Pawan Jury BhilwaraRj

ट्रिपल तलाक ; एक और फर्जी सर्जिकल स्ट्राइक
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क्या आप कल्पना कर सकते है कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल , सुप्रीप कोर्ट जज, बिकाऊ सरदेसाई , बिकाऊ अर्नब एवं इनके प्रशंसक आदि गिरने पर आये तो किस स्तर तक गिर कर दिखा सकते है ?
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देखिये, ये सभी लोग कितने बड़े कपटी और झुठले है, और किस तरह नागरिको को ट्रिपल तलाक पर भ्रमित कर रहे है :
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ तलाक-ए-बिद्दत पर रोक लगाई है। तलाक पर नहीं !!!

तलाक डिवोर्स देने का इस्लामिक तरीका है जिसमे तीन बार तलाक बोलकर पुरुष अपनी बीवी को छोड़ सकता है। तलाक देने के लगभग दर्जन भर तरीके है। सभी तरीको में 3 बार तलाक बोला जाता है। किन्तु अवधि एवं प्रक्रिया में फर्क है। मसलन, तलाक-ए-हसन / तलाक-ए-अहसान में तलाक देने वाले को तीन बार तलाक बोलना होता है, लेकिन इसके लिए प्रत्येक शब्द के बीच 30 दिन का गेप होना चाहिए। माने पहली दफा तलाक 1 तारीख को कहा जाता है तो दूसरी बार तलाक 1+30 = 31 वें दिन कहना होगा। एवं तीसरी बार तलाक 1+31+30 = 61 वें दिन कहा जाएगा। और इस तरह 61 वें दिन तलाक हो जाएगा।
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किन्तु तलाक-ए-बिद्दत में तीन सेकेण्ड में ही तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कह दिया जाता है, और तलाक हो जाता है। ज्यादातर मौलवियों ने तलाक-ए हसन को ही मान्यता दी है एवं वे तलाक-ए-बिद्दत यानी तीन सेकंड वाले तलाक का समर्थन नहीं करते है। अत: सुप्रीम कोर्ट के जजों ने मौलवियों के स्टेंड को ही कायम रखा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ "तीन सेकण्ड" वाले तलाक पर रोक लगाई है। सिर्फ तलाक-ए-बिद्दत पर। तलाक-ए-बिद्दत के अलावा शेष तलाक के सभी तरीको को सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से संवैधानिक एवं कानूनी ठहराया है !!!
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तलाक-ए-बिद्द्त का वैसे ही बहुत कम प्रयोग होता है एवं मुख्यधारा में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता। किन्तु इस फैसले के बाद फर्क यह आया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी बेगम को 3 सेकण्ड में तलाक देने की मंशा रखता था तो उसे अब 60 दिन इंतज़ार करना होगा। और 60 दिवस के भीतर तलाक हो जाएगा।
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किन्तु संघ के कार्यकर्ता एवं बिकाऊ अर्नब गोस्वामी, बिकाऊ सरदेसाई एवं अन्य पेड मीडियाकर्मी हिन्दू वोटर्स को बेवकूफ बनाने के लिए पूरे देश में इस आशय का झूठ फैला रहे है कि मोदी साहेब के प्रयासों से सुप्रीम कोर्ट ने भारत में तीन तलाक को बेन कर दिया है !!!
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भारत में मुख्य समस्या ट्रिपल तलाक नहीं बल्कि जनसँख्या का बिगड़ता धार्मिक संतुलन है। इसके लिए हमें "टू चाइल्ड पालिसी" क़ानून चाहिए। हमारा प्रस्ताव है कि इस क़ानून को लागू किया जाना चाहिए। और ये इतने छटें हुए बदमाश है कि ट्रिपल तलाक भी ख़त्म नहीं कर रहे है। बल्कि देश में इस तरह का धुंवा फैला रहे है कि ट्रिपल तलाक ख़त्म हो गया है !!!
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सार यह कि -- जजों ने केंचुआ मारा। पेड मीडिया ने इसे किंग कोबरा बताया। और संघ के कार्यकर्ता अब इसे एनाकोंडा साबित करने में लगे हुए है।
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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