Pawan Jury BhilwaraRj

अपने 200 वर्षो के शासन काल के बावजूद ब्रिटिश सिक्ख धर्म को कमजोर करने में नाकामयाब रहे थे। किन्तु अब SGPC लगातार कमजोर हो रही है। जब कोई व्यवस्था टूटती है तो उसकी भरपायी के लिए नए विकल्प का उदय होता है। SGPC के कमजोर होने से दलित सिक्ख / गरीब / वंचित वर्ग उनसे दूर छिटक गया। श्री राम रहीम जी ने इन्हे अपने डेरे में जोड़ लिया। और इस तरह से श्री राम रहीम गुरमीत जी मिशनरीज के रास्ते में रोड़ा बनकर आ गए। अब श्री राम रहीम जी के मार्ग से हटने के बाद इस वर्ग के पास मिशनरीज की पनाह में जाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं रहेगा।
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दूसरी बात -- मिशनरीज ने पंजाब में बहुत मेहनत करके नशा फैलाया था। नशा गरीबी और बेरोजगारी फैलाता है। साथ ही यह समुदाय / परिवारों / लोगो को मानसिक रूप से भी तोड़ देता है। ये तीनो चीजे धर्मान्तर के अवसर को उर्वर बना देती है। श्री राम रहीम जी ने लाखों व्यक्तियों का नशा छुड़वाकर मिशनरीज के रास्ते में रोड़ा डाल दिया था। डेरे के उखड जाने के बाद अब पंजाब में मिशनरीज तेजी से धर्मान्तर कर पाएगी।
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