्वरूप चौधरी (छोटे गाँधी) जैसे लोगो को आगे बढ़ाया ताकि वे कार्यकर्ताओ को कॉन्सपरेसी थ्योरीयों की जुगाली करने में उलझा सके !! .
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