> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-07-23

Pawan Jury BhilwaraRj

"भारत में नेताओ की गुंडई का ईमानदार पुलिस अधिकारी द्वारा प्रतिरोध" विषय पर RGV प्रोडक्शन कि फिल्म "शूल" यथार्थ के सबसे करीब है।
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एक ईमानदार पुलिस अधिकारी स्थानीय विधायक की गुंडई का प्रतिरोध करना शुरू करता है, लेकिन विधायक डीजीपी से कह कर उसे सस्पेंड करवा देता है। विधायक के गुंडों से मारपीट के दौरान नायक की बेटी की मौत हो जाती है और उसकी बीवी आत्महत्या कर लेती है। बाप नायक को समझाता है कि उसे यदि नौकरी करनी है तो विधायक के आगे घुटने टेककर माफ़ी मांग लेनी चाहिए। सारा शहर , सारा पुलिस स्टाफ और सारी विधानसभा जानती है कि विधायक नायक पर जुल्म कर रहा है। लेकिन सब निरुपाय है। कोई मार्ग न देखकर नायक विधानसभा में जाकर विधायक को गोली मारकर सरेंडर कर देता है।
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लेकिन अन्य फिल्मो के तरह ही इस फिल्म में भी अंतिम रील में निर्देशक ने फ़िल्मी नौटंकी डाल दी है। जहाँ नायक विधायक को गोली मारकर जयहिंद के नारे लगा देता है। वास्तविक कथा में जब नायक विधायक को गोली मारने के लिए विधानसभा में प्रवेश करने की कोशिश करता है तो विधायक के सुरक्षाकर्मी उसे गोली मार देते है , और उसे आतंकी का टेग दे दिया जाता है। बाद में अमुक विधायक मंत्री बन जाता है।
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भारत में पुलिस अधिकारीयो को एपोइंट करने , प्रमोट करने , सस्पेंड करने और डिमोट करने का अधिकार नेताओं के पास है। अत: पूरा पुलिस विभाग अपना कैरियर चमकाने के लिए नेताओं कि चमचई करता है। क़ानून कहता है की उन्हें नागरिको के हितो के लिए काम करना चाहिए। किन्तु वे ऐसा नहीं करते। क्योंकि वे यह बात जानते है कि नागरिको के पास उन्हें एपोइंट करने , प्रमोट करने , सस्पेंड करने और डिमोट करने का अधिकार नहीं है। यदि हमें ईमानदार एवं प्रजा हित में कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी चाहिए तो इस व्यवस्था को बदलना होगा। जाहिर है , इस बारे में बालीवुडिया फिल्मे नहीं बताएगी।
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नीचे एक प्रस्तावित प्रक्रिया दी गयी है , जिसे गेजेट में प्रकाशित करने से जिले के पुलिस प्रमुख को नौकरी से निकालने का अधिकार जिले के नागरिको को मिल जाएगा। इस व्यवस्था के आने से पुलिस विभाग नेताओं के चंगुल से आजाद हो जाएगा और प्रजाहित के लिए कार्य करेगा। यदि पुलिस प्रमुख कोताही बरतता है तो जिले नागरिक बहुमत का प्रदर्शन करके उसे नौकरी से निकाल कर किसी अन्य ईमानदार अधिकारी को अपना नया जिला पुलिस प्रमुख नियुक्त कर सकेंगे।
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राईट टू रिकॉल - पुलिस प्रमुख ( Rtr-SP ) के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट की कुंजी :
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(1) उम्मीदवारी - 30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक जिसने 5 वर्षों से अधिक समय तक सेना में काम किया हो, या पुलिस विभाग में एक भी दिन काम किया हो, या सरकारी कर्मचारी के रूप में 10 वर्षों तक काम किया हो या राज्‍य लोक सेवा आयोग या संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवाओ की लिखित परीक्षा पास की हो, अथवा उसने विधायक / सांसद या पार्षद / जिला पंचायत सदस्‍य का चुनाव जीता हो, तो ऐसा व्यक्ति जिला पुलिस प्रमुख के उम्‍मीदवार के रूप में अपना आवेदन जिला कलेक्टर कार्यालय में जमा करवा सकेगा।
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(2) मतदाताओ द्वारा स्वीकृती - जिले का कोई भी मतदाता अपनी पसंद के अधिकतम 5 उम्मीदवारो को SP के लिए स्वीकृत कर सकता है।
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(3) स्वीकृति दर्ज करना - मतदाता किसी भी दिन किसी भी उम्मीदवार को स्वीकृत कर सकते है या किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में दी गयी स्वीकृति रद्द कर सकते है।
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(4) स्वीकृति दर्ज करने के तरीके - मतदाता पटवारी कार्यालय में उपस्थित होकर किसी उम्मीदवार के पक्ष में हाँ / नहीं दर्ज कर सकते है , या मोबाईल एप द्वारा या अपने रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर से SMS करके या ATM से भी अपनी स्वीकृति दर्ज करवा सकते है।
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(5) स्वीकृतियों का प्रदर्शन - प्रत्येक मतदाता द्वारा दर्ज हाँ / नहीं को मतदाता संख्या, नाम और उसके द्वारा स्वीकृत उम्मीदवारों के नाम के साथ मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर रखा जाएगा।
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(6) SP की नियुक्ति - यदि कोई उम्‍मीदवार जिले के सभी मतदाताओं के 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं का अनुमोदन प्राप्‍त कर लेता है तो मुख्‍यमंत्री उसे जिले में अगले 4 वर्ष के लिए नया जिला SP नियुक्‍त कर सकते है , या नहीं भी कर सकते है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री का निर्णय अंतिम होगा।
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7) राज्‍य के सभी नागरिक मतदाताओं के 51 प्रतिशत मतदाताओं के अनुमोदन से मुख्‍यमंत्री किसी जिले में इस कानून को 4 वर्षों के लिए हटा सकते है, और अपने विवेक से उस जिले में अपनी पसंद का जिला पुलिस प्रमुख की नियुक्‍त कर सकते है।
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प्रभाव - इस प्रक्रिया के आने से मतदाता सीएम को बता सकेंगे कि वे अमुक भ्रष्ट SP को हटाकर अमुक व्यक्ति को SP बनाना चाहते है। इस प्रक्रिया के आने के बाद पुलिस प्रमुख यदि भ्रष्ट आचरण करता है और क़ानून व्यवस्था में सुधार नहीं लाता है तो नागरिक उसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बदल सकेंगे।
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गेजेट में प्रकाशित होने के लिए तैयार पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें -- fb.com/668820996629431
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