Pawan Jury BhilwaraRj
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टी सी पी - पारदर्शी शिकायत प्रणाली का अपडेटेड वर्जन
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यदि आप चाहते है कि आप अपनी कोई मांग / शिकायत / सुझाव / प्रस्ताव आदि प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर पारदर्शी और अधिकृत तरीके से रख सके, तो प्रधानमंत्री को यह ट्विट भेजे :
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@PmoIndia #TcpIndia voters can upload complain at DC office; <https://newindia.in/causes/tcp/> , sha1 - 9440fe14561d9ed21e1312a6a3768dcdc29438c8
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=====टी सी पी ड्राफ्ट का प्रारम्भ=====
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[ टिप्पणी : इस कानून की महत्वपूर्ण धाराएं है - (1a), (1c), (2a), (2b), (3)
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यह कानून ड्राफ्ट भारतीय राजपत्र में छापकर प्रधानमंत्री द्वारा सीधे लागू किया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा या राज्यसभा से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। ]
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भाग - I : नागरिकों के लिए सामान्य निर्देश
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1 (1a) यह कानून लागू होने के बाद, आप ( "आप" अर्थात - भारत का कोई भी पंजीकृत मतदाता ) अपने ज़िला कलेक्टर कार्यालय में जाकर अपना कोई भी एफिडेविट क्लर्क को जमा करवा सकते है।
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(1b) यह एफिडेविट कोई शिकायत या आरटीआई आवेदन या आपके द्वारा प्रस्तावित कानून या अन्य कोई याचनात्मक समाधान हो सकता है।
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(1c) क्लर्क आपके एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर इस तरह अपलोड करेगा कि पूरी दुनिया में जो कोई भी व्यक्ति इसे देखना चाहे वह इसे देख सके।
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(1d) क्लर्क आपके एफिडेविट का सीरियल नंबर भी जारी करेगा। इस एफिडेविट को फ़ाइल करने के लिए आप 20 रु.प्रति पेज की दर से शुल्क अदा करेंगे।
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2 (2a) आप ( अर्थात पंजीकृत मतदाता ) किसी भी कार्य दिवस पर अपने तलाटी ( तलाटी = पटवारी = ग्रामीण अधिकारी ) कार्यालय जा सकते है, और उसे एफिडेविट नंबर ( धारा -1 में किसी के द्वारा दर्ज किया गया एफिडेविट ) का उल्लेख करके अमुक एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करवा सकते है।
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(2b) आप किसी एफिडेविट पर दर्ज की गयी अपनी हाँ / ना को किसी भी दिन कितनी भी बार बदल भी सकते है।
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(2c) किसी एफिडेविट पर हाँ / नहीं दर्ज करने या उसे बदलने के लिए आपको शुल्क देना होगा। बीपीएल कार्ड धारकों के लिए यह शुल्क 1 रु. तथा अन्य नागरिको के लिए यह 3 रु. होगा।
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(3) सभी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी : किसी एफिडेविट पर दर्ज की करायी गयी हाँ / ना की यह गिनती प्रधानमंत्री या किसी मंत्री या किसी अधिकारी या किसी अदालत पर बाध्यकारी नहीं होगी। फिर भी, यदि भारत के 45 करोड़ से अधिक मतदाता किसी एफिडेविट पर हाँ दर्ज करवा देते है तो प्रधानमंत्री एफिडेविट में दर्ज किये गए कार्यों की पालना के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकते है, या उन्हें ऐसा करने की जरूरत नही है। या प्रधानमंत्री चाहे तो अपना इस्तीफ़ा भी दे सकते है या उन्हें ऐसा करने की जरूरत नही है। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री का निर्णय अंतिम होगा।
