Pawan Jury BhilwaraRj
अमेरिका साथ है तो सब कुछ मुमकिन है !!
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पाकिस्तान के बीच यह तनाव अब CPEC* तक फैल सकता है !! और यदि ऐसा हुआ तो इस संघर्ष का पैमाना दुसरे विश्व के बराबर हो जाएगा !! ऐसा युद्ध जिसमे भारत, पाकिस्तान एवं चीन तीनो तबाह हो जायेंगे !!!
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CPEC : पाकिस्तान एवं भारत की सीमा से कुछ हटकर गुजरता हुआ चीन द्वारा जो कोरिडोर बनाया जा रहा है, उसमे गैस-तेल की पाइप लाइने, हाई वे, हाई स्पीड ट्रेन ट्रेक, निर्माण इकाइयां एन मिलिट्री बेस है। चीन इस मार्ग द्वारा एशिया के एक बड़े हिस्से पर आर्थिक एवं सामरिक नियंत्रण स्थापित कर लेगा। अमेरिका को इसे तबाह करना है। और इसे सिर्फ सैन्य तोड़फोड़ से ही रोका जा सकता है।
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पाकिस्तान पर भारत ने जिस तरह की एयर स्ट्राइक की है उसमे दो मुख्य बिंदु है, और इसमें अमेरिका की भूमिका निर्णायक है :
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(1) सीमा पार ओपरेशन का सफल संचालन
(2) भविष्य में जवाबी हमले के लिए खुद का बचाव करना।
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(1) सीमा पार ओपरेशन का सफल संचालन :
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1.1. अमेरिका पाकिस्तान के जनरलों को यह आदेश दे सकता है कि अमुक समय पर भारत के विमान आकर बमबारी करके लौट जाने वाले है, अत: पाकिस्तान की सेना इस हमले का कोई प्रतिरोध न करे। अमेरिका से आदेश मिलने के बाद पाकिस्तान की सेना चुपचाप इन आदेशो का पालन करेगी और भारत के प्लेन बमबारी करके सुरक्षित लौट आयेंगे।
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उदाहरण के लिए : जब अमेरिका की फौजों ने ओसामा को उठाने के लिए एबटाबाद पर हमला किया था तो पाकिस्तान के जनरलों को पहले ही बता दिया था कि हमारी फ़ौज अमुक समय पर आकर ओसामा को लेकर जाने वाली है। और यदि उन्होंने इस ओपरेशन में हस्तक्षेप किया तो ठीक नहीं होगा। तो जब अमेरिकी कमांडो ओसामा को लेने आये तो कुछ ही दूरी पर पाकिस्तानी सेना का बेस होने के बावजूद उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया !!
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1.2. अमेरिका यदि पाकिस्तान को इस बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं देता है, लेकिन भारत अमेरिका से हमले में मदद के बदले कोई समझौता कर लेता है तो भी भारत इस तरह की स्ट्राइक कर सकता है।
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तब अमेरिका भारत को आतंकी ठिकानों के बारे गुप्त सूचनाएं और सेटेलाईट हेल्प देगा। अमेरिका पाकिस्तान के रडार के किल स्विच भी जुटाएगा और हमले के दौरान पाकिस्तान के रडार को जाम कर देगा। अमेरिका भारत को लेसर गाइडेड बम भी देगा। पेड मीडिया का वर्जन है कि लेसर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि मैं पेड मीडिया के वर्जन पर 0% भरोसा करता हूँ लेकिन भारत सरकार का अधिकृत बयान है कि आतंकी कैम्प पर बमबारी की गयी है, अत: हो सकता है कि लेजर गाईडेड बम इस्तेमाल हुए हो। क्योंकी साधारण बमो से इतने छोटे टारगेट को सटीकता से निशाना नहीं बनाया जा सकता।
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1.3. क्या भारत अमेरिका की मदद के बिना इस तरह का ओपरेशन सफलतापूर्वक संचालित कर सकता है ?
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मुमकिन नहीं है। भारत के सैन्य अधिकारियो की काबलियत पर कोई संदेह नहीं, लेकिन इस तरह के ओपरेशन के लिए जिस तरह के संसाधनों की जरूरत है, हम उनमे आत्मनिर्भर नहीं है।
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उदाहरण के लिए पेड मिडिया का वर्जन है कि SPICE लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया गया था। ये बम इस्राएल की रफाल कम्पनी बनाती है। इस तरह के बम सीमित रूप से दिए जाते है, और बहुधा इस्तेमाल करने से पहले बेचने वाले से अनुमति लेनी होती है। भारत भी अब लेसर गाइडेड बम बनाने लगा है लेकिन वे इतने उन्नत और सटीक नहीं है। हमारे बमों में बंकर को भेदने की क्षमता नहीं है।
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भारत की रॉ वगेरह इंटेलिजेंस एजेंसियों को जो ख़ुफ़िया इनपुट मिलते है, उनमे से ज्यादातर सी आई ए एवं मोसाद देती है। आतंकी ठिकानों की सटीक लोकेशन, आतंकियों की संख्या, स्थिति और पाकिस्तान की सुरक्षा के बारे सटीक सूचनाएं जुटाने के लिए हमें इन एजेंसियों की मदद चाहिए। के जी बी भी हमें ये इनपुट दे सकता है, लेकिन कोमकासा एग्रीमेंट होने के बाद रूस के साथ हमारे सामरिक संबंधो में बदलाव आ चुका है।
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पाकिस्तान का रडार जाम करवाना भी भारत की क्षमता से बाहर की बात है। यदि रडार काम करता रहता है तो पाकिस्तान जवाबी कार्यवाही कर सकता है। और खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान की सेना को भारत द्वारा सैन्य कार्यवाही होने का अंदेशा था और वे सतर्क थे।
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2) सीमा पार करने के बाद भविष्य में जवाबी हमले के लिए खुद का बचाव करना।
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2.1. अमेरिका यह सुनिश्चित कर सकता है कि पाकिस्तान चीन से सामरिक सहयोग लेकर अगले 2-3 महीने तक भारत पर कोई जवाबी कार्यवाही नहीं करेगा।
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2.2. अमेरिका पाकिस्तान को यह भी आदेश दे सकता है कि, वे अगले 2-3 महीने तक कश्मीर में कोई हमला न करें। ऐसी स्थिति में कश्मीर में अगले कुछ महीनो में कोई हमला नहीं होगा।
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2.3. क्या भारत अमेरिकी मदद के बिना इस तरह का हमला करने के बाद अपना बचाव कर सकता है ?
