> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2017-10-31

Pawan Jury BhilwaraRj

Evm पर रोक क्यों लगनी चाहिये ? Evm पर रोक कैसे लगवायी जा सकती है ? और VVPAT क्यों व्यर्थ है ?
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वितरित करने के लिए ईवीएम के चार पेज के पेम्पलेट की विषय वस्तु। इसका मूल अंग्रेजी संस्करण एवं पीडीऍफ़ का लिंक कमेन्ट बॉक्स में देखें।
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Evm पर रोक क्यों लगनी चाहिये ? Evm पर रोक कैसे लगवायी जा सकती है ? और VVPAT क्यों व्यर्थ है ?
लेखक : राहुल चिमनभाई मेहता, बी टेक कंप्यूटर साइंस , आई आई टी दिल्ली ; एम एस , न्यू जर्सी अमेरिका
<https://facebook.com/MehtaRahulC>;
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मेरे विचार में , भारत के प्रत्येक मतदाता को अब यह तय करना चाहिए कि वे मतदान में Evm का प्रयोग चाहते है या मतपत्र का। इस पेम्पलेट में मैंने यह स्पष्ट किया है कि कैसे सिर्फ 100 कर्मचारियों एवं रिमोट की सहायता से लाखों Evm के करोडो वोटो को बदला जा सकता है। यदि आप चाहते है कि Evm को हटाकर भारत में फिर से मतपत्र शुरू किये जाए तो कृपया निम्नलिखित कदम उठाए :
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(1) अपने ट्विटर एकाउंट से यह ट्विट कीजिये - “ @PmoIndia #CancelEvm #BringBallotPaperBack “
(2) ट्विट के इस लिंक को EVM के यू ट्यूब लिंक्स के साथ अपने फेसबुक एकाउंट पर रखें , अपने मित्रो को EVM की अविश्वसनीयता के बारे में बताये एवं उन्हें भी ट्विट करने को कहे।
(3) अपनी मतदाता संख्या एवं नाम लिखकर "प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली" तथा "मुख्य चुनाव आयुक्त, दिल्ली" को पोस्टकार्ड भेजे। पोस्टकार्ड में #CancelEvm #BringBallotPaperBack” लिखे।
(4) Evm के बारे में पेम्पलेट बाँटें एवं इसके पीडीऍफ़ का फेसबुक / व्हाट्स एप पर प्रचार करे।
(5) कैसे Evm को हैक किया जा सकता है , इस बारे में समाचार पत्रों में विज्ञापन दें।
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तो क्या करोड़ो नगारिको के ट्विट करने एवं पोस्टकार्ड भेजने से Evm पर रोक लगाई जा सकती है ? मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता। दुःख की बात है कि सत्ता करोड़ो नागरिको की आवाज की भी आसानी से अवहेलना कर देती है। लेकिन कभी कभी इसे सुना भी जाता है। उदाहरण के लिए करोड़ो कारोबारियों ने अक्टूबर 2016 में RCM = Reverse Charge Mechanism के खिलाफ आवाज उठायी और अप्रेल 2018 में सरकार ने Gst में से RCM वापिस ले लिया। तो कभी कभी जनता की आवाज बदलाव ले आती है।
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(1) VVPAT अर्थहीन क्यों है ?

