Pawan Jury BhilwaraRj
संघ (*) के नेता कांग्रेस के नेताओ से लगभग 20% कम भ्रष्ट है। लेकिन कम से कम एक मामले में कांग्रेस के नेता संघ के नेताओ से काफी बेहतर स्थिति में थे। यह निर्विवाद तथ्य है कि कांग्रेस के नेताओ की तरह संघ के नेता भी घूसखोर है। किन्तु जब कांग्रेस के नेताओ को घूसखोर कहा जाता था तो वे प्रतिकार करते थे, सबूत मांगते थे और इसी तरह की हरकतें करते है। लेकिन कांग्रेस के नेता आरोप लगाने वालो को कभी भी गद्दार या देश द्रोही नहीं कहते थे, उन पर झूठे मानहानि के मुकदमे दायर नहीं करते थे और न ही उनके कपडे खींचने वालो को झूठे पुलिसिया मुकदमो में फंसाते थे।
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लेकिन जब कोई व्यक्ति संघ के नेताओ को भ्रष्ट कहता है ( जो कि वे है भी ) तो वे 100 फुट ऊँची छलांगे लगाने लगते है, आरोप लगाने वालो को गद्दार कहते है, सोशल मिडिया पर उन्हें ट्रोल करते है, उन पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाते है और उन पर मानहानि के दावे ठोंकते है।
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उदाहरण के लिए, अरुण जेटली एवं केजरीवाल का नमूना देखिये। अरुण जेटली ने दिल्ली में स्थित मॉडर्न फ़ूड हिन्दुस्तान लीवर को 1997 में तब 150 करोड़ में बेच दिया था जब मॉडर्न फ़ूड के पास तब की सरकारी दरों के हिसाब से दिल्ली में 2000 करोड़ की सिर्फ जमीन जमीन ही थी !! और इस फैसले में वाजपेयी की भी मिली भगत थी। इतना ही नहीं, जब सऊदी अरेबिया ने वाजपेयी और जेटली से कहा कि वे ऐसा क़ानून लागू करे जो यह कहता हो कि, -- "किसी 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को अधिकतम 3 वर्ष तक की ही सजा हो सकेगी, चाहे उसने कितने भी अपहरण, हत्याएं एवं बलात्कार कर दिए हो" ! तो वाजपेयी और जेटली ने ठीक यही क़ानून लागू कर दिया था। इस क़ानून को लागू करने के लिए कितने दिरहम या रियाल का लेनदेन हुआ यह सिर्फ वाजपेयी ही जानते है।
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दूसरे शब्दों में , जेटली, वाजपेयी या मोदी साहेब या संघ के अन्य नेता जो भी फैसले करते है उन्हें देखने से ही समझा जा सकता है कि वे भी कांग्रेस के नेताओ की तरह घूस खाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
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पर जब केजरीवाल अरुण जेटली को भ्रष्ट कहते है तो जेटली उन पर मानहानि का दावा दायर कर देते है !!! अरे भय्यू , तेरी कौनसी इज्जत है जो चली गयी है !!!
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कांग्रेस चोरी करती थी, लेकिन सीना जोरी नहीं करती थी। जबकि संघ के नेता चोरी भी करेंगे सीना जोरी भी करेंगे और चोरी का आरोप लगाने वालो को गद्दार भी कहेंगे !! ये सॉलिड राष्ट्रवाद है।
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तो हाँ, हम कह सकते है कि संघ के नेताओ का कांग्रेस के नेताओ से 20% कम भ्रष्ट होना वास्तव में एक सकारात्मक पहलू है। लेकिन उनकी यह मांग एक प्रकार की ज्यादती है कि, यदि तुमने हमें भ्रष्ट कहा तो तुम्हे मानहानि एवं झूठे पुलिसिया मुकदमो का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। चोरी और सीना जोरी का यह पैंतरा संघ के नेताओ को इस आयाम में कांग्रेस के नेताओ से ज्यादा बदतर बना देता है।
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(* - कल्कि पुरुष तृतीय मोदी साहेब का अलंकरण है।
संघ = बीजेपी , में ठीक उसी तरह का घालमेल है जिस तरह गंगाधर = शक्तिमान में है। )
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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