> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-09-14

Pawan Jury BhilwaraRj

So called new world order romance
.
संभावित अनिवार्य वैक्सीनेशन को कैसे रोके ?
.
आने वाले कुछ महीनो में कोरोना की वैक्सीन बाजार में आ सकती है। और तब सरकार यह तय करेगी कि वैक्सीन को अनिवार्य किया जाए या नहीं। यदि सरकार ने वैक्सीनेशन को अनिवार्य कर दिया तो नागरिको के पास वैक्सीन लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। यदि सरकार इसे वैकल्पिक रखती है तो प्रत्येक नागरिक यह तय कर सकता है कि उसे वैक्सीन लेनी है या नहीं लेनी है।
.
भारत में लगभग 550 जिले है। यदि किसी जिले में निचे दिया गया क़ानून लागू हो जाता है तो अमुक जिले के नागरिको के पास यह प्रक्रिया आ जायेगी कि वे यह तय कर सके कि उनके जिले में वैक्सीनेशन अनिवार्य का क़ानून लागू होगा या नहीं।
.
----क़ानून ड्राफ्ट का प्रारंभ----
.
(1) यह कानून जिले के मतदाता को यह अधिकार देता है कि वे अपने ज़िला कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर कोई भी शपथपत्र जमा करवा सकेंगे।
.
(1.1) यह शपथपत्र आपके द्वारा प्रस्तुत कोई शिकायत, सुझाव या आरटीआई आवेदन या प्रस्तावित कानून या अन्य कोई याचनात्मक समाधान हो सकता है।
.
(1.2) आप शपथपत्र जमा करते समय 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क अदा करेंगे।
.
(1.3) कलेक्टर कार्यालय प्रस्तुत शपथपत्र को चिन्हित करने के लिए एक विशिष्ट सीरियल नंबर जारी करेगा।
.
(1.4) कलेक्टर कार्यालय आपके द्वारा दिए शपथपत्र को स्कैन करके जिला वेबसाइट पर इस तरह अपलोड करेगा कि कोई भी व्यक्ति यह शपथपत्र बिना लॉग-इन (Log in) के देख सके।
.
(2) कोई भी मतदाता किसी भी दिन पर पटवारी कार्यालय जाकर धारा 1 के तहत प्रस्तुत शपथपत्र के नंबर का उल्लेख करते हुए अमुक शपथपत्र पर अपनी हाँ / ना दर्ज करवा सकता है।
.
(2.1) कलेक्टर कार्यालय मतदाता द्वारा दर्ज की गयी हाँ / ना को मतदाता के नाम एवं मतदाता संख्या को जिला वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से दर्ज करेगा, ताकि कोई भी व्यक्ति मतदाता द्वारा दर्ज की गयी हाँ / ना को देख सके।
.
(2.2) किसी शपथपत्र पर हाँ / नहीं दर्ज करने या उसे बदलने के लिए मतदाता को शुल्क देना होगा। बीपीएल कार्ड धारकों के लिए यह शुल्क 1 रू तथा अन्य नागरिको के लिए यह 3 रू होगा।
.
(3) यदि जिले के 51% से अधिक मतदाता किसी शपथपत्र पर हाँ दर्ज करवा देते है तो मुख्यमंत्री शपथपत्र में दर्ज किये गए कार्यों की पालना के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकते है।
.
(4) धारा 1 में शपथपत्र देने के लिए कलेक्टर आपसे मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड लाने के लिए कह सकता है, एवं आपकी फोटो और फिंगरप्रिंट भी ले सकता है। कलेक्टर आपसे शून्य से लेकर पांच गवाह तक, जो कि आपको निजी रूप से जानते हो, लाने के लिए भी कह सकता है।
.
(4.1) यदि आप एक बार शपथपत्र फ़ाइल कर देते है तो फिर आप इसे हटा नहीं सकेंगे। अदालत के आदेश को छोड़कर किसी भी अधिकारी को आपका शपथपत्र हटाने की अनुमति नहीं होगी।
.
(4.2) आपको सूचित किया जाता है कि - शपथपत्र में अनुचित जानकारी या मानहानि कारक, या निन्दात्मक कथन के लिए आप पर किसी भी पक्षकार द्वारा अदालत में वाद दायर किया जा सकता है, और दोष सिद्ध होने पर अदालत आपको सजा दे सकती है।
.
(6) आप अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची का रखरखाव करने वाले क्लर्क को दर्ज करवा सकते है। यदि आप अपना मोबाईल नंबर दर्ज करवाते है तो जब भी आप कोई शपथपत्र फ़ाइल करेंगे या किसी शपथपत्र पर हाँ / ना दर्ज करेंगे तो आपको फीडबैक के लिए एक SMS प्राप्त होगा। यह SMS उसी तरह का होगा जैसा ATM आदि से नकदी निकालने पर खाताधारक को प्राप्त होता है। और यदि कोई अन्य व्यक्ति छल द्वारा आपके नाम पर शपथपत्र फ़ाइल करने का प्रयास कर रहा है या आपके नाम से हाँ / ना दर्ज करवा रहा है, तब भी आपको ऐसा SMS प्राप्त होगा।
.
(8) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम बना सकते है जिससे आप अपनी हाँ / ना SMS या मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज करवा सके। यदि आप किसी शपथपत्र SMS या मोबाइल एप के माध्यम से हाँ / ना दर्ज करते है तो इसके लिए शुल्क का निर्धारण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा।
.
(9) सूचना प्रभारी सचिव को आदेश जारी किये जाते है कि वे ऐसी आवश्यक वेबसाइट आदि की रचना के निर्देश जारी करे जिससे कलेक्टर, पटवारी आदि ऊपर दी गयी धाराओं में दर्ज प्रक्रिया को लागू कर सके।
.
जिला टीसीपी का पूरा ड्राफ्ट यहाँ देखें - <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/3173094346142113>;
.
-----क़ानून ड्राफ्ट का समापन-----