(1.1) चुनाव आयोग ने यह बात साफ़ तौर पर कही है कि वे VVPAT की पर्चियों को नहीं गिनेंगे !! सिवाय इसके कि कोई हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का जज इन पर्चियों की गिनती का आदेश दे। और हाई / सुप्रीम कोर्ट के किसी भी जज ने अब तक VVPAT पर्चियों को गिनने के आदेश नहीं दिए है। और न ही VVPAT की गिनती के लिए कोई फैसला दिया है।
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(1.2) इसके अलावा , जजों का ऐसा भी कोई आदेश नहीं है जो यह कहता हो कि, यदि VVPAT उपलब्ध न हो तो मतपत्रो का प्रयोग किया जाए। और चुनाव आयोग ने स्पष्ट शब्दों में यह कहा है कि, यदि VVPAT उपलब्ध नहीं है तो हम बिना VVPAT की Evm मशीनों का इस्तेमाल करेंगे !! आंध्र प्रदेश जैसे कुछ राज्यों के चुनाव लोकसभा के साथ ही होंगे। इस तरह कुछ विधानसभा चुनावो को शामिल करते हुए 2019 के लोकसभा चुनावों में लगभग 16 लाख बूथों पर एक साथ मतदान होगा। इसके लिए 16 लाख Evm की जरूरत होगी। यदि चुनाव आयोग के पास 16 लाख VVPAT नहीं हुए तो क्या होगा ? ऐसी स्थिती में आयोग का कहना है कि वे बिना VVPAT की साधारण Evm मशीनों का इस्तेमाल करेंगे। और यदि VVPAT का इस्तेमाल किया भी जाता है तो चुनाव आयोग VVPAT पर्चियां गिनने को तैयार नहीं है !!

तो मेरे विचार में VVPAT पूरी तरह से बेकार है। और मेरा आपसे आग्रह है कि VVPAT के भुलावे में न आए।
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(2) कैसे शीर्ष व्यक्ति सिर्फ 200 लोगो के स्टाफ की सहायता से लाखों Evm के करोड़ो वोटो को बदल सकते है ?
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आपसे आग्रह है कि कृपया नीचे दिए गए यू ट्यूब वीडियो देखें। इनमे दर्शाया गया है कि कैसे EVM को हैक किया जा सकता है।
(1) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia - वीडियो की अवधि 7 मिनिट, भाषा - अंग्रेजी
(2) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia1 - अवधि 7 मिनिट, भाषा - अंग्रेजी , सबटाईटल - हिन्दी
(3) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia3 - अवधि 2 मिनिट, मूक वीडियो
(4) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia2 - अवधि 7 मिनिट, अंग्रेजी
(5) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia4 - मेरा वीडियो , अवधि 55 मिनिट, हिन्दी
(6) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia5 - अवधि 5 मिनिट, हिन्दी
(7) <http://tinyurl>;. com/EvmIndia6 - अवधि 7 मिनिट, हिंदी
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प्रथम तीन वीडियो बेहद महत्त्वपूर्ण है। कुछ अंग्रेजी में है किन्तु ग्राफिक्स होने के कारण इन्हें बिना किसी आवाज के भी समझा जा सकता है।
इन वीडियो में बताया गया है कि कैसे शक्तिशाली लोग सिर्फ 100 लोगो की सहायता से 12 लाख Evm के करोड़ो वोटो को बदल सकते है। मेरा आपसे निवेदन है कि इन वीडियो को फिर से देखे एवं निचे दी गयी तालिका का अवलोकन करे। निचे दिए गए विवरण आप स्पष्ट रूप से तब ही समझ सकेंगे जब आप ऊपर दिए गए प्रथम तीन वीडियो देखें।

