> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-03-31

Pawan Jury BhilwaraRj

मोदी साहेब के इस कथ्य को ANI द्वारा ट्विट किया गया है --

"जब मुझे आपके द्वारा भेजे गए पत्र से यह मालूम हुआ की कैसे आसाम के करीमगंज में रिक्शा खींचने वाले अहमद अली ने कक्षा ९ के गरीब बच्चो के लिए स्कूल बनवाया है, तो देश की इच्छाशक्ति को बढाने वाली इस घटना ने मेरे ह्रदय को गदगद कर दिया PM Modi #MannKiBaat"

<https://twitter.com/ANI/status/977787810638901250>;

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मोदी साहेब अब अपनी फर्जी धर्म निरपेक्षता एवं पाखण्ड के चरम बिंदु से भी ऊँचे निकल गए है।
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फर्जी धर्म निरपेक्षता ----- क्योंकि देश में ऐसे सैंकड़ो हिन्दू है , किन्तु मोदी साहेब ने इरादतन उनके नाम की अवहेलना की एवं जानबूझकर एक मुस्लिम का जिक्र किया। लेकिन यह कोई बड़ा मसला नहीं है।
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और पाखण्ड ----- क्योंकि जब मोदी साहेब गुजरात के सीएम थे तो उन्होंने गुजरात के सरकारी स्कूलों को तबाह करने में कोई कसर नही उठा के रखी , और इसी वजह से गरीब बच्चो को भी मजबूरी में निजी स्कूलों की और रूख करना पड़ा !!!
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और जब वे किसी अहमद का जिक्र कर रहे थे, उसी समय उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम डेविड फड़नवीस को आदेश दिया कि वे 7000 स्कूलों को RTE के नियमो का पालन न करने के सम्बन्ध में नोटिस रवाना करें। जाहिर है ये सभी नोटिस स्कूलों से घूस इकट्ठा करने के लिए भेजे गए है। जो स्कूल घूस देंगे उन पर कार्यवाही नहीं होगी, एवं जो नहीं देंगे उन्हें नियमो का हवाला देकर बंद कर दिया जाएगा। जो स्कूल बंद हो जायेंगे उन स्कूलों को फिर मिशनरीज खरीद लेगी, क्योंकि RTE मिशनरीज द्वारा संचालित स्कूलों पर लागू नहीं होता !!!
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मोदी साहेब की अभिनय क्षमता में लगातार सुधार आ रहा है। लेकिन इस बार स्क्रिप्ट कुछ ज्यादा ही नाटकीय बन पड़ी है। पर क्या फर्क पड़ता है -- क्योंकि सोनिया एवं केजरीवाल भी इतना ही बदतर विकल्प है !!
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समाधान -- जो कार्यकर्ता शिक्षा में सुधार लाना चाहते है उन्हें यह बात समझ लेनी चाहिये कि शिक्षा सुधार के लिए सोनिया-मोदी-केजरीवाल कोई विकल्प नहीं है। उन्हें उन कानूनों को लागू करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए जिससे वास्तविक शिक्षा सुधार आये। हमारे द्वारा प्रस्तावित राईट टू रिकॉल शिक्षा अधिकारी का कानून ड्राफ्ट इस लिंक पर देखा जा सकता है -- <https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/821128631398666>;
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