Pawan Jury BhilwaraRj
कोंग्रेस के छुपे हुए एजेंटो की पहचान :
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कोंग्रेस के हित चिन्तक कभी भी सोनिया गांधी एवं रॉबर्ट वढेरा के सार्वजनिक नारको टेस्ट की मांग नहीं करते। यदि आप उनसे कहेंगे कि वे सोनिया एवं रॉबर्ट वढेरा के सार्वजनिक नार्को टेस्ट की मांग करे तो वे 100 बहाने बनायेंगे लेकिन यह मांग कभी भी नहीं करेंगे। यदि आप उनके पीछे पड़ जायेंगे तो रस्मी तौर पर कह देंगे कि, हाँ हम सोनिया व वढेरा के सार्वजनिक नारको टेस्ट का समर्थन करते है लेकिन वे कभी भी सार्वजनिक नारको टेस्ट के क़ानून की मांग का ट्विट पीएम को नहीं करेंगे , और न ही कभी वे अपनी वाल पर नार्को टेस्ट का ड्राफ्ट रखेंगे। दरअसल सोनिया का नारको टेस्ट की बात करते ही इन्हें खुद के बदन में हजारो सुईयां चुभती हुयी महसूस होती है। लेकिन नाटक यह हमेशा इस तरह से करेंगे जिससे यह लगे कि ये कोंग्रेस के खिलाफ है। और इनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि ये हर दुसरे-तीसरे आदमी पर कोंग्रेसी होने का आरोप लगाते है !!!
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तो आइन्दा जब आपका किसी कोंग्रेस के फर्जी विरोधी से पाला पड़े तो हमेशा उससे यही सवाल करे कि सोनिया के सार्वजनिक नारको टेस्ट की मांग करने से उन्हें इतना दर्द क्यों होता है !!
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ज्ञातव्य है कि मोदी साहेब और संघ के सभी स्वयंसेवक सोनिया के सार्वजनिक नारको टेस्ट का विरोध कर रहे है। ये लोग खुद के सुईयां लगवाने को तैयार है किन्तु सोनिया का नारको टेस्ट लेने के नाम से ही ये लोग तड़प उठते है।
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देश में राईट टू रिकॉल पार्टी एक मात्र ऐसी राजनैतिक पार्टी है जो पिछले 6 सालों से सोनिया एवं रोबर्ट वढेरा के सार्वजनिक नारको टेस्ट की मांग कर रही है। इसके लिए हमने क़ानून ड्राफ्ट भी प्रस्तावित किया है और इसे प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर अपलोड भी किया है। अब तक हजारो रिकालिस्ट मोदी साहेब को इस आशय का ट्विट भेज चुके है कि सोनिया का सार्वजनिक नारको टेस्ट लिया जाए। और सिर्फ यही वजह है कि फर्जी कोंग्रेसियो को राईट टू रिकॉल के कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं होते।
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नागरिको की ज्यूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट का ड्राफ्ट देखने के लिए किसी भी रिकालिस्ट की फेसबुक प्रोफाइल पर क्लिक करें और डिस्क्रिप्शन देखें। फर्जी कोंग्रेसियो की कवर पिक्चर क्लिक करने पर आपको अंडा मिलेगा। आप पायेंगे कि वहां कोई ड्राफ्ट नहीं है। ऐसे दोहरे मापदंड वाले लोगो को एक्सपोज करें जो ऊपर से कोंग्रेस का विरोध करते है लेकिन सोनिया के सार्वजनिक नारको टेस्ट का विरोध करते है। क्योंकि वे जानते है कि इंजेक्शन लगने से उनकी प्रिय नेता सोनिया के सारे कर्म जनता के सामने आ जायेंगे। और यह वे बर्दाश्त नहीं कर सकते।
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