(1) सभी 12 लाख EVM का निर्माण बेंगलोर स्थित BEL ( या हैदराबाद स्थित ECIL ) कम्पनी ने किया है। ये दोनों सरकारी कम्पनियां है।
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(2) 2009 में एक जिले में लगभग 1700 EVM थी। एक Evm की उम्र 10-12 वर्ष है। तो प्रत्येक 5 वर्ष में कुछ 700 Evm को कबाड़ में फेंकना होगा। और प्रत्येक 5 साल में बूथ की संख्या लगभग 300 से बढ़ जाती है। अत: प्रत्येक जिले में कलेक्टर को हर 5 वर्ष में 1000 Evm की जरुरत पड़ेगी।
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(3) अब मान लीजिये अहमदाबाद (या मुंबई या दिल्ली) कलेक्टर कहता है कि उसे 1000 Evm चाहिए।
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(4) तब बैंगलोर में BEL प्रमुख बैंगलोर से अहमदाबाद 1000 Evm लादकर एक ट्रक में भेजने का निर्णय करेगा।
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(5) Evm पहुँचाने का काम टेंडर के आधार पर निजी कंपनियों को दिया जाता है। अब मान लीजिये कि अहमदाबाद से मुंबई तक ट्रक भेजने का खर्चा रु. 30,000 है। तो एक ईमानदार ट्रक मालिक रु. 35000 या रु. 40000 तक का टेंडर भरेगा । लेकिन यदि कोई व्यक्ति Evm के साथ छेड़छाड़ करना चाहता है तो वह रु. 25000 का टेंडर भरेगा और कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त कर लेगा।
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(6) अब अगले 3-4 दिनों के लिए ये 1000 Evm टेंडर मालिक के आदमीयों के पास है !!
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(7) एक Evm को खोलकर उसके ओरिजनल डिस्प्ले को ऐसे डुप्लीकेट डिस्प्ले से बदलने में मात्र 10 मिनट लगते है। इस डुप्लीकेट डिस्प्ले को रिमोट द्वारा ऑपरेट किया जा सकता है। तो 2 आदमी 2 दिनों में, सभी 1000 Evm को खोलकर उनका डिस्प्ले बदल सकते है। डिस्प्ले की जगह कोई बैलट यूनिट की केबल भी बदल सकता है और वह केबल लगा सकता है जो रिमोट कंट्रोल से उम्मीदवार के वोटो को बदल देती हो। छेड़छाड़ के ऐसे अनेक तरीके है।
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(8) नये डुप्लीकेट डिस्प्ले ऐसे हो सकते है जो रिमोट कण्ट्रोल से 1 कि.मी. से 2 कि.मी. दूर तक के सिग्नल पकड़ सकते है। अब ऑपरेटर रिमोट द्वारा ऐसा सिग्नल भेज सकता है जिससे Evm ऑपरेटर के पसंदीदा उम्मीदवार के मतों में 15% मतों का इजाफा कर दे। तो रिमोट से कमांड मिलने पर Evm सभी अन्य प्रत्याशियों के 15% वोटों को कम कर सकेगी और ये सभी वोट ऑपरेटर द्वारा चिन्हित उम्मीदवार को ट्रांसफर कर सकेगी। ख़ास बात यह है कि इस प्रक्रिया में कुल मतों का योग वही रहेगा।
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(9) तो बदले हुए डुप्लीकेट डिस्प्ले वाली ये सभी Evm चुनाव से महीनो और सालों पहले कलेक्टर कार्यालय में पहुँच जायेंगी।
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(10) अब मान लो, लोकसभा की वोटिंग समाप्त हो चुकी है और सभी 1500 से 2000 Evm कलेक्टर कार्यालय में रखी है।
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(11) अब 1 कि.मी. से 2 कि.मी. दूर रिमोट कण्ट्रोल से ऑपरेटर सभी Evm को अपने पसंदीदा उम्मीदवार के वोट बढ़ाने की कमांड भेज सकते है। और सिर्फ एक सेकंड के अन्दर सभी 1500 से 2000 Evm सभी अन्य प्रत्याशियों के 15% से 20% वोटों को कम कर देगी और उन सभी वोटों को ओपरेटर द्वारा चिन्हित उम्मीदवार के वोटों में जोड़ देगी !!
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तो अब कितने व्यक्ति चाहिए लाखों EVM के सर्किट बदलने के लिए ?

