Pawan Jury BhilwaraRj
फार्मा कंपनियों ने मोदी साहेब के मंत्रियो को भारी मात्रा में घूस दी है ताकि खेसारी दाल की बिक्री को वैध किया जाए। कृपया प्रधानमंत्री के ट्विटर हैंडल @PmoIndia पर ट्वीट भेजे कि इस दाल को बेन किया जाए।
.
खेसारी दाल खरपतवार है। इसका स्वाद अन्य खाद्य दालों की तरह ही है। लेकिन इसमें हानिकर एवं विषैले तत्व होते है, जो कि साफ़ दिखायी देने वाले गंभीर तंत्रिका रोगो के जनक है। खेसारी दाल का सेवन करने वाले लोगो के समूह में सामान्य तौर पर 3%-5% लोग लकवा जैसे तंत्रिका रोग से ग्रसित हो जाते है !!
.
साथ ही इस दाल का सेवन करने वालो की एक बड़ी संख्या में चक्कर आना, मूर्छा और अवसाद जैसे मामूली लक्षण भी प्रकट होते है। इस दाल को भूतकाल में कई राजाओ द्वारा प्रतिबंधित किया गया था तथा सिर्फ अकाल जनित भुखमरी के दौरान ही वक्ती तौर पर इसकी खेती की अनुमति दे जाती थी।
.
सन 1961 से इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध रहा।
.
किन्तु फार्मा कम्पनिया चाहती थी कि लोग यह दाल खाएं, अत: 2015 में यह प्रतिबन्ध उठा लिया गया। जितना ही लोग यह दाल खायेंगे उतना ही दवाईयों की बिक्री बढ़ेगी।
.
इस दाल के हानिकर प्रभावों के बारे में विवरण जानने के लिए कृपया यह लिंक देखें --
https://en.wikipedia.org/wiki/Lathyrism ,
https://en.wikipedia.org/wiki/Lathyrus_sativus
---
.
कृपया अपने पीएम साहेब को ट्वीट करे कि इस दाल को बैन किया जाए
.
मेरे द्वारा किया गया ट्वीट -- https://twitter.com/PawanJury/status/889536924658139138
.
उल्लेखनीय है कि मोदी साहेब भी इस दाल को प्रतिबंधित करने का विरोध कर रहे है। और हमेशा की तरह संघ=बीजेपी के कार्यकर्ता भी मोदी साहेब के इस फैसले के साथ है। सोनिया-केजरीवाल एवं उनके अंध भगतो ने भी इस दाल का समर्थन किया है और उन्होंने अब तक इस दाल को बेन करने की कोई मांग नहीं की है।
.
सिर्फ राईट टू रिकॉल पार्टी ही एक मात्र पार्टी है जो इस दाल को प्रतिबंधित करने की मांग कर रही है।
.
"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
.
========