> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-04-24

Pawan Jury BhilwaraRj

पूरी सम्भावना है कि सिर्फ पीडीपी ही नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर में सत्ता में साझेदार संघ के नेताओं एवं स्वयंसेवको ने भी असीफा के संभावित फर्जी मामले में आरोपियों को फंसाने के लिए सक्रीय रूप से भूमिका निभाई होगी।
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क्योंकि आरोपी रोहिंग्यो को जम्मू से खदेड़ने के मुद्दे पर आगामी लोकसभा के चुनावों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे थे !!! और इसी वजह से वे संघ के "हिन्दू वोटो को इकट्ठा करो" की योजना को जम्मू में धराशायी करने का वाजिब खतरा बन गए थे !!
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इस प्रकार के फर्जी मामलों का समाधान ?
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आसिफा के अभियुक्तों के खिलाफ आरोप सही भी हो सकते है और फर्जी भी। आरोपों की सत्यता जांचने के लिए मेरा प्रस्ताव है कि इसका निर्धारण ज्यूरी मंडल द्वारा किया जाए। मुझे जम्मू के पुलिस अधिकारियों, जजों एवं सीबीआई = कवर ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। किन्तु यदि ये आरोप फर्जी है तो ज्यादातर से भी ज्यादा संभावनाए है कि इसके मास्टर माइंड सिर्फ पीडीपी नेता ही नहीं है बल्कि संघ के स्वयंसेवक भी है।
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संघ के नेता एवं स्वयंसेवक आईपीएस अधिकारियो को इन हिंदूवादियों पर फर्जी मुकदमे लगाकर कर बदनाम करने को क्यों कहते है ?
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पीडीपी नेता, मोदी साहेब एवं संघ के स्वयंसेवक जम्मू में रोहिंग्यो व कश्मीर के मुस्लिमो को बड़े पैमाने पर बसाने की नीति पर काम कर रहे है , ताकि जम्मू में हिन्दू अल्पसंख्यक हो जाए !!! वहां के संघ के ज्यादातर नेताओ एवं स्वयंसेवको ने दिल्ली , मुंबई आदि में अपने मकान वगैरह खरीद लिए है। तो जब जम्मू जलेगा और वहां के हिन्दुओ को लथेड़ा जाएगा तो वे बड़े नुकसान से बचे रहेंगे। और इस काम के लिए संघ के नेताओ एवं कार्यकर्ताओ को सऊदी अरब अच्छा खासा पैसा भेज रहा है।
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तो वहां के सच्चे हिंदूवादी ( एवं सच्चे धर्म निरपेक्ष ) कार्यकर्ताओ ने रोहिंग्यो को खदेड़ने के लिए खुद ही प्रचार अभियान चलाया हुआ है। वे जम्मू में यह खुले आम कह रहे है कि सऊदी अरब से आने वाले पैसे के बदले में मोदी साहेब एवं संघ के स्वयंसेवक पूरी तरह से बिक चुके है। और साथ ही उन्होंने यह बात भी साफ़ कर दी है कि वे आगामी लोकसभा चुनावों में अपने उमीदवार उतारेंगे। और उनके चुनाव लड़ने से संघ=बीजेपी के हिन्दू वोट विभाजित हो जायेंगे।
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संघ के नेताओ एवं स्वयंसेवको का एक मात्र उद्देश्य हिन्दू वोटो के "एकजुट" करना है। उनका लक्ष्य हिन्दुओ को एकजुट करना नहीं है , बल्कि वे हिन्दू "वोटो" को एकजुट करना चाहते है। उनकी नीति है कि 100% हिन्दू वोट एक मुश्त उनके खाते में जाने चाहिए। और इस वजह से उन्हें वे सभी लोगो दुश्मन नजर आते है जो हिन्दू वोटो को विभाजित करते है। चाणक्य ने कहा था कि -- "दुश्मन को समूल रूप से नष्ट कर दिया जाना चाहिए" !! और संघ के सभी नेता और स्वयंसेवक चाणक्य की बहुत इज्जत करते है, और उनकी नीतियों का अनुसरण करते है।
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संघ के नेताओ एवं स्वयसेवको ने संत श्री आसाराम जी बापू एवं संत श्री राम रहीम गुरमीत जी पर आरोप ( झूठे-सच्चे ? ) लगाकर उनके संगठन को गिराने के लिए काफी मनोयोग से काम किया, क्योंकि वे हिन्दू दलितों/जनजातियों के वोटो को "एकजुट" करके उन तक सीधी पहुँच चाहते थे। दूसरे शब्दों में संघ के नेताओ एवं स्वयंसेवको का यह इतिहास रहा है कि वे उन सभी लोगो को कमजोर करने की दिशा में काम करते है जिनमे वे हिन्दू वोटो को संघ=बीजेपी से दूर करने की सम्भावना देखते है।
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तो जिस तरह संघ के स्वंयसेवको ने संत श्री आसाराम जी बापू एवं संत श्री राम रहीम गुरमीत जी को कारावास में भेजने के लिए कार्य किया उसी तरह से पूरी संभावनाएं है कि उन्होंने पीडीपी नेताओ के साथ मिलकर आसिफा मामले में हिन्दूवादियों को अभियुक्त बनाने के लिए उन पर फर्जी आरोप गढ़े हो। इस तरह संघ के हिन्दू वोट "एकजुट" रहेंगे और चुनावों में उन्हें ज्यादा वोट मिलेंगे।
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समाधान ?
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समाधान ज्यूरी सिस्टम है। ज्यूरी सिस्टम आने से पुलिस अधिकारियो , अन्य विभागीय अफसरों एवं मंत्रियो की झूठे मामले गढ़ने की क्षमता में नाटकीय रूप से गिरावट आएगी। यदि आप भारत में ज्यूरी सिस्टम लागू करना चाहते है तो दिए गए लिंक पर ज्यूरी सिस्टम ड्राफ्ट को वोट करें -- <https://newindia.in/causes/jury-sys/>;
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