(12) एक ट्रक में Evm के सर्किट बदलने के लिए 2 लोगों की जरुरत है और 2 लोग ट्रक चलाने के लिए चाहिए। एक ट्रक 8 दिन में किसी जिले को 1000 Evm पंहुचा सकता है और वापस आ सकता है। तो एक ट्रक और 4 लोग एक साल में लगभग 30 जिलों में प्रत्येक जिले को 1000 Evm पहुंचा सकते है और एक ट्रक और 4 लोग 4-5 साल में 100 से ऊपर जिलों में 1000 Evm पहुंचा सकते हैं !!
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(13) तो कुछ 800 से 1000 Evm 543 जिलों में पहुंचाने के लिए और इस प्रकार सर्किट बदलने के लिए 5 से 20 ट्रक और मात्र 20 से 80 लोग चाहिए !!
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(14) वोटिंग के बाद, जब सभी 1500 से 2000 EVM एक कलेक्टर के कार्यालय में होंगी। इन सभी 2000 EVM को सिग्नल भेजने और इनमे वोट बदलने के लिए अब एक वैन की जरुरत है। एक वैन कलेक्टर कार्यालय में रखी 2000 Evm को सिगनल भेज सकती है, और फिर अगले कलेक्टर कार्यालय पर जा सकती है। तो एक वैन एक दिन में 3-4 कलेक्टर कार्यालयों को कवर कर सकती हैं । लोकसभा चुनाव लगभग 40 दिनों तक चलते है तो सभी 543 कलेक्टर कार्यालयों को कवर करने के लिए लगभग 15 वैन काफी है।
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(15) इसलिए ऊपर बैठे ताकतवर लोग केवल 100 लोगों का उपयोग करके लाखों Evm के सर्किटो को बदल सकते है और करोड़ों वोटों की अदला बदली कर सकते है।
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(16) बीजेपी या कांग्रेस भारत में ये काम करने की ताकत नहीं रखते। ये काम करवाने की क्षमता केवल CIA के पास है। CIA ये सब इसलिए करेगी ताकि भारत के राजनेता FDI और डॉलर पुनर्भरण ( repatriation ) कानूनों का विरोध ना करें। FDI और डॉलर पुनर्भरण ऐसे दो औजार है जिससे मल्टीनेशनल कंपनियाँ भारत की अर्थव्यवस्था के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रो को एक के बाद एक अधिगृहित कर रही है !!
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दी गयी तालिका में बताये चित्रों को पहले वाले विडियो से लिया गया है और उस वीडियो में हैकिंग दर्शाने के लिए पूना के कलेक्टर कार्यालय से गैर कानूनी तरीके से प्राप्त असली Evm का इस्तेमाल हुआ है। इस वीडियो में हैकर्स ने असली डिस्प्ले को बदलकर एक डुप्लीकेट डिस्प्ले सर्किट जिसे रिमोट कण्ट्रोल से संचालित करके वोटों को बदल सकते है, लगाया है !!
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वीडियो में दर्शाया गया है कि कैसे डिस्प्ले बदल कर Evm के वोटो को बड़े पैमाने पर बदला जा सकता है। इसके अलावा अन्य तरीके भी है - 1) केबल यूनिट को उस केबल से बदल दिया जाए जिसे रिमोट द्वारा संचालित करके उम्मीदवार की संख्या बदली जा सके। 2) जिस BEL में Evm का निर्माण किया जाता है , यदि वहां के अधिकारी एवं इंजीनियर्स भ्रष्ट है तो वे सर्किट में ऐसे कई पॉइंट इंस्टाल कर सकते है जिससे रिमोट द्वारा उम्मीदवार के वोट बदले जा सके। (3) Evm की CPU चिप अमेरिका में निर्मित है और चिप चुनाव से महीनो और सालों पहले आ जाती है, जबकि उम्मीदवार की संख्या चुनाव से कुछ 20 दिन पहले दी जाती है; लेकिन फिर इस तरीके का प्रयोग करके अन्य उम्मीदवारों के मतों में कटौती करके इन मतों को अपने पसंदीदा उम्मीदवार को ट्रांसफर किया जा सकता है।
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तालिका
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कॉलम - १) 1. Evm को खोलना , 2. Evm खोला ,

Evm को खोलकर इसके ओरिजिनल डिस्प्ले को उस डुप्लीकेट डिस्प्ले से बदल दिया गया जिसके वोटो को रिमोट द्वारा बदला जा सके।
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कॉलम - २) 3. ओरिजिनल डिस्प्ले हटाया गया , 4. ओरिजिनल डिस्प्ले हटाया गया