.
यदि किसी जिले के 4 विधायक इस क़ानून का समर्थन करते है तो जिला टीसीपी नामक यह क़ानून सिर्फ 30 दिनों के भीतर विधिवत रूप से अमुक जिले लागू भी हो जाएगा, और काम भी करने लगेगा।
.
मुख्यमंत्री चाहे तो यह क़ानून अपने राज्य के एक से अधिक जिलो में या पूरे राज्य में लागू कर सकते है।
.
प्रधानमंत्री चाहे तो यह क़ानून पूरे देश में लागू कर सकते है।
.
--------
.
यह क़ानून कैसे अनिवार्य वैक्सीनेशन को रोक देगा ?
.
इस क़ानून की धारा (1) के तहत तब जिले का कोई भी नागरिक जिला कलेक्टर कार्यालय में यह शपथपत्र दे सकेगा कि, अमुक जिले में वैक्सीन को अनिवार्य की जगह वैकल्पिक किया जाये। फिर धारा (2) के तहत जिले के नागरिक इस शपथपत्र पर अपनी हाँ / ना दर्ज करवा सकते है।
.
जैसे जैसे अनिवार्य वैक्सीनेशन का विरोध करने वाले कार्यकर्ता नागरिको को इस बारे में सूचित करेंगे वैसे वैसे इस शपथपत्र पर नागरिको की स्वीकृतियां बढती जायेगी। और जब जिले के 51% नागरिक इस पर हाँ दर्ज कर देंगे तो अमुक जिले में अनिवार्य वैक्सीनेशन का कानून रद्द हो जायेगा।
.
यदि यह क़ानून पहले से किसी जिले में लागू होता तो न तो अमुक जिले में सरकार लॉकडाउन डाल पाती और न ही वहां पर मास्क अनिवार्य का कानून लागू हो पाता।
.
और यह एक बड़ी वजह है कि, लॉकडाउन से ध्यान हटाने के लिए अनिवार्य वैक्सीनेशन का प्रोपेगेंडा फैलाने वाले नेता जैसे विश्वरूप चौधरी एवं डॉ तरुण कोठारी वगेरह टीसीपी क़ानून के हमेशा से खिलाफ रहे है !!
.
------------
.
इस कानून को लागू करवाने के लिए आप क्या कदम उठा सकते है ?
.
कृपया आने वाली 5 तारीख को 5 बजे मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे कि टीसीपी क़ानून गेजेट में छापा जाए। पोस्टकार्ड में यह लिखे - #Tcp , #DistrictTcp
.
कृपया पोस्टकार्ड में अपना नाम एवं वोटर आई डी नंबर अवश्य लिखे, और पोस्टकार्ड की फोटोकॉपी करवाकर “My Letters to Pm” नाम से बनाए गए रजिस्टर में रखें.
.
कृपया ध्यान दें –
.
(1) डॉ तरुण जी कोठारी अपने समर्थको से कह रहे है कि, नागरिको को लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने के लिए पीएम को पोस्टकार्ड तो भेजना चाहिए किन्तु पोस्टकार्ड में अपना वोटर आई डी नंबर नहीं लिखना चाहिए। और डॉ कोठारी अपने समर्थको से यह भी कह रहे है कि, नागरिको को रिकॉर्ड के लिए पोस्टकार्ड की फोटोकॉपी भी अपने पास नहीं रखनी चाहिए !!
.
(2) जहाँ तक विश्वरूप जी चौधरी की बात है, उन्होंने साफ़ कर दिया है कि, वे लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने का पोस्टकार्ड पीएम को भेजने वाले नहीं है !!
.
-----------