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(4) धारा -1 में एफिडेविट देने के लिए कलेक्टर आपसे आपका मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड लाने के लिए कह सकता है और आपसे शून्य से लेकर पांच गवाह तक, जो कि आपको निजी रूप से जानते हो, लाने के लिए भी कह सकता है। क्लर्क आपकी फोटो और फिंगरप्रिंट भी ले सकता है। यदि आप एक बार एफिडेविट फ़ाइल कर देते है तो बाद में आप उसे हटा नहीं सकेंगे। अदालत के आदेश को छोड़कर किसी भी अधिकारी को आपके एफिडेविट को हटाने की अनुमति नहीं होगी। और साथ ही आपको इस बारे में भी सूचित किया जाता है कि -- कोई अदालत आपको एफिडेविट में अनुचित जानकारी देने के लिए या किसी भी अनुचित मानहानिकारक ( या निन्दात्मक ) कथन के लिए सजा दे सकती है।
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(5) आपको भारत भर में दर्ज सभी एफिडेविटो पर हाँ / ना दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है। ये आपकी पसंद पर निर्भर है कि आप किस एफिडेविट पर विचार करना चाहते और किस एफिडेविट को नकारना चाहते है। जिस भी एफिडेविट पर आप हाँ / ना दर्ज करना चाहते है, उन पर अपनी राय दर्ज करवा सकते है। किसी भी एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करने पर आपको कोई भी सजा नहीं होगी, तब भी जबकि अमुक एफिडेविट में कोई अनुचित या निन्दात्मक कथन है।
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(6) आप अपना मोबाइल नंबर मतदाता सूची का रखरखाव करने वाले क्लर्क को दर्ज करवा सकते है। अमुक फ़ोन नंबर आपके नाम पर या आपके नजदीकी पारिवारिक सदस्य के नाम पर होना चाहिए। यदि आप अपना मोबाईल नंबर दर्ज करवाते है तो जब भी आप कोई एफिडेविट फ़ाइल करेंगे या किसी एफिडेविट पर हाँ / ना दर्ज करेंगे तो आपको फीडबैक के लिए एक एस एम एस प्राप्त होगा। यह एस एम एस उसी तरह का होगा जैसा एटीएम आदि से नकदी निकालने पर खाताधारक को प्राप्त होता है। और यदि कोई अन्य व्यक्ति छल द्वारा आपके नाम पर एफिडेविट फ़ाइल करने का प्रयास कर रहा है या आपके नाम से हाँ / ना दर्ज करवा रहा है तब भी आपको ऐसा एस एम एस प्राप्त होगा। इस स्थिति में आप पुलिस में शिकायत कर सकते है।
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(7) आपको वोटर कार्ड जैसा एक मैगनेटिक कार्ड ( एटीएम कार्ड के समान ) भी दिया जा सकता है, और तलाटी कार्यालय के पास एटीएम जैसी मशीन भी लगवायी जा सकती है, ताकि आप मशीन में किसी एफिडेविट का नंबर डाल कर उस पर अपनी हाँ / ना दर्ज कर सके। उपलब्ध होने पर आप इस सुविधा का उपयोग कर सकते है। इस सिस्टम में प्रत्येक हाँ / ना दर्ज करने या बदलने पर आपको 1 रू शुल्क चुकाना होगा।
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(8) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम बना सकते है जिससे आप अपनी हाँ / ना एस एम एस या किसी एप्प के माध्यम से दर्ज कर सकते है। यदि आप किसी एफिडेविट पर हाँ / ना एस एम एस या एप्प के माध्यम से दर्ज करते है तो इसके लिए शुल्क का निर्धारण कलेक्टर करेगा।
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भाग-II: अधिकारीयों के लिए निर्देश
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(9) टिप्पणी : टिप्पणीयां इस कानूनी ड्राफ्ट का वास्तविक हिस्सा नहीं है। कार्यकर्ता और नागरिक ड्राफ्ट को समझने हेतु इसका उपयोग कर सकते है। किन्तु ये टिप्पणीयां किसी पर भी बाध्यकारी नहीं है।
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(10) नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) के प्रभारी सचिव को आदेश जारी किये जाते है कि वे ऐसी आवश्यक वेबसाइट आदि की रचना करे जिससे कलेक्टर, पटवारी आदि ऊपर दी गयी धाराओं में दर्ज प्रक्रिया को लागू कर सके।
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(11) मुख्यमंत्री, मेयर, जिला / तहसील / ग्राम सरपंचों के लिए टिप्पणी : आप इस कानून में वांछित बदलाव करके ( जैसे प्रधानमंत्री शब्द को मुख्यमंत्री या मेयर आदि से बदलकर और अन्य आवश्यक परिवर्तन करके ) पारित कर सकते है, एवं राज्य / नगर / जिला / तहसील / ग्राम स्तर पर ऐसा टी सी पी क़ानून लागू कर सकते है।
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=========टीसीपी क़ानून ड्राफ्ट की समाप्ति========
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