बूथ पर ऐसा करना संभव नहीं है। किन्तु जिसकी पहुँच हो वह इन्हें तब बदल सकता है जब हजारो Evm को ट्रको में लादकर बेंगलोर से अहमदाबाद ले जाया जा रहा हो !!
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कॉलम - ३) 5. ओरिजिनल डिस्प्ले हटाया गया , 6. रिमोट वाला डिस्प्ले लगाया गया

जब Evm सील्ड हो तब भी रिमोट से इसे सिग्नल भेजा जा सकता है।
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कॉलम - ४) 7. रिमोट वाला डिस्प्ले लगाया गया , 8. Evm को फिर से पैक किया गया

अब Evm को 1 किमी दूर से भी सिग्नल भेजे जा सकते है !! और सिर्फ एक सिग्नल से हजारो Evm के वोट बदले जा सकते है !!
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तो ऐसे अनेको तरीके हैं जिसके द्वारा केवल 100-200 लोगों की मदद से लाखों Evm में करोड़ों वोटों को बदला जा सकता हैं । पेपर बैलट में यदि किसी को बूथ कैप्चरिंग करनी है तो उसे प्रति बूथ 2-3 गुंडे चाहिए। भारत में लोकसभा चुनावों में 12 लाख बूथ होते है। तो 10% बूथों में छेड़छाड़ करने के लिए भी किसी को 2 लाख से 3 लाख गुंडे चाहिए। किसी के पास गुंडों का इतना बड़ा स्टाफ नही है और आजकल उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंटों के पास कैमरा वाले फोन रहते है और बूथ में CCTV कैमरा भी लगा दिया जाये तो इस तरह की बूथ कैप्चरिंग को देखा भी जा सकता है और रोका भी जा सकता है।
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(3) विदेशों में Evm
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अमेरिका में प्रत्येक जिला यह तय करता है कि Evm का उपयोग होना चाहिए या नहीं। तो अमेरिका में लगभग 65% जिलों ने बैलट पेपर इस्तेमाल करने का फैसला किया और शेष 35% जिले अभी तक Evm का इस्तेमाल करते है। जर्मनी में Evm का इस्तेमाल होता था और फिर इसे बंद कर दिया गया। आयरलैंड में Evm लगाई जाने के लिए तैयार थी किन्तु अंतिम समय पर वोटर्स के विरोध के चलते Evm को निरस्त कर बैलट पेपर को वापस लाना पड़ा था। इंग्लैंड, जापान, फ्रांस और बहुत से देशों में Evm प्रोजेक्ट को रद्द करना पड़ा क्योंकि वोटर्स ने Evm पर आपत्ति जाहिर की। कुछ देश जैसे भारत, पकिस्तान, बांग्लादेश, बोस्तवाना आदि Evm का इस्तेमाल करते है। जर्मनी में हैकर्स को Evm दी गयी और उन्होंने दिखा दिया कि Evm को कैसे हैक किया जा सकता है । भारत में चुनाव आयोग हैकर्स को Evm छूने भी नहीं देता !! और फिर चुनाव आयोग ये घोषणा कर देता है कि हैकर्स Evm को हैक नहीं कर सकते !!!
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(4) कैसे हम कार्यकर्ता Evm रद्द करा सकते हैं ?
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1) अपने ट्विटर एकाउंट से यह ट्विट कीजिये - “ @PmoIndia #CancelEvm #BringBallotPaperBack “
(2) अपने ट्विट के इस लिंक को Evm के यू ट्यूब लिंक्स के साथ अपने फेसबुक एकाउंट पर रखें , अपने मित्रो को EVM की अविश्वसनीयता के बारे में बताये एवं उन्हें भी ट्विट करने को कहे।
(3) अपनी मतदाता संख्या एवं नाम लिखकर "प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली" तथा "मुख्य चुनाव आयुक्त, दिल्ली" को पोस्टकार्ड भेजे। पोस्टकार्ड में #CancelEvm #BringBallotPaperBack” लिखे।
(4) Evm के बारे में पेम्पलेट बाँटें एवं इसके पीडीऍफ़ का फेसबुक / व्हाट्स एप पर प्रचार करे।
(5) कैसे Evm को हैक किया जा सकता है , इस बारे में समाचार पत्रों में विज्ञापन दें।

