> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-03-02

Pawan Jury BhilwaraRj

१) सीबीएसई बोर्ड में 10 वीं कक्षा के छात्रों को अब पास होने के लिए अलग अलग विषयो में 33% अंक नहीं लाने होंगे। सभी विषयों को मिलाकर भी यदि छात्र 33% अंक ले आता है तो उसे पास माना जाएगा !!!
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इससे छात्रों पर पड़ रहे पढाई के बोझ में कमी आएगी एवं वे गीत , संगीत , नृत्य एवं क्रिकेट में अपना अधिक समय दे सकेंगे। साथ ही इससे उन्हें यह भी सुविधा मिलेगी कि यदि वे गणित-विज्ञान जैसे जटिल विषयों में फेल होने वाले है तो सामाजिक विज्ञान, इतिहास एवं हिंदी की कहानियाँ पढ़ कर इन विषयों में अधिक अंक लाकर वे गणित-विज्ञान में भी पास हो सकते है। इस तरह उन्हें पास होने के लिए अब गणित-विज्ञान से जूझना नहीं पड़ेगा। पढाई के इसी बोझ को कम करने के लिए 8वी तक न फेल करने का क़ानून बनाया गया, किन्तु फिर भी छात्रों का एक छोटा हिस्सा पुस्तको में रुचि बनाए हुए है , अत: अब वे इसका विस्तार 10वीं क्लास तक कर रहे है।
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न्यूज लिंक -- <http://epaper.bhaskar.com/bhilwara/158/02032018/0/1/>;
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२) राजस्थान बोर्ड में प्रत्येक विषय के 20% अंक स्कूल द्वारा भेजे जाते है जिसका औसत 18 से 20 के बीच रहता है। इस तरह छात्र को उत्तीर्ण होने के लिए 80 में से सिर्फ 15 अंक ही और लाने होते है। इस व्यवस्था से भी छात्रों को राहत मिली है, और वे पढाई के "बोझ" से मुक्त होकर ऊपर दी गयी "अन्य गतिविधियों" में हिस्सा लेते हुए भी पास होते रह सकते है।
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३) पढाई के बढ़ते बोझ से और भी राहत देने के लिए मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आधी कटौती करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि, पाठ्यक्रम काफी लम्बा है , अत: इसे छोटा किया जाना चाहिये। पूरी उम्मीद है कि वे नए पाठ्यक्रम में से गणित-विज्ञान के हिस्से को और भी कम कर देंगे और इसे और भी ज्यादा सरल भी बनायेंगे।

न्यूज लिंक - <http://www.thehindu.com/news/national/ncert-will-cut-syllabus-by-half-says-javadekar/article22845768.ece?homepage=true&utm_campaign=socialflow>;
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