Pawan Jury BhilwaraRj
पेम्पलेट छपवाने की प्रक्रिया एवं आवश्यक जानकारी :
ऑफ़ लाइन एक्टिविटी में पेम्पलेट छपवाकर बांटना सबसे अच्छे नतीजे देने वाला कार्य है। जो कार्यकर्ता पेम्पलेट बांटने में सक्षम हो उन्हें अपने क्षेत्र में पेम्पलेट छपवाकर जरुर वितरित करने चाहिए। निचे इस बारे में आवश्यक जानकारी दी गयी है।
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(1) पेम्पलेट की विषय वस्तु : यदि आप कोई पेम्पलेट बाँटते है तो उसमे अनिवार्य रूप से किसी न किसी क़ानून ड्राफ्ट का विवरण होना चाहिए। क़ानून ड्राफ्ट विहीन पेम्पलेट बाँटना समय, ऊर्जा एवं पैसे की बर्बादी है। अत: कृपया क़ानून ड्राफ्ट विहीन पेम्पलेट बाँट कर अपने संसाधनों को जाया न करे। यदि आप पूरा क़ानून ड्राफ्ट शामिल नहीं कर सकते तो क़ानून ड्राफ्ट की कुंजी शामिल करें। सभी महत्त्वपूर्ण क़ानून ड्राफ्ट्स की कुंजियाँ बना दी गयी है और इनका साइज़ A4 से अधिक नहीं है। अत: यदि आपका पेम्पलेट छोटा है तो भी आप कम से कम एक क़ानून ड्राफ्ट की कुंजी शामिल कर सकते है।
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पेम्पलेट में अनिवार्य रूप से यह भी इंगित होना चाहिये कि पाठक यदि इस कानून ड्राफ्ट का समर्थन करता है तो उसे क्या कदम उठाने चाहिए। इन कदमो में पोस्टकार्ड भेजना एवं ट्विट करना आदि शामिल है।
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(2) पेम्पलेट की पृष्ठ संख्या : पृष्ठ संख्या 4 के गुणन में होनी चाहिए। उदाहरण के लिए 4, 8, 12, 16, 20, 24 ....... 32 आदि।
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(3) पेम्पलेट छपवाने के लिए आपके पास इसका पीडीऍफ़ या डॉक होना चाहिए। इसे आप पहले से बना ले और प्रिंटिंग वाले के पास इसे लेकर जाएँ। निचे 8 पेज एवं 24 पेज के पेम्पलेट के पीडीऍफ़ एवं डॉक का लिंक दिया गया है। इन्हें आप यहाँ से डाउनलोड करके छपवा सकते है।
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(3.1) 08 पेज का पेम्पलेट
पीडीऍफ़ - <https://www.facebook.com/groups/RtrFiles/permalink/2283861201898400/>
वर्ड डॉक - <https://www.facebook.com/groups/RtrFiles/permalink/2283861745231679/>
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(3.2) 24 पेज का पेम्पलेट
पीडीऍफ़ - <https://www.facebook.com/groups/RtrFiles/permalink/2283860835231770/>
वर्ड डॉक - <https://www.facebook.com/groups/RtrFiles/permalink/2283857401898780/>
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(4) कागज, पेपर साइज, स्टेप्लिंग आदि का चुनाव : हमने चुनाव में जो पेम्पलेट छपवाए है मैं उसका ब्यौरा निचे रख रहा हूँ। आप इसका चयन कर सकते है।
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(4.1) पेपर क्वालिटी - पेपर क्वालिटी GSM में दर्शायी जाती है। उदाहरण के लिए , 48 GSM, 54 GSM, 58 GSM, 70 GSM आदि। बेहतर है कि आप 54 GSM से ऊपर का ही पेपर काम मे ले। क्योंकि इससे कम GSM के पेपर में स्याही फैलने लगती है, या इसकी व्हाइट नेस कम हो जाती है। जैसे जैसे GSM बढ़ता है पेपर की क्वालिटी इम्प्रूव होती है।
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हमने विधानसभा चुनाव 2018 में 58 GSM का पेपर काम में लिया था।
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(4.2) पेपर साइज - पेपर साइज की लम्बाई-चौड़ाई का अनुपात संतुलित होना चाहिए। औसत से ज्यादा लम्बा या चौड़ा पेम्पलेट होने पर इसे बेग या फाइल में रखने में दिक्कत आ सकती है। हमने 9'×11' की पेपर साइज काम में ली थी। आप भी यह साइज या इससे थोड़ा कम ज्यादा साइज इस्तेमाल कर सकते है।
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(4.3) कटिंग, फिनिशिंग, स्टेपलिंग : पेम्पलेट छपने के बाद प्रिंटर इसकी कटिंग-फिनिशिंग करके देता है, ताकि पेम्पलेट का आकार संतुलित रहे। इसी दौरान स्टेप्लिंग की जाती है।
