> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-04-22

Pawan Jury BhilwaraRj

सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जज दीपक मिश्रा पर महाभियोग -- इस ड्रामे से हमारा कोई सरोकार नहीं बनता।
.
मौजूदा सिस्टम में जज होने के लिए भ्रष्ट होना पहली शर्त है। दीपक मिश्रा एक भ्रष्ट जज है। यदि इन्हें हटा दिया जाता है ( -- जो कि मुमकिन नहीं नजर आता ) तो आने वाला जज भी भ्रष्ट होगा। इनसे पहले जो आदमी इस पद पर था वो भी भ्रष्ट था। जो सांसद मिश्रा पर महाभियोग लाने का समर्थन कर रहे है वे सभी भ्रष्ट है, और जो सांसद मिश्रा को पद पर बनाए रखना चाहते है वे भी भ्रष्ट है। सुप्रीम कोर्ट के जो 4 जज अपने दडबो से निकलकर जनता के सामने आकर मिश्रा के खिलाफ पुकारा लगा रहे थे , वे भी भ्रष्ट है। इन भ्रष्ट लोगो में आपसी हितो का टकराव हो रहा है , और यह ड्रामा उसी टकराव का नतीजा है।
.
न तो जनता ने मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट के लिए चुना है और न ही जनता को पूछ कर उनकी नियुक्ति की गयी थी। तो इस सर्कस से हमारा कोई लेना देना नहीं बनता।
.
मेरा प्रस्ताव है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को चुनने एवं नौकरी से निकालने का अधिकार भारत के मतदाताओं को होना चाहिए। जब मतदाता अपने बहुमत का प्रदर्शन करके किसी न्यायधीश को पद से बेदखल करेंगे तो ऐसे महाभियोग के कुछ मायने होंगे।
.
भ्रष्ट मोदी साहेब एवं संघ के सभी स्वयंसेवक ऐसे क़ानून का विरोध कर रहे है जिससे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को नौकरी से निकालने की शक्ति आम नागरिको के पास हो। और सोनिया एवं केजरीवाल तो खैर ऐसे क़ानून के विरोधी है ही।
.
देश में राईट टू रिकॉल पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसने भारत के मुख्य न्यायधीश को नौकरी से निकालने के लिए आवश्यक "राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट न्यायधीश" का ड्राफ्ट दिया है। तो यदि आप न्यायपालिका में व्याप्त भाई भतीजावाद एवं भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए "राईट टू रिकॉल सुप्रीम कोर्ट न्यायधीश" का क़ानून चाहते है तो राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित क़ानूनो का प्रचार करें। सोनिया-मोदी-केजरीवाल के पास आपको देने के लिए सिर्फ 3 चीजे है -- भाषण , वादे और नौटंकी।

============