तो क्या करोड़ो नगारिको के ट्विट करने एवं पोस्टकार्ड भेजने से Evm पर रोक लगाई जा सकती है ? मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता। दुःख की बात है कि सत्ता करोड़ो नागरिको की आवाज की भी आसानी से अवहेलना कर देती है। लेकिन कभी कभी इसे सुना भी जाता है। उदाहरण के लिए करोड़ो कारोबारियों ने अक्टूबर 2016 में RCM = Reverse Charge Mechanism के खिलाफ आवाज उठायी और अप्रेल 2018 में सरकार ने Gst में से RCM वापिस ले लिया। तो कभी कभी जनता की आवाज बदलाव ले आती है।
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मेरे (लेखक) बारे में - मैं राहुल चिमनभाई मेहता। मैंने अपना B.Tech. कंप्यूटर साइंस में IIT दिल्ली से 1990 में पूरा किया। उसके बाद मैंने अपना MS यानि Master of Science कंप्यूटर साइंस में 1992 में New Jersey State University अमेरिका से किया। 1999 तक मैंने अमेरिका में hardware/software engineer के रूप में कार्य किया। 1999 में, मैं भारत लौट आया और तब से भारत में ही हूँ। अमेरिका में hardware/software engineer के रूप में कार्य करने के साथ ही मैंने वहां के कानूनी व प्रशासनिक सिस्टम का भी अध्ययन किया। मेरा निष्कर्ष है कि, अमेरिका भारत से और दुनिया के शेष देशों से इसीलिए आगे निकल गया है क्योंकि वहां के कानून ड्राफ्ट ज्यादा बेहतर है।

इनमे सबसे महत्वपूर्ण है -- (a) जिला पुलिस प्रमुख, जिला जजों, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला सरकारी वकील, महापौर, मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट मुख्य जज आदि बड़े से छोटे पदों पर राईट टू रिकॉल प्रक्रियाए (b) जूरी सिस्टम (3) जनमत संग्रह (4) मल्टी-इलेक्शन (5) उनके पास संपत्ति कर (वेल्थ टैक्स) है और थोडा सेल्स टैक्स है, लेकिन एक्साइज, सर्विस टैक्स, ओक्ट्रोई, Cst, Vat और Gst जैसे टैक्स नहीं है !! मैं 1999 से ही भारत में इन 5 कानूनों को लाने के लिए काम कर रहा हूँ। मैंने इन कानून ड्राफ्ट्स का प्रचार करने के लिए 4 चुनाव भी लड़ें है। मई-2014 गांधीनगर लोकसभा चुनाव में मुझे 9600 वोट प्राप्त हुए थे और इन कानूनी-ड्राफ्ट्स का प्रचार करने के लिए मैं फिर से दिसम्बर-2017 का गुजरात विधानसभा चुनाव घटलोडिया और ठक्कर बापानगर क्षेत्रों से लडूँगा। और अप्रैल 2019 में, मैं फिर अहमदाबाद (पूर्व) और गांधीनगर क्षेत्रों से चुनाव लडूँगा। मैंने Evm के विरुद्ध अपना अभियान प्रचार 1989 में शुरू किया था, जब मैं IIT में 4th year में था और तब Evm प्रस्तावित हुई थी !! मैंने Evm के विरुद्ध अखबार में दो विज्ञापन जुलाई-2009 और अक्टूबर-2012 में दिए थे। अधिक जानकारी के लिए कृपया यह लिंक देखें- <https://facebook.com/MehtaRahulC>;
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