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बोर्डर क्रोस करना एक्ट ऑफ़ वॉर है और यह युद्ध की घोषणा है। ऐसा करने के लिए यह जरुरी है कि हमारी सेना बेहद ताकतवर हो और यह अनिवार्य रूप से आत्मनिर्भर भी हो। हमारी सेना आत्मनिर्भर नहीं है और हथियारों के लिए हम अमेरिका पर बुरी तरह से निर्भर करते है। भारत पर यदि जवाबी कार्यवाही के लिए चीन पाकिस्तान को हथियार, सामरिक सहयोग आदि देना शुरू करता है, और अमेरिका हमे हथियार देने से मना कर देता है तो हमारे पास चीन के बेक अप द्वारा किये गए हमले को सहने की क्षमता नहीं है। इसीलिए भारत ऐसी स्ट्राइक सिर्फ तब करेगा जब अमेरिका हमें सहयोग करने का वादा करे।
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इसके अलावा कश्मीर और शेष भारत में पाकिस्तान पुलवामा एवं कसाब जैसे हमलो की पूरी एक श्रुंखला शुरू कर सकता है, और यदि अमेरिका सहयोग न करे तो भारत के लिए इस स्थिति से निपटना भी बहुत मुश्किल है।
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लेकिन यदि अमेरिका भारत का सहयोग करता रहता है तो भारत हर हफ्ते इससे भी बड़ी स्ट्राइक कर सकता है !! बस हमें इस अमेरिकी सहयोग के बदले में कीमत चुकाते रहना होगा।
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मारे गए आतंकियों की संख्या : भारत सरकार ने अपने अधिकृत बयान में आतंकियों की संख्या के बारे में कोई अनुमान नहीं दिया है। सरकार ने कहा कि आतंकी कैम्पस को निशाना बनाया गया। सरकार ने नहीं बताया कि इन कैम्पों में कितने आतंकियों के होने का अनुमान था। ये संख्या 5 से लेकर 500 तक या इससे भी ज्यादा हो सकती है। मैं इस पर अनुमान व्यक्त नहीं करना चाहता। जो भी होंगे वे मारे गए होंगे। वैसे भी संख्या का यहाँ महत्त्व नहीं है। महत्त्व बोर्डर क्रोस करना है। और भारत सरकार ने स्पष्ट कहा है कि हमने बोर्डर क्रोस करके स्ट्राइक की है। मैं भारत सरकार के वर्जन में मानता हूँ, पेड मीडिया के वर्जन में नही मानता। तो अब पेड मीडिया जितने मर्जी उतने आतंकी जोड़ सकता है।
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अब ये यह तनाव क्या रूप ले सकता है ?
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यह सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है। दो नतीजे आ सकते है :
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(1) यदि अमेरिका अभी भारत को चीन के खिलाफ युद्ध में नहीं धकेलना चाहता तो 5-7 दिन में तनाव ख़त्म हो जाएगा। पाकिस्तान की सेना बोर्डर पर थोडा बहुत ड्रामा करेगी और पाकिस्तान के नागरिको को मीडिया द्वारा यह विश्वास दिला दिया जाएगा कि भारत से बदला ले लिया गया है।
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(2) यदि अमेरिका चीन पर अभी युद्ध डालना तय कर चुका है तो, वह पाकिस्तान को भारत पर स्ट्राइक करने के लिए भी उकसायेगा और इस स्ट्राइक का पैमाना वास्तविक और बड़ा होगा। फिर अमेरिका भारत को उतने हथियार देगा कि भारत पाकिस्तान में स्थित चीन के CPEC तक पहुँच जाए। और यदि भारत की सेना CPEC तक पहुँच जाती है तो चीन को युद्ध में आना पड़ेगा। और फिर जब चीन भारत को धकेलना शुरू करेगा तो अमेरिका की फौजे फुल मूवमेंट में भारत में उतरना शुरु करेगी। बाद में इस युद्ध में अफगानिस्तान, ईरान और रूस को भी शामिल होना पड़ सकता है।
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पेड मीडिया जिस तरह से रिपोर्टिंग कर रहा है उससे आभास यही होता है कि अमेरिका भारत को युद्ध में धकेलने की कोशिश में है। भारत की सेना हथियारों की सप्लाई की लिए अमेरिका पर बुरी तरह से निर्भर है। और ऐसी स्थिति में भारत को इस युद्ध में हर तरह का हर लिहाज से घाटा उठाना पड़ेगा। चीन और पाकिस्तान के साथ साथ भारत भी तबाह हो जाएगा।
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कुल मिलाकर हमें बकरा बनाकर कसाई खाने की तरफ धकेला जा रहा है।
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