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(4.4) स्टेप्लिंग - स्टेप्लिंग दो तरह से होती है। बाहर वाली स्टेप्लिंग का चार्ज कम लगता है और यह जल्दी भी होता है। अन्दर वाली स्टेप्लिंग में लेबर कोस्ट ज्यादा आती है, अत: प्रिंटर इसके लिए थोडा ज्यादा पैसा लेता है। जहाँ तक हो सके अंदर वाली स्टेप्लिंग करवानी चाहिए, क्योंकि अंदर वाली स्टेप्लिंग पेम्पलेट पर ज्यादा लम्बे समय तक टिकी रहती है, और पाठक को इसे पढने में आसानी भी होती है। यदि आपके पास वक्त न हो तो सिर्फ तब ही बाहर वाली स्टेप्लिंग करवाएं।
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(5) कोटेशन प्राप्त करना : आप दो तीन प्रिंटर के पास जाकर उनसे दिए गए बिन्दुओ पर बातचीत करें और फिर उनसे कोटेशन ले लें। कोटेशन अंदर वाली स्टेप्लिंग एवं बाहर वाली स्टेप्लिंग के प्राप्त कर लें। वक्त न होने से हमने बाहर वाली स्टेप्लिंग ली थी। इसका कोटेशन निम्न है -
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24 पृष्ठ का पेम्पलेट। कुल संख्या - 1,000 , बाहर वाली स्टेप्लिंग
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54 GSM - 5,300 / Rs
58 GSM - 6,100
70 GSM - 6,700
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08 पृष्ठ का पेम्पलेट। कुल संख्या - 1,000 , बाहर वाली स्टेप्लिंग
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54 GSM - 2,080 / Rs
58 GSM - 2,400
70 GSM - 2,550
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पेम्पलेट छापने से पहले प्रिंटर को इसकी शीट बनानी होती है। यदि आप ज्यादा पेम्पलेट छपवाते है तो कोस्ट कुछ कम हो जायेगी। क्योंकि प्रिंटर को शीट एक ही बार बनानी होती है। इसके बाद सिर्फ प्रिंटिंग, कागज, कटिंग, स्टेप्लिंग एवं लेबर का ही खर्च होता है।
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(6) प्रिंटर से रेट वगेरह फायनल करने के बाद आप उसे मेटर दे दीजिये। जो पीडीऍफ़ या डॉक फाइल आप प्रिंटिंग वाले के पास लेकर जायेंगे उसके फोर्मेट में बहुधा प्रिंटिंग प्रेस वाला एडिटिंग नहीं कर पायेगा। क्योंकि प्रिंटिंग वाले कोरल में काम करते है, और उनके फोंट्स वगेरह माइक्रोसोफ्ट ऑफिस से अलग होते है। प्रिंटिंग वाला आपकी फाइल को फिर से अपने फोर्मेट में हूबहू टाइप कर लेगा। अब आप इसमें आवश्यक संशोधन करवा सकते है। उदाहरण के लिए यदि आपको पेम्पलेट में अपना फोन नंबर, पता आदि रखना है, या आप चुनाव लड़ रहे है तो आपको अपना फोटो, चुनाव चिन्ह वगेरह लगाना पड़ेगा, अत: री टाइप होने के बाद आप इसमें वांछित संशोधन करवा सकते है। अमूमन आपको सिर्फ पहले और अंतिम पृष्ठ में एडिटिंग करवानी पड़ेगी। शेष पेज वैसे ही रहेंगे।
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(7) फर्स्ट प्रूफ चेक करना : जब प्रिंटर पहला प्रूफ निकाले तो इसे आप अनिवार्य रूप से चेक करें। इससे आपको यह आइडिया हो जाएगा कि किस साइज के कैसे फोंट है और इसमें कोई गलती या अनियमितता तो नहीं रह गयी है। इस प्रूफ को ध्यान से पढ़े और सब कुछ ठीक है तो इसे फायनल कर दें। यदि आपने प्रूफ ध्यान से चेक नहीं किया तो इसमें जो गडबड आएगी वह सभी पेम्पलेट में आ जायेगी। इस बात पर ध्यान दें की कम्प्यूटर स्क्रीन पर प्रूफ चेक करने और कागज पर प्रूफ चेक करने में काफी फर्क होता है।
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(8) जब प्रूफ फायनल हो जाए तो प्रिंटर से कहें कि फायनल पेम्पलेट की सॉफ्ट कोपी का पी डी ऍफ़ आपको मेल कर दें, या इसे पेन ड्राइव में ले लें।
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चुनावी प्रत्याशी कृपया ध्यान दें : यदि आप चुनाव लड़ रहे है तो फॉर्म भरने से पहले या फॉर्म भरने के तुरंत बाद यह सब जानकारी जुटा ले और अपना प्रिंटर तय कर लें। क्योंकि चुनाव आयोग वोटिंग से 10-12 दिन पहले ही चिन्ह आवंटित करता है। तो यदि आपकी सारी तैयारी पूरी है तो तो जिस दिन आपको चिन्ह मिलेगा उसी दिन आप जाकर प्रिंटर को अपने चिन्ह की इमेज दे दें। बाकी तयारी पूरी होने के कारण आपके पेम्पलेट अगले दिन ही छप कर तैयार हो जायेंगे और आपको प्रचार करने में ज्यादा वक्त मिलेगा। यदि आपने यह सब पहले से नहीं किया तो चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद यह सब आपको जल्दबाजी में करना होगा जिससे आपका पैसा भी ज्यादा लगेगा , आपका समय भी बर्बाद होगा और आपसे पेम्पलेट छपवाने में गलतियाँ भी होगी।
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